कृषिमध्य प्रदेश

बादलो की चमक व गडगडाहट के साथ बारिश, किसानो की सांसे हलक मे अटकी

हार्वेस्टर से फसल की कटाई बनी मजबूरी
रिपोर्टर : कुंदनलाल चौरसिया
गौरझामर। आंधी तूफान बिजली की चमक दमक व बादलो की गडगडाहट के साथ गुरुवार की अलसुबह गिरे पानी ने किसानो की सांसे रोक दी, आनन फानन मे किसानों को मजदूरो कटर व थ्रेसर से गेंहू की कटाई छोडकर मजबूरी मे भूसे का त्याग कर अपने खेतो मे हार्बेस्टर चलवाने पड गये है , बादलो की उपस्थिति से हार्बेस्टरो वालो की पौ बारह है हार्बेस्टरो की दुकान चलने से भले ही किसान ने फसलो को नुकसान से बचाने के लिये अपना गेंहू सुरक्षित तो कर लिया लेकिन इस बिडम्बना के बीच पालतु जानवरो गाय-बैल भैस बकरी व अन्य जानवरो का निवाला हार्बेस्टरो ने निगल लिया जिस भूसे को किसान थेसर से काटकर साल भर के लिये मवेशियो के लिए स्टाक करके रख लेते थे वह इस साल बादलो के कारण बदले मौसम और बेमौसम बरसात के चलते रखने से वंचित हो गये। बता दें की क्षेत्र मे आवारा लावारिस यहां वहां भटकने वाले पालतु जानवरो के भटकने का भी मुख्य कारण हार्वेस्टर ही है जिसमे से भूसा नही निकलने के कारण किसान अपने जानवरो को घर पर बांधकर नही रख पा रहा है। कृषि क्रांति के कारण किसानो के पास टैक्टर आने से हरे घास की बीरें जिनसे जानवरो को हरी हरी घास सदैव मिलती रहती थी वह शनैशनै कृषि मे बदल देने से भी हरी घास की पैदावार बंद होने से मवेशियो के निवाले पर दोहरा वजाघात हुआ है दो दिन से बदले मौसम से किसान गम्भीर चिंता में देखा जा रहा है गौरझामर सर्किल फिलहाल प्रकृति की ओलामार से सुरक्षित बताई जा रही है।

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