नन्हे बच्चों ने रमज़ान के पूरे रोजा रख कर की इबादत

बच्चों ने भीषण गर्मी में भी पूरे रोजे रखकर की इबादत
ब्यूरो चीफ : भगवत सिंह लोधी
तेजगढ़ । रमजान के रोजा बड़ों के साथ-साथ मासूम बच्चों ने भी रखे । कई बच्चे जिंदगी में पहली बार रोजा रख रहे हैं। तपती धूप और गर्मी से बेपरवाह बच्चों ने अपने रब और उसके रसूल की रजा हासिल करने के लिए भूख और प्यास की शिद्दत बर्दाश्त कर अपने मुल्क व पूरी दुनिया में अमनो चैन की दुआ माँगी। कई वर्षों की अपेक्षा इस रमजान में भीषण गर्मी ने रोजेदारों का इम्तिहान लिया। जिन बच्चों ने पहली बार रोजा रखा उनके परिवार वालों ने उनकी हौसला अफजाई की। शाम को इफ्तार के वक्त बच्चों के चेहरे पर खुशी साफ झलक रही थी। रोजा खोलते वक्त सभी ने अपने रब से दुनिया में अमनो चैन की दुआ मांगी । तेजगढ़ मस्जिद ए मुजद्दीद अल्फेसानी के पेश इमाम अहमद अली आफाकी ने बताया कि ऐसे बहुत से बच्चे हैं, जिनकी जिंदगी में पहली बार रोजा रखा है उनमें से सात साल के गुलाम मुइनुद्दीन, अली असगर आफाकी, अब्दुल मुस्तफा आफाकी, साहिल, सलमान, अब्दुल रहमान, अयान, रेहान, साजिया, रुखसार, इशरत आफाकिया, राजा आफाकी सहित 20 बच्चों के पूरे रोजे जा रहे हैं, इन्ही बच्चों ने 35 कुराने पाक की मुकम्मल तिलावत की इन बच्चों को बस्ती के लोगों ने कपड़े व इनामात देकर इनकी हौसला अफजाई की।
बच्चे बेसब्री से कर रहे थे रमजान का इंतजार
सात साल के गुलाम मुइनुद्दीन बताते है कि पहली बार रोजा रखे है। पिछले कई महीने से रमजान के मुबारक महीने का इंतजार कर रहे थे। इस साल रोजा रखकर रब से देश की तरक्की की दुआ मांगी है। 11 साल के अली असगर बिन डॉ अब्दुल हलीम ने बताया कि खुदा की खुशनूदी हासिल करने के लिए भूख और प्यास को बर्दाश्त करना बड़ी बात नहीं है। उनके रोजा रखने पर पूरे घर में खुशी का माहौल है। 12 साल की साजिया बिन्त अब्दुल रशीद कहती हैं कि उनके रोजा रखने पर मां ने उनके खाने के लिए कई पकवान बनाए हैं। उन्हें रोजा रखकर बहुत अच्छा लग रहा है। आगे भी वह रोजा रखेंगी और अल्लाह से देश के अमन चैन की दुआ मागेंगी। तरावीह मौलाना अब्दुल माज़िद आफाकी मुरादाबादी ने पढ़ाई । तेजगढ़ मस्जिद के सदर सप्पी ने बताया की बच्चों को सही तर्बियत दी जाए तो वह दीन के साथ दुनिया में खूब तरक्की कर सकते हैं और ये मेहनत तेजगढ़ पेश इमाम अहमद अली साहब की है । अब ये सभी बच्चे ईद का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं ।

