ज्योतिषधार्मिक

Today Panchang आज का पंचांग सोमवार, 08 जुलाई 2024

आचार्य श्री गोपी राम (ज्योतिषाचार्य) जिला मुख्यालय हरियाणा मो. 9812224501
✦••• जय श्री हरि •••✦
🧾 आज का पंचाग 🧾
सोमवार 08 जुलाई 2024
महा मृत्युंजय मंत्र – ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्‌। उर्वारुकमिव बन्धनान्मृत्योर्मुक्षीय माऽमृतात्।।
☄️ दिन (वार) – सोमवार के दिन क्षौरकर्म अर्थात बाल, दाढ़ी काटने या कटाने से पुत्र का अनिष्ट होता है शिवभक्ति को भी हानि पहुँचती है अत: सोमवार को ना तो बाल और ना ही दाढ़ी कटवाएं ।
सोमवार के दिन भगवान शंकर की आराधना, अभिषेक करने से चन्द्रमा मजबूत होता है, काल सर्प दोष दूर होता है।
सोमवार का व्रत रखने से मनचाहा जीवन साथी मिलता है, वैवाहिक जीवन में लम्बा और सुखमय होता है।
जीवन में शुभ फलो की प्राप्ति के लिए हर सोमवार को शिवलिंग पर पंचामृत या मीठा कच्चा दूध एवं काले तिल चढ़ाएं, इससे भगवान महादेव की कृपा बनी रहती है परिवार से रोग दूर रहते है।
सोमवार के दिन शिव पुराण के अचूक मन्त्र “श्री शिवाये नमस्तुभ्यम’ का अधिक से अधिक जाप करने से समस्त कष्ट दूर होते है. निश्चित ही मनवाँछित लाभ मिलता है।
🌐 शुभ हिन्दू नववर्ष 2024 संवत्सर क्रोधी
📖 संवत्सर (उत्तर) कालयुक्त
🧾 विक्रम संवत 2081 विक्रम संवत
🔮 गुजराती संवत 2080 विक्रम संवत
☸️ शक संवत 1946 शक संवत
☪️ कलि संवत 5125 कलि संवत
🕉️ शिवराज शक 351
☣️ आयन – दक्षिणायन
☀️ ऋतु – सौर वर्षा ऋतु
🌤️ मास – आषाढ़ मास
🌔 पक्ष – शुक्ल पक्ष
📆 तिथि – सोमवार आषाढ़ माह के शुक्ल पक्ष तृतीया – पूर्ण रात्रि तक
✏️ तिथि स्वामी : तृतीया तिथि के देवता हैं यक्षराज कुबेर। इस तिथि में कुबेर का पूजन करने से व्यक्ति धनवान बन जाता है।
💫 नक्षत्र – नक्षत्र पुष्य 06:02 AM तक उपरांत आश्लेषा
🪐 नक्षत्र स्वामी – पुष्य नक्षत्र का स्वामी शनि व अधिष्ठाता बृहस्पति देव हैं।
⚜️ योग – वज्र योग 02:06 AM तक, उसके बाद सिद्धि योग
प्रथम करण : तैतिल – 05:29 पी एम तक
द्वितीय करण : गर – पूर्ण रात्रि तक
🔥 सोमवार का शुभ गुलिक कालः-शुभ गुलिक काल 01:42:00 P.M से 02:59:00 P.M बजे तक
⚜️ दिशाशूलः- आज के दिन पूर्व दिशा की यात्रा नहीं करना चाहिए यदि यात्रा करना ज्यादा आवश्यक हो तो घर से दर्पण देखकर या दूध पीकर जायें।
🤖 राहुकालः- आज का राहु काल 08:31:00 A.M से 09:49:00 A.M बजे तक
🌞 सूर्योदयः- प्रातः 05:14:00
🌅 सूर्यास्तः- सायं 06:46:00
👸🏻 ब्रह्म मुहूर्त : 04:09 ए एम से 04:49 ए एम
🌇 प्रातः सन्ध्या : 04:29 ए एम से 05:30 ए एम
🌟 अभिजित मुहूर्त : 11:58 ए एम से 12:54 पी एम
🔯 विजय मुहूर्त : 02:45 पी एम से 03:40 पी एम
🐃 गोधूलि मुहूर्त : 07:21 पी एम से 07:42 पी एम
🏙️ सायाह्न सन्ध्या : 07:23 पी एम से 08:23 पी एम
सर्वार्थ सिद्धि योग : 05:30 ए एम से 06:03 ए एम
🗣️ निशिता मुहूर्त : 12:06 ए एम, जुलाई 09 से 12:47 ए एम, जुलाई 09
🚓 यात्रा शकुन-मीठा दूध पीकर यात्रा करें।
👉🏽 आज का मंत्र-ॐ सौं सौमाय नम:।
🤷🏻 आज का उपाय-बहते जल में 250 ग्राम बताशे प्रवाहित करें।
🪵 वनस्पति तंत्र उपाय-पलाश के वृक्ष में जल चढ़ाएं।
⚛️ पर्व एवं त्यौहार – राष्ट्रीय फ्रीज़र पॉप दिवस, अंतर्राष्ट्रीय टाउन क्रियर्स दिवस, भारतीय क्रिकेटर सौरव गांगुली जन्म दिवस, विश्व रेड क्रॉस दिवस, राष्ट्रीय डॉलर दिवस, राष्ट्रीय रास्पबेरी दिवस, प्रधानमंत्री चन्द्रशेखर सिंह पुण्य तिथि
✍🏼 विशेष – तृतीया तिथि में नमक का दान तथा भक्षण दोनों ही त्याज्य बताया गया है। तृतीया तिथि एक सबला अर्थात बल प्रदान करने वाली तिथि मानी जाती है। इतना ही नहीं यह तृतीया तिथि आरोग्यकारी रोग निवारण करने वाली तिथि भी मानी जाती है। इस तृतीया तिथि की स्वामिनी माता गौरी और इसके देवता कुबेर देवता हैं। यह तृतीया तिथि जया नाम से विख्यात मानी जाती है। यह तृतीया तिथि शुक्ल पक्ष में अशुभ तथा कृष्ण पक्ष में शुभफलदायिनी मानी जाती है।
🏘️ Vastu tips 🏚️
घर का वास्तु- ध्यान रखनी चाहिए ये बातें
कमरे का आकार: नए घर का वास्तु में से एक है कमरों का आकार सही होना के अनुसार, घर का आकार वर्गाकार या आयताकार होना चाहिए।
कमरे का वास्तु: घर के कमरे अच्छी रोशनी वाले, हवादार और साफ-सुथरे होने चाहिए।
फर्नीचर: घर के वास्तु के अनुसार, आपका भारी फर्नीचर जैसे बेड और अलमारी दक्षिण-पश्चिम दिशा में रखा जाना चाहिए। नए घर में सीढ़ियाँ दक्षिण-पश्चिम दिशा में बनाना चाहिए।
वास्तु के अनुसार पानी: घर के लिए एक महत्वपूर्ण वास्तु टिप्स है कि पौधे व पानी के माध्यम जैसे पानी की पेंटिंग, फव्वारा, मछलीघर आदि रखें।
डाइनिंग टेबल के लिए वास्तु टिप: आपके डाइनिंग स्पेस के लिए घर का एक महत्वपूर्ण वास्तु यह है कि यह मुख्य दरवाजे के पास नहीं होना चाहिए।
🔏 जीवनोपयोगी कुंजियां ⚜️
पहले एक बात: दाँत का कीड़ा कोई सचमुच का कीड़ा नहीं होता। देहातों में रोगियों को उल्लू बना कर कीड़ा निकालने का ढोंग करने वाले झोला छाप डॉक्टरों की कमी नहीं है। कृपया एक डिग्रीधारी दंत चिकित्सक के पास ही जाएं। देसी नुस्खों के नाम पर अपने मुंह में किसी नीम हकीम को प्रयोग न करने दें।
जब दाँत के ठोस पदार्थ जीवाणुओं (बैक्टीरिया) द्वारा बनाए अम्ल से गल जाते हैं और दाँत में गड्ढा हो जाता है, उसे ही दाँत में कीड़ा लगना कहते हैं।
चूंकि दाँत का इनेमल (ऊपरी ठोस परत) और डेंटिन (अंदरूनी कम ठोस परत) अपने आप वापस नहीं आते, न ही हड्डी की तरह इनके घाव वापस भरते हैं इसलिए दाँत की कैविटी का एकमात्र उपचार फिलिंग करवा कर ही हो सकता है।
यदि दर्द है तो डेंटिस्ट आपके दाँत की नस को अपने औज़ारों द्वारा हटा कर, फिलिंग करेंगे। इस प्रक्रिया को रुट कैनाल ट्रीटमेंट कहते हैं।
🩸 आरोग्य संजीवनी 💊
मस्से हटाने की होम्योपैथिक क्रीम क्या है?
होम्योपैथिक क्रीम का मुझे पता नहीं परंतु देसी और कारगार नुस्खा मुझे पता है।
मेरा दोस्त पांच सालों से मस्सों से परेशान था। उसने है तरह की दवाई आजमाई पर कोई असर नहीं हुआ। फिर उसने इस नुस्खे को आजमाया । एक महीने के भीतर उसके सारे मस्से गायब हो गए। आज तीन साल बीत जाने के बाद भी उसे ये दिक्कत कभी नहीं आई।
आक के पते का दूध । जी हां आक के पते के दूध को मस्सों पर लगाने से मस्से धीरे धीरे समाप्त हो जाते हैं। ये ही परमानेंट इलाज है।
🌷 गुरु भक्ति योग 🌸
भूलने की बीमारी किस ग्रह से सम्बंधित है इसका क्या उपाय है?
भुल जाना, भावुक स्वभाव, भोलापन, पढाई में कमजोर, नई चीजें सिखने में संकोच करना, शीघ्र बहकावे में आना, विपरित परिस्थितियों में घबराना, नजला जुकाम रहना, शर्मिला स्वभाव जैसे गुन अवगुण खराब चंद्रमा के कारण मनुष्य भोगता है।
चंद्रमा खराब 4 कारणों से होता है। चंद्रमा पर शनि द्रष्टि, समझो चंद्रमा गया कालसर्प दोष में चंद्रमा सदैव पीड़ित होगा राहु संग बैठे, शनि संग बैठे पाप ग्रह से दृष्ट चंद्रमा की दशा आ जाए यह कारन अगर है‌ तो चंद्र पीड़ित होगा। इसके उपाय है:
दो मुखी रुद्राक्ष सोमवार के दिन धारण करें प्रतिदिन शिव चालीसा करें और सोमवार को मंदिर अवश्य जाएं अधिक से अधिक सफेद वस्त्र पहने ठोस व‌ शुद्ध चांदी का कड़ा हाथ में धारण करें
शुक्ल पक्ष की दूज को चंद्रमा को दूध का अर्क दें चंद्रमा जिस ग्रह द्वारा पीड़ित हो उसके उपाय भी करें अगर चंद्रमा की दशा चल रही हो तो सब्र से काम ले और शुभ दशा आने की प्रतीक्षा करें। शिव पूजन करते रहें।
विशेष तौर पर नेत्र और गले का ध्यान रखें अपनी मां की सेवा करें। कभी भी बहस ना करें
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⚜️ तृतीया तिथि केवल बुधवार की हो तो अशुभ मानी जाती है। अन्यथा इस तृतीया तिथि को सभी शुभ कार्यों में लिया जा सकता है। आज तृतीया तिथि को माता गौरी की पूजा करके व्यक्ति अपनी मनोवाँछित कामनाओं की पूर्ति कर सकता है। आज तृतीया तिथि में एक स्त्री माता गौरी की पूजा करके अचल सुहाग की कामना करे तो उसका पति सभी संकटों से मुक्त हो जाता है। आज तृतीया तिथि को भगवान कुबेर जी की विशिष्ट पूजा करनी चाहिये। देवताओं के कोषाध्यक्ष की पूजा आज तृतीया तिथि को करके मनुष्य अतुलनीय धन प्राप्त कर सकता है।
तृतीया तिथि में जन्म लेने वाला व्यक्ति मानसिक रूप से अस्थिर होता है अर्थात उनकी बुद्धि भ्रमित होती है। इस तिथि का जातक आलसी और मेहनत से जी चुराने वाला होता है। ये दूसरे व्यक्ति से जल्दी घुलते मिलते नहीं हैं बल्कि लोगों के प्रति इनके मन में द्वेष की भावना भी रहती है। इनके जीवन में धन की कमी रहती है, इन्हें धन कमाने के लिए काफी मेहनत और परिश्रम करना पड़ता है।

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