मध्य प्रदेश

RTE : पहली बार मार्च में प्रवेश, प्रक्रिया शुरू, इस बार ज्यादा सीटें भरने की उम्मीद

रिपोर्टर : शिवलाल यादव
रायसेन । शिक्षा के अधिकार अधिनियम के तहत वंचित और कमजोर वर्ग के विद्यार्थियों को प्राइवेट स्कूलों में प्रवेश की प्रक्रिया पहली बार मार्च महीने से शुरू हो जाएगा। जाे पिछले वर्षों में मई-जून माह में हाेती थी। अब ऐसा होने से इस वर्ष पिछले वर्षों की अपेक्षा ज्यादा सीटें भरने का अनुमान है। क्याेंकि देरी से प्रवेश प्रक्रिया शुरू होने से प्रवेश लेने वालों की संख्या कम होती थी। जिले में पिछले साल करीब 6 हजार से ज्यादा सीटें प्रवेश के लिए आरक्षित की गई थीं। लेकिन इनमें से 5 हजार 446 ने ही ऑनलाइन आवेदन किया था। जबकि एडमिशन सिर्फ 4 हजार 751 का ही हुआ था। इस बार कोरोना प्रभावितों की विभिन्न श्रेणियों को भी आरटीई की प्रवेश प्रक्रिया में शामिल होना है।
इस बारे में आरटीई एडमिशन सर्व शिक्षा अभियान के प्रभारी ने बताया कि पहली बार मार्च के महीने में ही आरटीई के तहत एडमिशन प्रक्रिया शुरू हुई है। इसका फायदा गरीब बच्चों को मिलेगा। प्रक्रिया 13 मार्च से शुरू हो रही है। वंचित और कमजोर वर्ग में आने वाले अभिभावक बच्चों के ऑनलाइन आवेदन करें।समय सीमा में सत्यापित कराएं ताकि ज्यादा से ज्यादा बच्चे इस योजना का लाभ ले सकें। दूसरा चरण 13 अप्रैल से: द्वितीय चरण की प्रवेश प्रक्रिया 13 अप्रैल से होगी। उसी दिन पाेर्टल पर रिक्त सीटों की संख्या दर्शाना होगी। द्वितीय चरण में स्कूलों की च्वाइस को अपडेट किए जाने की प्रक्रिया 13 से 18 अप्रैल तक होगी। द्वितीय चरण में ऑनलाइन लॉटरी द्वारा स्कूल का आवंटन 20 अप्रैल 2023 को होगा।
ऑनलाइन आवेदन व त्रुटि सुधार की प्रक्रिया 23 मार्च तक….
पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन एवं त्रुटि सुधार के लिए विकल्प 13 से 23 मार्च तक रहेगा। ऑनलाइन आवेदन के बाद पोर्टल से पावती 2 प्रति में डाउनलोड कर मूल दस्तावेजों से निकट के शासकीय जनशिक्षा केंद्र रायसेन में सत्यापन कर्ता अधिकारियों से सत्यापन कराने की प्रक्रिया 15 से 25 मार्च 2023 तक होगी। रेंडम पद्धति से ऑनलाइन लॉटरी द्वारा स्कूल आवंटन एवं चयनित आवेदकों को एसएमएस से सूचना 28 मार्च को दी जाएगी। जिन बच्चों का ऑनलाइन लॉटरी के माध्यम से स्कूल आवंटित हुआ है स्कूल में पहुंचकर प्रवेश प्राप्त करने की प्रक्रिया 31 मार्च से 10 अप्रैल तक चलेगी।
महंगा कोर्स, यूनिफार्म नहीं खरीद पाते अभिभावक…..
आरटीई में एडमिशन के बाद प्रदेश सरकार बच्चों की फीस तो जमा कर देते हैं, लेकिन बच्चों का महंगा कोर्स, महंगी यूनिफार्म सहित अन्य औपचारिकताएं पूरी करने में अभिभावकों की हालत खराब हो जाती है। जिस कारण अभिभावक अपने बच्चों को आरटीई में एडमिशन दिलाने में पीछे हट जाते हैं। क्योंकि फीस के अलावा अन्य व्यवस्थाओं अभिभावक पूरी नहीं कर पाते हैं। निजी स्कूलों में नर्सरी का कोर्स ही 3 हजार रुपए से अधिक का आता है। इसके साथ ही सप्ताह में अलग-अलग दिन अलग-अलग एक्टिविटी ऐसी होती हैं कि गरीब परिवार उनकी तैयारी नहीं कर पाते हैं।
प्रवेश की पात्रता के लिए यह होना जरूरी…..
आरटीई में प्रवेश के लिए आवेदक को वंचित वर्ग, कमजोर वर्ग और कोविड से जिनके अभिभावकों का निधन हुआ है ।श्रेणी का होना आवश्यक होगा। वंचित वर्ग में अनुसूचित जाति, जनजाति, वनभूमि के पट्टाधारी परिवार, विमुक्त जाति, निशक्त बच्चे, एचआईवी ग्रस्त बच्चे शामिल होंगे। कमजोर वर्ग में गरीबी रेखा से नीचे रहने वाले परिवार के बच्चे, अनाथ बच्चे, कोरोना से माता-पिता या अभिभावक की मृत्यु के कारण अनाथ हुए बच्चों की शिक्षा, बाल कल्याण योजना के हितग्राही शामिल होंगे।
इधर… 25 मार्च से पांचवीं- आठवीं की परीक्षा, ढाई घंटे का मिलेगा समय….
जिले में 5वीं और 8वीं की परीक्षा की तैयारी अंतिम दौर में है। जिले में इसके लिए कुल 219 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। इन केंद्रों पर जिलेभर के 47 हजार 141 छात्र-छात्राएं परीक्षा देंगे। इस बार परीक्षा में नकल रोकने के लिए विशेष सख्ती रहेगी। खास बात यह है कि इस परीक्षा में बच्चों को 3 घंटे का समय नहीं बल्कि सिर्फ ढाई घंटे का समय ही मिलेगा। परीक्षा 25 मार्च से शुरू होकर 3 अप्रैल तक चलेगी। पहले परीक्षा 23 मार्च से शुरु होना थी। लेकिन अब परीक्षा का टाइम टेबल 25 मार्च से जारी किया गया है। परीक्षा सुबह 9 बजे से 11.30 बजे तक होगी। परीक्षा के दौरान पर्यवेक्षक और केंद्राध्यक्ष बाहर के रहेंगे। जनशिक्षा केंद्रों पर कापियां इकट्ठी होंगी और विकासखंड स्तर पर ही मूल्यांकन होगा।

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