पुलिस ने पेश की मानवता की मिशाल, गुमशुदा 2 वर्ष के बच्चें को उसके माता-पिता को किया सुपुर्द

रिपोर्टर : मनीष यादव
पलेरा। अक्सर कहा जाता है कि पुलिस लोगों की रक्षा के साथ -साथ कभी-कभी भगवान का रूप भी धारण कर लेती हैं। ऐसी ही एक घटना आज पलेरा नगर में घटित हुई, 2 वर्ष का बच्चा रोता बिलखता इधर-उधर भटक रहा था तभी पलेरा थाने में पदस्थ प्रधान आरक्षक ग्यासी यादव की नजर पडी। यादव ने मानवता की मिसाल पेश करके सर्वप्रथम तो उस बच्चें को बहला फुसलाकर चुप कराया। इसके बाद उस बच्चे के माता-पिता की खोजबीन मे लग गए। प्रधान आरक्षक ग्यासी यादव तथा सुनील अहिरवार महिला आरक्षक नीतू विश्वकर्मा ने मिलकर कड़ी मेहनत के बाद उस 2 वर्षीय बच्चे के पिता को खोज निकाला जो ठीक तरीके से बोल भी नहीं पा रहा था। खोजने के बाद पता चला कि बच्चे के माता-पिता वार्ड नंबर 3 गंज मोहल्ला पलेरा के निवासी है। तब बच्चें के पिता वृंदावन रैकवार को सुपुर्द कर के पलेरा पुलिस ने राहत की सांस ली। ग्यासी यादव ने बताया कि यह लापता बालक बड़ी देवी माता मंदिर के पास रो रहा था। मैंने अपनी ड्यूटी के साथ-साथ मानवता की ड्यूटी भी निभाई। यही मेरा फर्ज था। उक्त घटना के बाद पलेरा पुलिस की कार्य प्रणाली की चर्चा पूरे नगर में चर्चा का विषय बनी हुई है।



