आचार्य श्री गोपी राम (ज्योतिषाचार्य) जिला मुख्यालय हरियाणा मो. 9812224501
✦••• जय श्री हरि •••✦
🧾 आज का पंचाग 🧾
शुक्रवार 14 जून 2024
ॐ श्री महालक्ष्म्यै च विद्महे विष्णु पत्न्यै च धीमहि तन्नो लक्ष्मी प्रचोदयात् ॐ॥
🌌 दिन (वार) – शुक्रवार के दिन दक्षिणावर्ती शंख से भगवान विष्णु पर जल चढ़ाकर उन्हें पीले चन्दन अथवा केसर का तिलक करें। इस उपाय में मां लक्ष्मी जल्दी प्रसन्न हो जाती हैं।
शुक्रवार के दिन नियम पूर्वक धन लाभ के लिए लक्ष्मी माँ को अत्यंत प्रिय “श्री सूक्त”, “महालक्ष्मी अष्टकम” एवं समस्त संकटो को दूर करने के लिए “माँ दुर्गा के 32 चमत्कारी नमो का पाठ” अवश्य ही करें ।
शुक्रवार के दिन माँ लक्ष्मी को हलवे या खीर का भोग लगाना चाहिए ।
शुक्रवार के दिन शुक्र ग्रह की आराधना करने से जीवन में समस्त सुख, ऐश्वर्य की प्राप्ति होती है, दाम्पत्य जीवन सुखमय होता है बड़ा भवन, विदेश यात्रा के योग बनते है।
🌐 शुभ हिन्दू नववर्ष 2024 संवत्सर क्रोधी
📖 संवत्सर (उत्तर) कालयुक्त
🧾 विक्रम संवत 2081 विक्रम संवत
🔮 गुजराती संवत 2080 विक्रम संवत
☸️ शक संवत 1946 शक संवत
☪️ कलि संवत 5125 कलि संवत
☣️ आयन – उत्तरायण
☀️ ऋतु – ग्रीष्म ऋतु
🌤️ मास – ज्यैष्ठ मास
🌓 पक्ष – शुक्ल पक्ष
📆 तिथि – शुक्रवार ज्येष्ठ माह के शुक्ल पक्ष अष्टमी तिथि 12:04 AM तक उपरांत नवमी
✏️ तिथि स्वामी – अष्टमी तिथि के देवता हैं रुद्र। इस तिथि को भगवान सदाशिव या रुद्रदेव की पूजा करने से प्रचुर ज्ञान तथा अत्यधिक कांति की प्राप्ति होती है।
💫 नक्षत्र : उत्तराफाल्गुनी – पूर्ण रात्रि तक
🪐 नक्षत्र स्वामी – नक्षत्र के स्वामी सूर्य और स्वामी ग्रह शुक्र हैं.तथा उत्तराफाल्गुनी के देवता अर्यमा होते हैं।
⚜️ योग – सिद्धि योग 07:07 PM तक, उसके बाद व्यातीपात योग
⚡ प्रथम करण : विष्टि – 10:47 ए एम तक
✨ द्वितीय करण : बव – 12:03 ए एम, जून 15 तक बालव
🔥 गुलिक काल : – शुक्रवार को शुभ गुलिक प्रात: 7:30 से 9:00 तक ।
⚜️ दिशाशूल – शुक्रवार को पश्चिम दिशा का दिकशूल होता है।यात्रा, कार्यों में सफलता के लिए घर से दही में चीनी या मिश्री डालकर उसे खाकर जाएँ ।
🤖 राहुकाल -दिन – 10:30 से 12:00 तक राहु काल में कोई भी शुभ कार्य नहीं करना चाहिए |
🌞 सूर्योदयः- प्रातः 05:13:00
🌅 सूर्यास्तः- सायं 06:47:00
👸🏻 ब्रह्म मुहूर्त : 04:02 ए एम से 04:43 ए एम
🌇 प्रातः सन्ध्या : 04:23 ए एम से 05:23 ए एम
🌟 अभिजित मुहूर्त : 11:54 ए एम से 12:49 पी एम
🔯 विजय मुहूर्त : 02:41 पी एम से 03:37 पी एम
🐃 गोधूलि मुहूर्त : 07:19 पी एम से 07:39 पी एम
🏙️ सायाह्न सन्ध्या : 07:20 पी एम से 08:21 पी एम
💧 अमृत काल : 12:06 ए एम, जून 15 से 01:55 ए एम, जून 15
🗣️ निशिता मुहूर्त : 12:02 ए एम, जून 15 से 12:42 ए एम, जून 15
🚓 यात्रा शकुन-शुक्रवार को मीठा दही खाकर यात्रा पर निकलें।
👉🏽 आज का मंत्र-ॐ द्रां द्रीं द्रौं स: शुक्राय नम:।
🤷🏻 आज का उपाय-लक्ष्मी मंदिर में मीठा दही चढ़ाएं।
🌳 वनस्पति तंत्र उपाय-गूलर के वृक्ष में जल चढ़ाएं।
⚛️ पर्व एवं त्यौहार – दुर्गा अष्टमी, मेला क्षीरभवानी (कश्मीर), धीमावती जयंती, राष्ट्रीय ध्वज दिवस, विश्व रक्तदाता दिवस, भारतीय शास्त्रीय संगीतकार हीराबाई बरोदकर जन्म दिवस, कलाकार शेखर सुमन जन्म दिवस, स्वतंत्रता दिवस मलावी, दमित लोगों के लिए स्मृति दिवस आर्मेनिया, ध्वज दिवस, बिहार के मुख्यमंत्री केदार पांडे जन्म दिवस,’आदित्य बिड़ला ग्रुप’ के अध्यक्ष कुमार मंगलम बिड़ला जन्म दिवस, भारतीय फ़िल्म अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत स्मृति दिवस
✍🏼 विशेष:- अष्टमी तिथि को नारियल त्याज्य बताया गया है। अष्टमी तिथि बलवती अर्थात स्ट्रांग तिथि मानी जाती है। इसका मतलब कोई भी विकट कार्य आज आप कर-करवा सकते हैं। इतना ही नहीं अपितु अष्टमी तिथि व्याधि नाशक तिथि भी मानी जाती है। इसका मतलब आज आप कोई भी भयंकर रोगों के इलाज का प्रयत्न भगवान के नाम के साथ करेंगे-करवाएंगे तो निश्चित लाभ होगा। यह अष्टमी तिथि जया नाम से विख्यात मानी जाती है। यह अष्टमी तिथि कृष्ण पक्ष में मध्यम फलदायिनी मानी जाती है।
🏠 Vastu tips 🏡
क्या करे घर मे कपूर का उपाय
ज्योतिष आचार्य श्री गोपी राम बताते हैं कि आप अपने घर में सबसे पहले एक टिकिया कपूर जरूर लें आए. अगर जातक आर्थिक तंगी से लगातार परेशान है. धन तो आता है. लेकिन, घरों में टिकता नहीं है. तोह ऐसे घर के तिजोरी में कपूर का एक खंड लाल कपड़े में बांधकर अवश्य रखना चाहिए.अगर ऐसा करते हैं तो हमेशा धन की बरकत होती रहेगी.
घर के मंदिर मे हर रोज जलाये कपूर
घर का मंदिर सकारात्मक ऊर्जा कास्रोत माना जाता है. अगर आपके घर में नकारात्मक ऊर्जा तथा किसी बुरी नजर का का प्रभाव रहता है. घर के मंदिर में हर रोज एक कपूर और उसमें एक लौंग डालकर जलाएं. इसका प्रभाव आपको तुरंत देखने को मिलेगा.इससे घर में हमेशा सुख शांति बनी रहेगी. सभी देवी देवताओं की कृपा भी बनी रहती है.
घर के मुख्य द्वार पर जलाये दिया जातक अगर हर रोज शाम में घर के मुख्य द्वार पर एक कपूर जलाकर रख दें. तो हमेशा घर में सुख शांति बनी रहेगी. इसके साथ ही आर्थिक उन्नति लगातार होगी. क्योंकि, ऐसा करने से माता लक्ष्मी का आगमन आपके घर में होगा.
🗝️ जीवनोपयोगी कुंजियां ⚜️
कुत्ता देता है ये शुभ और अशुभ संकेत
अगर कुत्ता अचानक धरती पर अपना सिर रगड़े और अगर इस काम को वह बार-बार करे तो उस स्थान पर धन गढ़ा होने की संभावना होती है.
अगर कोई कुत्ता मुंह में रोटी, पूड़ी या हड्डी लाता दिखे तो यह एक शुभ संकेत होता है.
अगर किसी रोगी के सामने कुत्ता अपने हार्ट की जगह या फिर पूंछ को बार-बार चाटे तो इसका अर्थ है कि रोगी की जल्द ही मृत्यु होने वाली है.
यात्रा के दौरान कुत्ता आपके बाईं ओर संग-संग चले तो व्यक्ति को सुंदर स्त्री और धन की प्राप्ति होती है. वहीं अगर कुत्ता दाईं ओर चले तो इसे धन हानि का संकेत माना जाता है.
अगर जुआ खेलने जाते समय दाईं ओर कुत्ता मैथुन क्रिया करता दिखाई दे तो इसका अर्थ है कि उस व्यक्ति को जुएं में भयंकर लाभ मिलने वाला है.
कई सारे कुत्ते एक स्थान पर एकत्र होकर भौंके तो यह संकेत हैं कि उस स्थान पर भयानक विपत्ति आने वाली है.
किसी व्यक्ति के बाएं घुटने को कुत्ता सूंघे तो यह धन प्राप्ति का संकेत है. वहीं, अगर दाहिनी घुटने को सूंघे तो यह पत्नी से झगड़ा होने का संकेत होता है.
🎋 आरोग्य संजीवनी ☘️
खाने के बाद पानी क्यों न पिए? खाना खाने के तुरंत बाद पानी नहीं पीना चाहिए।क्योंकि हमारे पेट में एक अग्नि होती है जिसको जठराग्नि कहते हैं।जठर यानी पेट और अग्नि मतलब आग।यह एक प्रकार की गर्मी होती है,जो की हमारे भोजन को पचाने का काम करती है।जिस प्रकार आग पर पानी डालने से वह बुझ जाती है ठीक उसी प्रकार पानी पी लेने से हमारे पेट की गर्मी यानी जठराग्नि भी शांत हो जाती है और भोजन को पकाने की प्रक्रिया धीमी हो जाती है।इसलिए भोजन करने के तुरंत बाद पानी नहीं पीना चाहिए,लेकिन अगर जरूरी हो तो 1 या 2 घूंट पानी पी लेना चाहिए।
📖 गुरु भक्ति योग 🕯️
क्या इंसानों की तरह जानवरों का भी आध्यात्मिक पक्ष होता है? यदि हाँ, तो उन्हें यह कैसा दिखता है?
हिंदू कर्म-सिद्धांत के आधार पर देखें तो जानवर की योनि, जीव की केवल भोग-भूमि है, जो उसे उसके द्वारा अपने पिछले मनुष्य जन्म में किए गए किन्ही विशेष पाप-कर्मों के फल-स्वरूप एक सीमित अवधि के लिए उस योनि से जुड़े कष्टों को भोगने के लिए मिली है।
मनुष्य योनि से निम्नतर योनियां, जिनमें जानवर और कीड़े-मकोड़े आदि की योनियाँ आती हैं, त्रियंच या नरक की योनियाँ कहलाती हैं। ऐसी योनि (भोग-भूमि) में जीव द्वारा किए गए कर्मों का कोई पाप या पुण्य नहीं होता, बस ऐसी योनि के कष्ट काट लेने से उससे सम्बद्ध पाप कर्म का निवारण हो जाता है। ऐसी योनि में जीव केवल स्वयं को ज़िंदा रखने के लिए अनिवार्य कार्य उसके शरीर में उपस्थित चेतना की उत्प्रेरणा (instinct) से करता है। वह अपनी बुद्धि का सीमित उपयोग भी केवल उन्हीं कार्यों की पूर्ति के लिए कर सकता है। ऐसे कार्यों का कोई आध्यात्मिक पक्ष नहीं होता।
इंसानों की योनि में आये जीव का आध्यात्मिक पक्ष बहुत महत्वपूर्ण है, क्योंकि मनुष्य योनि, जीव की भोग-भूमि होने के साथ-साथ जीव की कर्म-भूमि भी है। अतः बुद्धि-विवेक से युक्त मनुष्य-योनि में जीव जो कुछ अच्छा-बुरा करता है, उससे सम्बंधित पाप-पुण्य फल उसे विभिन्न दुःखदायी और सुखदायी योनियों के रूप में मिलते हैं। एक प्रकार से हर मनुष्य-योनि में किए गए कर्मों के अनुसार जीव के योनि चक्र का नवीनीकरण होता रहता है।
अनंत जन्मों के ज्ञान और संस्कार के प्रभाव में जब जीव किसी मनुष्य योनि में परमेश्वर के वचनों के अनुसार निष्काम कर्म करते हुए अपने पाप-पुण्य कर्मों के फलों को शून्य करने में सफल हो जाता है तो उसके लिए परमेश्वर के मोक्ष (परमानंद) का द्वार खुल जाता है और वह कष्टदायी योनि-चक्रों से सदा के लिए मुक्त हो जाता है।
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⚜️ अष्टमी तिथि के देवता भगवान शिव भोलेनाथ जी माने जाते हैं। इसलिये इस अष्टमी तिथि को भगवान शिव का दर्शन एवं पूजन अवश्य करना चाहिए। आज अष्टमी तिथि में कच्चा दूध, शहद, काला तिल, बिल्वपत्र एवं पञ्चामृत शिवलिंग पर चढ़ाने से भगवान शिव की कृपा सदैव बनी रहती है। घर में कोई रोगी नहीं होता एवं सभी मनोकामनाओं की सिद्धि तत्काल होती है।
मंगलवार को छोड़कर बाकि अन्य किसी भी दिन की अष्टमी तिथि शुभ मानी गयी है। परन्तु मंगलवार की अष्टमी शुभ नहीं होती। इसलिये इस अष्टमी तिथि में भगवान शिव के पूजन से हर प्रकार की सिद्धियाँ प्राप्त होती है। इस अष्टमी तिथि को अधिकांशतः विष्णु और वैष्णवों का प्राकट्य हुआ है। इसलिये आज अष्टमी तिथि में भगवान शिव और भगवान नारायण दोनों का पूजन एक साथ करके आप अपनी सम्पूर्ण मनोकामनायें पूर्ण कर सकते हैं।


