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Today Panchang आज का पंचांग सोमवार, 09 मार्च 2026

आचार्य श्री गोपी राम (ज्योतिषाचार्य) जिला हिसार हरियाणा मो. 9812224501
✦••• जय श्री हरि •••✦
🧾 आज का पंचाग 🧾
सोमवार 09 मार्च 2026_
09 मार्च 2026 दिन सोमवार को चैत्र मास के कृष्ण पक्ष की षष्ठी तिथि है। आज़ श्री स्कन्दषष्ठी व्रत है। आप रवि योग एवं सर्वार्थ सिद्धि योग भी है। आप सभी सनातनियों को “श्री स्कन्दषष्ठी व्रत” की हार्दिक शुभकामनायें।।
महा मृत्युंजय मंत्र – ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्‌। उर्वारुकमिव बन्धनान्मृत्योर्मुक्षीय माऽमृतात्।।
☄️ दिन (वार) – सोमवार के दिन क्षौरकर्म अर्थात बाल, दाढ़ी काटने या कटाने से पुत्र का अनिष्ट होता है शिवभक्ति को भी हानि पहुँचती है अत: सोमवार को ना तो बाल और ना ही दाढ़ी कटवाएं ।
*सोमवार के दिन भगवान शंकर की आराधना, अभिषेक करने से चन्द्रमा मजबूत होता है, काल सर्प दोष दूर होता है। *सोमवार का व्रत रखने से मनचाहा जीवन साथी मिलता है, वैवाहिक जीवन में लम्बा और सुखमय होता है।
जीवन में शुभ फलो की प्राप्ति के लिए हर सोमवार को शिवलिंग पर पंचामृत या मीठा कच्चा दूध एवं काले तिल चढ़ाएं, इससे भगवान महादेव की कृपा बनी रहती है परिवार से रोग दूर रहते है।
सोमवार के दिन शिव पुराण के अचूक मन्त्र “श्री शिवाये नमस्तुभ्यम’ का अधिक से अधिक जाप करने से समस्त कष्ट दूर होते है. निश्चित ही मनवाँछित लाभ मिलता है
🔮 शुभ हिन्दू नववर्ष 2025 विक्रम संवत : 2082 कालयक्त विक्रम : 1947 नल
🌐 कालयुक्त संवत्सर विक्रम संवत 2082,
✡️ शक संवत 1947 (विश्वावसु संवत्सर), चैत्र
👸🏻 शिवराज शक 352 प्रारम्भ
☮️ गुजराती सम्वत : 2081 नल
☸️ काली सम्वत् 5126
🕉️ संवत्सर (उत्तर) क्रोधी
☣️ आयन – उत्तरायण
🌧️ ऋतु – सौर बसंत ऋतु
⛈️ मास – चैत्र मास
🌗 पक्ष – कृष्ण पक्ष
📆 तिथि – सोमवार चैत्र माह के कृष्ण पक्ष षष्ठी तिथि 11:27 PM तक उपरांत सप्तमी
🖍️ तिथी स्वामी – षष्ठी के देता हैं कार्तिकेय। इस तिथि में कार्तिकेय की पूजा करने से मनुष्य श्रेष्ठ मेधावी, रूपवान, दीर्घायु और कीर्ति को बढ़ाने वाला हो जाता है। यह यशप्रदा अर्थात सिद्धि देने वाली तिथि हैं।
💫 नक्षत्र – नक्षत्र विशाखा 04:11 PM तक उपरांत अनुराधा
🪐 नक्षत्र स्वामी – विशाखा नक्षत्र के स्वामी बृहस्पति (गुरु) हैं। विशाखा नक्षत्र के देवता इन्द्र देव एवं अग्नि देवजी और स्वामी गुरु हैं।
⚜️ योग – व्याघात योग 07:35 AM तक, उसके बाद हर्षण योग
प्रथम करण : गर 10:17 AM तक
द्वितीय करण : वणिज 11:27 PM तक, बाद विष्टि
🔥 सोमवार का शुभ गुलिक कालः-शुभ गुलिक काल 01:42:00 P.M से 02:59:00 P.M बजे तक
⚜️ दिशाशूलः- आज के दिन पूर्व दिशा की यात्रा नहीं करना चाहिए यदि यात्रा करना ज्यादा आवश्यक हो तो घर से दर्पण देखकर या दूध पीकर जायें।
🤖 राहुकालः- आज का राहु काल 08:26:00 A.M से 09:39:00 A.M बजे तक
🌞 सूर्योदयः – प्रातः 06:22:00
🌅 सूर्यास्तः – सायं 06:03:00
👸🏻 ब्रह्म मुहूर्त : 05:00 ए एम से 05:49 ए एम
🌇 प्रातः सन्ध्या 05:25 ए एम से 06:38 ए एम
🌟 अभिजित मुहूर्त 12:08 पी एम से 12:55 पी एम
✡️ विजय मुहूर्त 02:30 पी एम से 03:17 पी एम
🐃 गोधूलि मुहूर्त 06:23 पी एम से 06:48 पी एम
🏙️ सायाह्न सन्ध्या 06:26 पी एम से 07:39 पी एम
सर्वार्थ सिद्धि योग 04:11 पी एम से 06:37 ए एम, मार्च 10
🗣️ निशिता मुहूर्त 12:07 ए एम, मार्च 10 से 12:56 ए एम, मार्च 10
❄️ रवि योग 04:11 पी एम से 06:37 ए एम, मार्च 10
🚓 यात्रा शकुन-मीठा दूध पीकर यात्रा करें।
👉🏼 आज का मंत्र-ॐ सौं सौमाय नम:।
🤷🏻‍♀️ आज का उपाय-शिवजी का दुग्धाभिषेक करें।
🪵 वनस्पति तंत्र उपाय-पलाश के वृक्ष में जल चढ़ाएं।
⚛️ पर्व एवं त्यौहार – श्री एकनाथ षष्ठी/ भद्रा/ विंछुड़ो/ सर्वार्थ सिद्धि योग/ रवि योग/ विडाल योग/ भारतीय व्यवसायी नवीन जिंदल जन्म दिवस, संत तुकाराम स्मृति दिवस, केंद्रीय मंत्री व अर्थशास्त्री शशि थरूर जन्म दिवस, मशहूर तबला वादक उस्ताद ज़ाकिर हुसैन जन्म दिवस, प्रसिद्ध साहित्यकार डॉ. नगेन्द्र जन्म दिवस, राष्ट्रीय मार्सिया दिवस, राष्ट्रीय मीटबॉल दिवस, राष्ट्रीय झपकी दिवस, राष्ट्रीय घबराहट दिवस, नकली दांत दिवस, ज़वेरचंद कालिदास मेघानी जन्म दिवस, देविका रानी चौधरी जयन्ती, जॉय मुखर्जी जन्म दिवस, पॉल सुधीर अरुल कलानिधि पुण्य तिथि, राष्ट्रीय बार्बी दिवस, राष्ट्रीय “इसे भूल जाओ” दिवस
✍🏼 *तिथि विशेष – षष्ठी तिथि को तैल कर्म अर्थात शरीर में तेल मालिश करना या करवाना एवं सप्तमी तिथि को आँवला खाना तथा दान करना भी वर्ज्य बताया गया है। इस षष्ठी तिथि के स्वामी भगवान शिव के पुत्र स्वामी कार्तिकेय जी को बताया गया हैं। यह षष्ठी तिथि नन्दा नाम से विख्यात मानी जाती है। यह षष्ठी तिथि शुक्ल एवं कृष्ण दोनों पक्षों में मध्यम फलदायीनी मानी जाती है। इस तिथि में स्वामी कार्तिकेय जी के पूजन से सभी कामनाओं की पूर्ति होती है। विशेषकर वीरता, सम्पन्नता, शक्ति, यश और प्रतिष्ठा कि अकल्पनीय वृद्धि होती है। 🗽 *_Vastu tips* 🏚️
लोबान और गुग्गल पेड़ों से निकलने वाली प्राकृतिक राल होती हैं, जिन्हें प्राचीन समय से पूजा और आयुर्वेद में इस्तेमाल किया जाता रहा है। कपूर जहां तुरंत वातावरण को महकाकर ऊर्जा देता है, वहीं लोबान और गुग्गल हवा की गहराई से सफाई करते हैं। लोबान को तनाव कम करने और मन को शांत रखने के लिए जाना जाता है, जबकि गुग्गल वातावरण से हानिकारक बैक्टीरिया को खत्म करने में सहायक माना जाता है।
बीमारियों से मुक्ति
कपूर के साथ गुग्गल और लोबान जलाने से निकलने वाला धुआं एंटी-बैक्टीरियल और एंटी-फंगल गुणों से भरपूर होता है। यह घर के कोनों में छिपे सूक्ष्म कीटाणुओं को नष्ट करता है, जो सर्दी, खांसी और सांस से जुड़ी परेशानियों का कारण बन सकते हैं। खासतौर पर बदलते मौसम और मानसून के समय यह उपाय प्राकृतिक एयर प्यूरीफायर की तरह काम करता है।
♻️ जीवनोपयोगी कुंजियां ⚜️
फाइबर युक्त नाश्ता
सुबह के नाश्ते में फल, दलिया, जई (Oats), बीज जैसे अलसी या चिया शामिल करें।* फाइबर खाने से मल नरम होता है और नियमित रूप से बाहर आता है।*
जैसे- केला, सेव, संतरा, अनार अच्छे विकल्प हैं।* हल्की व्यायाम या स्ट्रेचिंग*
सुबह उठकर 10–15 मिनट स्ट्रेचिंग या योग करें।* *विशेषकर सूर्य नमस्कार, वज्रासन और पवनमुक्तासन पेट की मांसपेशियों को सक्रिय करते हैं।
*इससे मलाशय और आंत सक्रिय होकर मल आसानी से बाहर आता है। प्राकृतिक उपाय
अलसी या तिल: 1–2 चम्मच अलसी के बीज या तिल पानी के साथ सुबह खाएं।
*
गुनगुना पानी + सेंधा नमक: कभी-कभी हल्का नमक मिलाकर पानी पीना भी पाचन को तेज करता है।
हरी सब्ज़ियाँ: पालक, मेथी और मटर जैसी सब्ज़ियों में फाइबर अधिक होता है।* कब्ज़ से बचने के लिए आदतें*
पानी पर्याप्त पिएँ: दिन में कम से कम 8–10 गिलास।
बैठकर समय लें: सुबह जल्दी मत छोड़ें; मल को आराम से बाहर आने दें।* *प्रोबायोटिक लें: दही या किफ़िर पेट की बैक्टीरिया को संतुलित रखता है।
🫐 *आरोग्य संजीवनी* 🫒
शुगर को जड़ से खत्म करने की बजाय आपको इसे जड़ से समझना होगा। सबसे पहले अपने खान-पान पर ध्यान दें। सफेद चीनी, मैदा, कोल्ड ड्रिंक, तला-भुना और प्रोसेस्ड फूड कम करें। अपनी डाइट में हरी सब्ज़ियाँ, सलाद, दालें, साबुत अनाज और प्रोटीन शामिल करें। भोजन समय पर और सीमित मात्रा में लें।
*दूसरा महत्वपूर्ण कदम है रोज़ाना शारीरिक गतिविधि। कम से कम 30–45 मिनट तेज़ चाल से चलना, योग या हल्का व्यायाम करना इंसुलिन सेंसिटिविटी बढ़ाने में मदद करता है। वजन नियंत्रित रखना भी बहुत जरूरी है, क्योंकि पेट के आसपास की अतिरिक्त चर्बी शुगर बढ़ाने में बड़ी भूमिका निभाती है। *तनाव कम करना और पर्याप्त नींद लेना भी उतना ही महत्वपूर्ण है। लगातार तनाव से हार्मोनल असंतुलन होता है, जिससे ब्लड शुगर बढ़ सकता है। साथ ही, नियमित रूप से ब्लड शुगर की जांच करवाते रहें और डॉक्टर की सलाह के अनुसार दवा या इंसुलिन लेते रहें। बिना सलाह दवा बंद करना खतरनाक हो सकता है।
*सही मार्गदर्शन, संतुलित आहार, नियमित व्यायाम और समय पर जांच ये चार चीजें मिलकर शुगर को लंबे समय तक नियंत्रण में रख सकती हैं। अगर आप भी शुगर को कंट्रोल या रिवर्स करना चाहते हैं, तो व्यक्तिगत परामर्श और सही उपचार योजना बहुत मददगार हो सकती है। सही समय पर सही कदम उठाना ही सबसे बड़ा इलाज है। 📖 *गुरु भक्ति योग* 🕯️ एक बार की बात है। गोस्वामी तुलसी दास जी अवध में थे। वे सरयू नदी में स्नान करने आए। जब वे नदी में उतर कर अंदर की ओर जा रहे थे, उसी समय एक महिला भी वहां स्नान करने पहुंची। उसे जल्दी स्नान करना था।*
उसने तुलसीदास जी को देख कर प्रणाम किया और कहा, “बाबा जी! मुझे शीघ्र स्नान करना अनिवार्य है। आप उस ओर मुख कर नदी में खड़े हो जाईए।* आपको आपके राम जी की शपथ है, जब तक मैं ना कहूँ, आप न पीछे मुड़ कर देखेंगे, न नदी से बाहर निकलेंगे।*
गोस्वामी जी ने भी उन महिला को अस्वासन दे, नदी में महिला की ओर पीठ घुमा कर खड़े हो गए।* कड़ाके की ठंड पड़ रही थी। महिला जल्दी जल्दी नहा कर भागी। जल्दबाजी में वह महिला गोस्वामी जी को पीछे मुड़ने व बाहर निकलने को कहना भूल गई। इस कारण गोस्वामी जी घंटों नदी में ही रह गए।*
जब इतनी देर हो गई और गोस्वामी जी मंदिर नहीं पहुंचे। तब लोग हर जगह उन्हें ढूंढने लगे। ढूंढते ढूंढते पता चला की, गोस्वामी जी स्नान करने गए थे। तब से अभी तक वापस नहीं आए हैं।* उनके साथ के लोग सरयू नदी के किनारे जा पहुंचे। उन्होंने वहां पाया की गोस्वामी जी नदी में खड़े हैं।*
उन्होंने गोस्वामी जी से बाहर निकालने का आग्रह किया। तब गोस्वामी जी ने मना करते हुए कहा, “मैं बाहर नहीं निकल सकता हूँ।* एक महिला ने मुझसे शपथ ली है। यदि वह देवी मुझे बाहर निकलने को कहेंगी तभी मैं बाहर निकल सकता हूं।”*
तुलसीदास जी की बात सुनकर सभी लोग हैरान हो गए। धीरे-धीरे यह बात राजा के पास पहुंच गई। राजा कुछ समझ नहीं पाए। वह शीघ्र ही गोस्वामी जी के पास पहुंचे।* राजा ने गोस्वामी जी से बाहर निकलने की विनती करते हुए कहा, “किसी व्यक्ति की शपथ के कारण इस कड़ाके की ठंड में नदी में खड़े रहना स्वास्थ्य के लिए सही नही है। सबसे महत्वपूर्ण आपका स्वास्थ्य है।”*
परंतु, गोस्वामी जी ने उन्हें मना करते हुए बताया कि, “मेरे से कहीं अधिक मेरे प्रभु का नाम महत्वपूर्ण है। उन देवी ने मुझे मेरे प्रभु श्री राम की शपथ दिलाई थी। उनका नाम मेरे पूरे अस्तित्व से अधिक महत्वपूर्ण है।”* राजा ने गोस्वामी जी से पूछा, “बाबा जी! उन देवी का नाम क्या है? कहाँ की रहने वाली हैं वो?”*
इस प्रश्न पर तुलसीदास जी ने राजा से कहा, “मुझे ज्ञात नही है।” तब राजा ने पूरे अवध में ढोल बजवा के उन महिला को शीघ्र सरयू नदी के तीर पर उपस्थित होकर गोस्वामी जी को शपथ मुक्त करने का आदेश दिया।* उन महिला को जैसे ही अपनी गलती का आभास हुआ। वे दौड़ती हुई, नदी के तीर पर जा पहुंची।*
वहाँ हाथ जोड़ कर क्षमा याचना करती हुई गोस्वामी जी से कहने लगी, “बाबा जी! अब आप पीछे मुड़ सकते है और नदी से बाहर भी निकल सकते हैं।”* फिर कहने लगी, “हे बाबा जी! मुझसे बड़ा अपराध हुआ। मैं दंड की भागी हूँ। यदि आप की दया हो तो क्षमा करें।”*
गोस्वामी तुलसीदास ने मुस्काते हुए कहा, “नही देवी! आपसे कोई अपराध नही हुआ है। मेरे प्रभु चाहते थे कि मैं यहां एकांत में श्री सरयू जी के जल में उनकी भक्ति करूँ।
मुझे ऐसा करने का शुभअवसर प्राप्त हुआ। इसके लिए आपको धन्यवाद।”
*_ऐसे होते है सिद्ध पुरुष। अन्तः शांत। यह भारत भूमि है, देवभूमि है। जिसे भगवान भी अवतरित होने के योग्य समझते हैं। भारत भूमि संतों की भूमि है। ━━━━━━━✧❂✧━━━━━━━
⚜️ षष्ठी तिथि आपके उपर यदि मंगल कि दशा चल रही हो और आप किसी प्रकार के मुकदमे में फंस गये हों तो षष्ठी तिथि को भगवान कार्तिकेय स्वामी का पूजन करें। मुकदमे में अथवा राजकार्य से सम्बन्धित किसी भी कार्य में सफलता प्राप्ति के लिये षष्ठी तिथि को सायंकाल के समय में किसी भी शिवमन्दिर में षण्मुख के नाम से छः दीप दान करें। कहा जाता है, कि स्वामी कार्तिकेय को एक नीला रेशमी धागा चढ़ाकर उसे अपने भुजा पर बाँधने से शत्रु परास्त हो जाते हैं। साथ ही सर्वत्र विजय कि प्राप्ति होती है।

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