मध्य प्रदेश

निजी यात्री बसे शासकीय नियंत्रण से बाहर, यात्रियो ने की अनुबंधित बसे चलाने की मांग

रिपोर्टर : कुंदनलाल चौरसिया
गौरझामर । यात्रियो की सुविधा हेतु मध्यप्रदेश शासन के व्दारा पूर्व मे संचालित राज्य परिवहन निगम की यात्री बसो को आनन फानन मे बंद कर उनके स्थान पर तथाकथित रुप से शासकीय परमिट पर निजी बसे चलाई जा रही है निजी बसो मे देखा जा रहा है की इन पर शासन को कोई नियन्त्रण नही है परिणाम स्वरुप इन प्राइवेट यात्री बसो की मनमानी इस समय चरम पर होने से यात्रियो मे भारी असन्तोष व्याप्त है। प्राइवेट बसो मे अनगिनत समस्याये शिकायते लूटखसोट यात्रियो के साथ अभद्र व्यवहार गुण्डागर्दी मनमानी आदि अनियमितताये होने व शिकायत करने पर कोई सुनाई व कार्रवाही नही होने के कारण से यात्रियो का बडी बुरी तरह से शोषण व अपमान हो रहा है। यात्री भयभीत व असुरक्षित यात्रा करने को मजबूर है पीडित परेशान एवं दुखी यात्रियो ने इन निजी यात्री बसो को तत्काल बंद कर उनके स्थान पर पुन.राज्य परिवहन निगम की बसे व निगम से अनुबंधित बसे ही चलाने की पुरजोर मांग की है। यात्रियो ने हमारे संवाददाता को बताया है कि निजी बसो मे नकली टिकिट दिये जा रहे है जिसमें बस कम्पनी का नाम ही नही होता, मनमाना किराया बसूला जा रहा है, जिसका टिकिट मे उल्लेख तक नही होता, खटारा रिजेक्ट बसे खुले आम निर्भीकता से चल रही है कोई भी चालक परिचालक क्लीनर बनकर फर्जी तरीके से बसो मे चलने लगता है बिना परमिट व बिना आवश्यक दस्तावेज के ही अनेको बसे धडल्ले से सडको पर दौड रही है यात्रियो की सुरक्षा को लेकर बसौ मे कोई व्यवस्था नही होती डबल दरवाजे की जगह एक दरवाजे की ही अधिकांश बसे दबंगई से चल रही है सौ किलोमीटर की लम्बी दूरी पर भी मिनी बसे दौड रही है नई बसो कि जगह पुरानी क्षतिग्रस्त जानलेवा व शोर करती धक्का परेट बसे चलने से यात्रियो की सुखद व आरामदेह यात्रा प्रभावित हो रही है ऐसी अनेको अनियमितताओ के साथ निजी यात्री बसे विकल्प के अभाव मे चल रही है जिसमे तानाशाही मौनापाली की हदे पार हो चुकी है। यात्रियो का कहना है कि उनकी सुखद आरामदेह व सम्मानजनक यात्रा के लिये अविलंब निजी बसो के स्थान पर मध्यप्रदेश राज्य परिवहन निगम की बसे चलाई जावे और निजी बसो को यदि चलाया जाता है तो उन्हे पूर्वानुसार राज्य परिवहन से अटैचकर अनुबंध के रुप मे चलाया जावे जिससे वह शासन व निगम के नियंत्रण मे चल सके इससे बेलगाम निरंकुश अनियंत्रित बसो पर रोक लग सके।

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