मध्य प्रदेश

भूमि समाधि सत्याग्रह से चेती सरकार, मुख्यमंत्री ने मिलने का दिया समय

रात को जबलपुर में होगी मुख्यमंत्री से वार्ता
रिपोर्टर : सतीश चौरसिया
उमरियापान । सिहोरा को जिला बनाने की मांग को लेकर हो रहे भूमि समा मेंधि सत्याग्रह के लेकर विगत दो दिनों से प्रशासन और आंदोलनकारी के मध्य चल रहे टकराव का सुखद अंत हुआ। 26 अक्टूबर को जब प्रदर्शनकारी प्रशासन द्वारा पुनः गड्ढे पूर देने पर रेत भरी ट्रालियों में समाधि लेकर पहुंचे तो सिहोरा थाना प्रभारी के माध्यम से एसडीएम सिहोरा ने आंदोलनकारी को मुख्यमंत्री कार्यालय का संदेश सुनाया जिसमें आज रात 9 बजे जबलपुर में लक्ष्य जिला सिहोरा आंदोलन समिति के पदाधिकारियों की मुख्यमंत्री मोहन यादव से सिहोरा जिला के संबंध में वार्ता होगी।
लगातार बढ़ता रहा टकराव –
समिति के सदस्य जहां एक ओर भूमि समाधि करने की जोर लगाते दिखे वही प्रशासन आंदोलन न हो इसके लिए हर प्रकार की मशक्कत करता दिखा।सिहोरा में भी प्रशासन ने भूमि समाधि के किए गए गड्ढों को दो बार पूर दिया।
देर रात तक दी समाधि –
शनिवार रात को जब प्रशासन दल बल के साथ दोबारा किए गए गड्ढों को पूरने गया समिति के सदस्य खोदे गए गड्ढों पर रात को समाधि में बैठ गए।इस दौरान दोनों पक्षों में जबरजस्त तनाव बना पर स्थानीय राजनेताओं की उपस्थिति से प्रशासन ढीला पड़ गया।
ट्राली में ली समाधि –
आज जब समिति के सदस्य समाधि के गड्ढों में समाधि लेने पहुंचे तो वहां साफ मैदान था । प्रशासन ने देर रात सारे गड्ढों को पूरकर जगह को समतल कर दिया था।इसके बाद रेत भरी ट्रालियों में समाधि लिए समिति के सदस्य समाधि स्थल पर पहुंच गए।उनका तर्क था कि जब जमीन उपलब्ध नहीं तो भी वे अपना आंदोलन करके रहेंगे।
मुख्यमंत्री से वार्ता एक आशा –
मुख्यमंत्री द्वारा वार्ता का समय मिलने से संपूर्ण सिहोरा में एक आशा की किरण जाग उठी। वर्षों से न्याय की प्रतीक्षा कर रहे प्रत्येक जन जन में अब मुख्यमंत्री मोहन यादव ही एक अंतिम आशा की किरण के रूप में दिखाई दे रहे हैं। सिहोरा वासियों का कहना है कि निश्चित ही सिहोरा को उसका सम्मान और हक वापस दिलाएंगे।

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