जिम्मेदार बेखबर: बिना अनुमति नदी के किनारे से मिट्टी खोदकर बना रहे ईंट
प्रतिबंध के बावजूद नदियों से पानी की चोरी कर संचालित किए जा रहे ईंट भट्टे
सिलवानी। विकासखंड में कई स्थानों पर अवैध रूप से ईंट भट्टों का संचालन किया जा रहा है। ईंट के कारोबारियों द्वारा नदियों के किनारे से बिना अनुमति के मिट्टी खोदकर ईंटें बनाई जा रही है। इसके चलते पर्यावरण दूषित हो रहा है। जिस पर प्रषासन द्वारा ध्यान नहीं दिया जा रहा है। ईंट भट्टे संचालक मनमाने दामों पर ईंट बेच रहे हैं। अवैध रूप से मिट्टी खोदकर नदी किनारे बड़ी-बड़ी खाई बना दी गई हैं। प्रषासन की अनुमति के बगैर ईंट बनाने का कारोबार धड़ल्ले से चल रहा है।
जानकारी अनुसार विकासखंड के चुन्हेटिया, चैका, जुनिया, मढ़िया सहित अन्य गांवों में अवैध रूप से ईंट भट्टों का कारोबार चल रहा है। विकासखंड में अवैध ईंट बनाने का कारोबार चल रहा है, लेकिन राजस्व विभाग द्वारा कोई कार्रवाई नहीं की जा रहीै वहीं नदियों के किनारे अवैध रूप से कई खदानें खोदी जा चुकी है। जिससे उनका स्वरूप बिगड़ रहा है।
षासकीय भूमि पर चल रहा कारोबार
ग्रामीण क्षेत्रों में षासकीय भूमि पर भी ईंट भट्टों का करोबार चल रहा है। अवैध रूप से मिट्टी खोदकर जगह-जगह गहरे गड्ढे कर दिए हैं। इससे गांव की नदियों के अस्तिव पर भी खतरा मंडराने लगा है।
अधिकारी नहीं करते हैं निरीक्षण
क्षेत्र में ईंट भट्टे संचालकों द्वारा बगैर अनुमति के कई वर्षों से ईंटें बनाई जा रही हैं। इसकी किसी प्रकार की कोई अनुमति वन विभाग, राजस्व विभाग, माइनिंग एवं पर्यावरण बोर्ड से नहीं ली है। अधिकारी भी ईंट भट्टों का निरीक्षण नहीं करते हैं।
खेतों की उर्वरा क्षमता हो रही कम
जिस क्षेत्र में ईंट बनाने का कारोबार चलता है, वहां के आसपास के खेतों की मिट्टी की उर्वरा क्षमता कम हो जाती है। इससे अच्छी पैदावार नहीं होती हैं ईंटों को आग से पकाया जाता है जिसकी गर्मी के कारण खेतों में भी नुकसान होता है।
नदी से कर रहे पानी की चोरी
सिलवानी क्षेत्र में नदी में से ईंट भट्टा संचालकों द्वारा पानी की चोरी कर ईंट बनाई जा रही हैं। जबकि जिला प्रषासन ने नदी से पानी लेने पर प्रतिबंध लगाया दिया है। इसके बावजूद भी ईंट भट्टा संचालकों द्वारा नदी से अवैध रूप से पानी इंजन और मोटर से लिया जा रहा है। जिस पर प्रषासन द्वारा कोई ध्यान नहीं दे रहा है।



