पर्यावरणमध्य प्रदेश

जल स्त्रोतों के संरक्षण एवं पुनर्जीवन के लिये लोगो ने बढ़ाया प्रभावी कदम, जल गंगा मिशन को लेकर ग्रामीण क्षेत्रों किया जा रहा श्रमदान

कई साल पुराने ऐतिहासिक तालाब, कुआँ, बावली की सफाई कर जल स्रोत का उन्‍नयन किया जा रहा है
ब्यूरो चीफ : मनीष श्रीवास
जबलपुर । मध्य प्रदेश सरकार द्वारा जल गंगा मिशन की पहल से प्रदेश, जिला, नगर सहित ग्रामीण क्षेत्रों में श्रमदान करके इन विलुप्त हो रहीं धरोहर को को पुन : जीवित और सुरक्षित रखने को लेकर मध्यप्रदेश सरकार ने 5 जून से लेकर 16 जून 2024 गंगा दशहरा तक जन अभियान चलाया गया है। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य जल है तो कल है, जल है तो जीवन है के उद्देश्‍य से प्रदेश सरकार जल स्त्रोतों को स्‍वच्‍छ एवं अविरल बनाये जाने के लिये जल गंगा संवर्धन अभियान शुरू की है। अभियान तो 16 जून तक चलेगा लेकिन जल स्‍त्रोतों के पुनर्जीवन व पर्यावरण संरक्षण एक सतत् प्रक्रिया है। इसी उद्देश्‍य से जिले में स्थित नदी, तालाबों, कुओं, बावड़ी तथा अन्य जल स्त्रोतों के संरक्षण एवं पुर्नजीवन के लिये जिला प्रशासन के साथ श्रम सेवी संगठन व जन अभियान परिषद की नवांकुर संस्‍थाओं के साथ आम जन द्वारा जल स्‍त्रोतों के चिन्‍हांकन, उनके उन्‍नयन के लिये सतत् प्रयास किया जा रहा है।
जिसको लेकर सिहोरा जनपद पंचायत में पहले ही दिन 5 जून को नमामि गंगे अभियान कार्यक्रम में ग्राम पंचायत खभरा व आश्रित ग्राम पिपरिया में चैक बांध एवं तालाब गहरी करण साथ मझगवा तालाब सासफाई जनप्रतिनिधि के साथ ग्राम वासियों के द्वारा जनभागी से पुरानी जल संरक्षण का जीणोद्वार किया गया! सिहोरा जनपद अध्यक्ष रश्मि मणेंद्र अग्निहोत्री ने जानकारी में बताया कि पेड़ हमारी प्राणवायु है और जल जीवन है इसे बचाने के लिये सभी को आगे आना चाहिए! वहीं सिहोरा जनपद सीईओ प्रभारी जितेंद्र गुप्ता ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्र में अधिक ग्राम पंचायत होने पर हमने पहले ही दिवस से नमामि गंगे जल गंगा मिशन पर कार्य को जनभागी से शुरू किया है छोटे छोटे तालाबों का गहरी करण, साफसफाई के साथ जो धरोहर विलुप्त हो रहीं है उसे बचाने के लिए शासन स्तर पर कार्य किया जा रहा है!
इसी प्रकार से 13 जून को जनपद पंचायत शहपुरा के ग्राम पंचायत भमकी में स्थि‍त 102 साल पुराने ऐतिहासिक भमकी कुंड की सफाई कर जल स्रोत का उन्‍नयन किया गया। इस उन्‍नयन कार्य की अगुवाई क्षेत्रीय विधायक नीरज सिंह द्वारा की गई। कुंड में जमे गाद को हटाने के साथ साफ-सफाई का कार्य सामूहिक सहभागिता के साथ किया गया। इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष आशाा मुकेश गोंटिया, जिला पंचायत की मुख्‍य कार्यपालन अधिकारी जयति सिंह के साथ जिला पंचायत व जनपद स्‍तरीय अधिकारियों के साथ सचिव जीआरएस, जन अभियान परिषद के नवांकुर संस्‍थायें और स्‍थानीय लोग शामिल थे। कुंड की सफाई के दौरान विधायक नीरज सिंह ने कहा कि भविष्‍य को दृष्टिगत रखते हुये जल संरचनाओं के पुनर्जीवन व संरक्षण आवश्‍यक है। उन्‍होंने जल की महत्‍व को बताते हुये कहा कि जल है तो जीवन है, जल है तो कल है। अत: जल के संरक्षण के लिये सभी को सामूहिक प्रयास करने की आवश्‍यकता है। उन्‍होंने कहा कि पीडब्‍ल्‍यूडी मंत्री राकेश सिंह के प्रयास से जिस प्रकार राधा कृष्‍ण बावडी को सुंदर जल मंदिर के रूप में विकसित किया गया है ऐसे ही सभी जल संरचनाओं का विकास होना चाहिये। इसके लिये उन्‍होंने सभी से आग्रह किया है कि वे श्रम दान कर जल संरचनाओं को समृद्ध और सृदृढ बनायें। उन्‍होंने जल गंगा संवर्धन के लिये लोगो से शपथ दिलाते हुये कहा कि सभी लोग जल के संवर्धन व संरक्षण के लिये सक्रिय सहभागिता दे और अपने आस-पास जो भी स्‍थान उपलब्‍ध हो, वहां पौधारोपण करें। पेड़ पौधों की रक्षा व उनका संरक्षण करें, पशु पक्षी व वन्‍य जीवों की सुरक्षा के साथ अपने आस-पास के वातावरण को स्‍वच्‍छ रखें, पॉलीथीन थैली का उपयोग न करें और पर्यावरण को प्रदूष‍ित होने से बचायें। इस अवसर पर चौपाल का कार्यक्रम भी आयोजित किया गया। जहां जल स्रोतों के संरक्षण व संवर्धन के संबंध में प्रेरणास्‍पद जानकारी दी गई। जिला पंचायत की मुख्‍य कार्यपालन अधिकारी ने लेक मेन ऑफ इंडिया आनंद मल्‍लीगामड़ के प्रयासों से कई जगह जल संकट से मुक्ति की अनोखी विचारधारा को सामने रखा। उन्‍होंने कहा कि उनकी ही विचारधारा से जिले में कई जगह लेगून सिस्‍टम से जल संरक्षण का कार्य किया जा रहा है और डिवाट स्ट्रक्चर निर्मित कराया गया है इसका उपयोग कई घरों के उपयोग में किए गए अनुपयोगी पानी को पाईप लाईन नाली के माध्यम से डिवाटस स्ट्रक्चर में ले जाकर सात खंडो से फिल्टर करते हुए अनुपयोगी पानी को विभिन्न प्रकार से उपयोग किया जा सकेगा, जैसे कि मवेशियों, खेतों मे सिचाई पौधारोपण, स्नान, मछली पालन व अनेक प्रकार में उपयोग किया जा सकेगा।

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