धार्मिक

देवउठनी एकादशी से लेकर विवाह पंचमी तक, नवंबर में पड़ेंगे ये व्रत-त्योहार

Astologar Gopi Ram : आचार्य श्री गोपी राम (ज्योतिषाचार्य) जिला हिसार हरियाणा मो. 9812224501
श्री हरि‌ नारायण
🔮 देवउठनी एकादशी से लेकर विवाह पंचमी तक, नवंबर में पड़ेंगे ये व्रत-त्योहार…..
🔘 HEADLINES
नवंबर में शुरू हो रहा है मार्गशीर्ष का महीना।* धार्मिक दृष्टि से काफी महत्व रखता है यह माह।*
नवंबर में मनाए जाएंगे कई महत्वपूर्ण व्रत-त्योहार।
💁🏻‍♀️ हिंदू धर्म के अनुसार सप्ताह के सातों दिन या फिर कहें साल के 365 दिन किसी न किसी तीज-त्योहार से जुड़ा रहता है. यदि बात करें नवंबर 2025 की तो दिवाली और छठ के बाद इस महीने में भी कई बड़े पर्व आने वाले हैं. नवंबर महीने में जहां चातुर्मास समाप्त होगा तो वहीं इसी महीने में देवोत्थान एकादशी के दिन भगवान श्री विष्णु योगनिद्रा से जागेंगे. जिसके बाद देवतागण कार्तिक मास की पूर्णिमा तिथि पर दिवाली मनाएंगे. गौरतलब है कि इस पावन पर्व को देव दीपावली के नाम से जाना जाता है.
नवंबर के महीने में तुलसी विवाह, गुरु नानक जयंती, विवाह पंचमी, जैसे कई छोटे बड़े पर्व पड़ेंगे. इस माह भगवान शिव और माता पार्वती का आशीर्वाद बरसाने वाला प्रदोष व्रत और भगवान विष्णु की कृपा बरसाने वाली एकादशी कब पड़ेगी? कब होगा चंद्र दर्शन? आइए जानते हैं आचार्य श्री गोपी राम से नवंबर महीने के हर प्रमुख तीज-त्योहार के बारे में विस्तार से जानने के लिए देखते हैं नवंबर 2025 का पूरा कैलेंडर.
👸🏻 योगनिद्रा से जागेंगे श्री विष्णु
नवंबर माह अत्यंत विशेष माना जाता है। इस महीने दिवाली और तुलसी विवाह जैसे शुभ पर्वों के साथ-साथ चातुर्मास का समापन भी होता है। देवउठनी एकादशी के दिन भगवान विष्णु योगनिद्रा से जागते हैं, जिससे चार माह से रुके हुए सभी शुभ और मांगलिक कार्यों की पुनः शुरुआत होती है। इसी के साथ कार्तिक माह का समापन होकर मार्गशीर्ष माह का आरंभ हो जाता है।
📖 नवंबर के व्रत-त्योहार
🛌🏻 01 नवंबर – देवउठनी एकादशी (हरिप्रबोधिनी एकादशी) – इस तिथि पर प्रभु श्रीहरि 4 माह बाद पुनः योग निद्रा से जागते हैं।
🌳 02 नवंबर – तुलसी विवाह, चातुर्मास समाप्त – देवउठनी एकादशी के एक दिन बार शालिग्राम और तुलसी जी का विवाह किया जाता है।
⚜️ 03 नवंबर -सोम प्रदोष व्रत बैकुंठ चतुर्दशी – बैकुंठ चतुर्दशी के दिन भगवान विष्णु और महादेव की पूजा-अर्चना की जाती है।
🪔 05 नवंबर – देव दीवाली – दीवाली के लगभग 15 दिन बाद देव दीपावली मनाई जाती है। यह पर्व भगवान शिव द्वारा त्रिपुरासुर नामक दैत्य का वध करने के उपलक्ष्य में मनाया जाता है।* कार्तिक पूर्णिमा
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गुरुनानक जयंती
🌨️ *06 नवंबर – मार्गशीर्ष (अगहन) मास शुरू*
💮 07 नवंबर – रोहिणी व्रत – यह जैन धर्म के प्रमुख व्रत-त्योहारों में से एक है, जो भगवान वासुपूज्य को समर्पित है।
🐀 *08 नवंबर – संकष्टी चतुर्थी
👺 12 नवंबर – काल भैरव जयंती – काल भैरव भगवान शिव के उग्र स्वरूप हैं और इस दिन को उनके अवतरण के रूप में मनाया जाता है।
🚩 *15 नवंबर – उत्पन्ना एकादशी 🐬 16 नवंबर – वृश्चिक संक्रांति 🔱 17 नवंबर – सोम प्रदोष व्रत
🌚 20 नवंबर – मार्गशीर्ष अमावस्या
🔯 *25 नवंबर – विवाह पंचमी – त्रेता युग में मार्गशीर्ष शुक्ल पंचमी पर भगवान राम और माता सीता का विवाह हुआ था। इसलिए इस दिन को विवाह पंचमी के रूप में मनाया जाता है। 🎱 *_28 नवंबर – दुर्गाष्टमी व्रत 🌍 *नवंबर 2025 ग्रह गोचर
☄️ *2 नवंबर 2025, रविवार- शुक्र करेंगे तुला राशि में प्रवेश 🌞 *_16 नवंबर 2025, रविवार- सूर्य करेंगे वृ्श्चिक राशि में प्रवेश 🪐 *_26 नवंबर 2025, बुधवार- शुक्र का वृश्चिक राशि में गोचर 🌞 सूर्य: 16 नवंबर तक तुला राशि में, 17 नवंबर से वृश्चिक राशि में ⏳ *मंगल: पूरे महीने वृश्चिक राशि में_
📡 *बुध: 23 नवंबर तक वृश्चिक राशि में, 24 नवंबर से तुला राशि में; 10 नवंबर को वक्री, 29 नवंबर को मार्गी 🫅🏻 *गुरु: कर्क राशि में, 11 नवंबर को वक्री, 11 मार्च 2026 को मार्गी
🪐 शुक्र: 2 नवंबर तक कन्या राशि में, 3-26 नवंबर तक तुला राशि में, 27 नवंबर से वृश्चिक राशि में
👺 *शनि: मीन राशि में, 28 नवंबर को मार्गी*
🤖 राहु: कुंभ राशि में
☄️ केतु: सिंह राशि में

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