13 वर्षीय नाबालिग के दुष्कर्मी को 20 साल की सजा : बड़े पापा ने ही किया था बलात्कार

गर्भवती होने पर हुआ खुलासा
रिपोर्टर : नीलेश पटेल
मंडीदीप । नाबालिग लड़की के साथ दुष्कर्म करने वाले दोषी को न्यायालय ने 20 वर्ष का सश्रम कारावास और जुर्माने की सजा सुनाई है। लगभग साढ़े 3 माह पहले अपराधी ने अपनी बड़ी मौसी और दादी के घर आई 13 वर्षीय मासूम के साथ घर में घुसकर दुष्कर्म किया था। चार-पांच दिन बाद दूसरी बार भी दुष्कर्म किया। किसी और को बताने पर उसके भाई को जान से मारने की धमकी दी। गर्भवती होने पर जब तबीयत बिगड़ने लगी तब उसने अपनी मां को यह बात बताई। परिजनों ने रायसेन महिला थाने में इसकी शिकायत की थी।
पीड़िता गर्भवती हुए तो हुआ खुलासा
नाबालिग पीड़िता के माता-पिता दोनों रोज मजदूरी का काम करने जाते हैं। लगभग 3.5 महीने पहले पीड़िता उसकी बड़ी मौसी दादी के घर गई थी। उसी समय दोपहर को पीड़िता का बड़ा पापा ने उसका मुंह दबाया और उसका हाथ पकड़कर जबरदस्ती उसे अपने घर के कमरे के अंदर लेकर गया।
कमरा बंद कर जबरदसती उसके साथ दुष्कर्म किया। इसके बाद दोबारा 4-5 दिन बाद दोषी ने उसे घर के बिजली का बिल ले जाने के बहाने बुलाया और दोबारा उसके साथ दुष्कर्म किया। उसे यह बात किसी को बताने पर उसके भाई को जान से मारने की धमकी दी। डर के कारण उसने यह बात किसी को नहीं बताई। जब उसकी गर्भवती होने पर उसकी तबीयत खराब होने लगी तब उसने अपनी मम्मी को पूरी बात बताई।
दोषी को 20 साल की सजा
इस मामले में मप्र शासन की ओर से जिला लोक अभियोजन अधिकारी अनिल मिश्रा और किशोर सहा जिला लोक अभियोजन अधिकारी किरण नंद किशोर ने पैरवी की थी। न्यायाधीश नौशीन खान और विशेष न्यायाधीश (लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम 2012) के तहत निर्णय पारित करते हुए दोषी को 20 साल की सजा सुनाई। साथ ही 8000 रुपए के अर्थदंड से दंडित किया।



