ज्योतिषधार्मिक

Today Panchang आज का पंचांग शनिवार, 27 जुलाई 2024

आचार्य श्री गोपी राम (ज्योतिषाचार्य) जिला मुख्यालय हरियाणा मो. 9812224501
✦••• जय श्री हरि •••✦
🧾 आज का पंचाग 🧾
शनिवार 27 जुलाई 2024
27 जुलाई 2024 दिन शनिवार को श्रावण मास के कृष्ण पक्ष की सप्तमी तिथि है। आज की सप्तमी को उड़ीसा में शीतला सप्तमी के नाम से मनाया जाता है। आज जैन लोगों का णमोकार 34 व्रत द्वितीया का उपवास (जैन पञ्चांग के अनुसार) किया जायेगा। आज यायीजययोग भी है। आप सभी सनातनियों को “उड़ीसा की शीतला सप्तमी व्रत के पावन पर्व” की हार्दिक शुभकामनायें।।
शनि देव जी का तांत्रिक मंत्र – ऊँ प्रां प्रीं प्रौं सः शनैश्चराय नमः।।
☄️ दिन (वार) -शनिवार के दिन क्षौरकर्म अर्थात बाल, दाढ़ी काटने या कटाने से आयु का नाश होता है । अत: शनिवार को बाल और दाढ़ी दोनों को ही नहीं कटवाना चाहिए।
शनिवार के दिन प्रात: पीपल के पेड़ में दूध मिश्रित मीठे जल का अर्ध्य देने और सांय पीपल के नीचे तेल का दीपक जलाने से कुंडली की समस्त ग्रह बाधाओं का निवारण होता है ।
शनिवार के दिन पीपल के नीचे हनुमान चालीसा पड़ने और गायत्री मन्त्र की àएक माला का जाप करने से किसी भी तरह का भय नहीं रहता है, समस्त बिग़डे कार्य भी बनने लगते है ।
शिवपुराण के अनुसार शनि देव पिप्लाद ऋषि का स्मरण करने वाले, उनके भक्तो को कभी भी पीड़ा नहीं देते है इसलिए जिन के ऊपर शनि की दशा चल रही हो उन्हें अवश्य ही ना केवल शनिवार को वरन नित्य पिप्लाद ऋषि का स्मरण करना चाहिए।
शनिवार के दिन पिप्पलाद श्लोक का या पिप्पलाद ऋषि जी के केवल इन तीन नामों (पिप्पलाद, गाधि, कौशिक) को जपने से शनि देव की कृपा मिलती है, शनि की पीड़ा निश्चय ही शान्त हो जाती है ।
🌐 शुभ हिन्दू नववर्ष 2024 संवत्सर क्रोधी
📖 संवत्सर (उत्तर) कालयुक्त
🧾 विक्रम संवत 2081 विक्रम संवत
🔮 गुजराती संवत 2080 विक्रम संवत
☸️ शक संवत 1946 शक संवत
☪️ कलि संवत 5125 कलि संवत
🕉️ शिवराज शक 351
☣️ आयन – दक्षिणायन
☀️ ऋतु – सौर वर्षा ऋतु
🌤️ मास – श्रावण मास
🌓 पक्ष – कृष्ण पक्ष
📆 तिथि – शनिवार श्रावण माह के कृष्ण पक्ष सप्तमी तिथि 09:19 PM तक उपरांत अष्टमी
📝 तिथि स्वामी : सप्तमी तिथि के देवता हैं चित्रभानु। सप्तमी तिथि को चित्रभानु नाम वाले भगवान सूर्यनारायण का पूजन करने से सभी प्रकार से रक्षा होती है।
💫 नक्षत्र – नक्षत्र रेवती 12:59 PM तक उपरांत अश्विनी
🪐 नक्षत्र स्वामी – रेवती नक्षत्र का स्वामी बुध व राशि स्वामी देवताओं के गुरु बृहस्पति हैं। वहीं रेवती के अधिष्ठाता देवता पुशान हैं।
⚜️ योग – धृति योग 10:43 PM तक, उसके बाद शूल योग
प्रथम करण : विष्टि – 10:22 ए एम तक
द्वितीय करण : बव – 09:19 पी एम तक बालव
🔥 गुलिक काल : – शनिवार को शुभ गुलिक प्रातः 6 से 7:30 बजे तक ।
⚜️ दिशाशूल – शनिवार को पूर्व दिशा का दिकशूल होता है ।यात्रा, कार्यों में सफलता के लिए घर से अदरक खाकर, घी खाकर जाएँ ।
🤖 राहुकाल -सुबह – 9:00 से 10:30 तक।राहु काल में कोई भी शुभ कार्य नहीं करना चाहिए |
🌞 सूर्योदयः- प्रातः 05:22:00
🌅 सूर्यास्तः- सायं 06:38:00
👸🏻 ब्रह्म मुहूर्त : 04:17 ए एम से 04:58 ए एम
🌇 प्रातः सन्ध्या : 04:37 ए एम से 05:40 ए एम
🌟 अभिजित मुहूर्त : 12:00 पी एम से 12:55 पी एम
✡️ विजय मुहूर्त : 02:43 पी एम से 03:38 पी एम
🐃 गोधूलि मुहूर्त : 07:15 पी एम से 07:36 पी एम
🏙️ सायाह्न सन्ध्या : 07:15 पी एम से 08:18 पी एम
💧 अमृत काल : 10:45 ए एम से 12:15 पी एम 04:57 ए एम, जुलाई 28 से 06:28 ए एम, जुलाई 28
🗣️ निशिता मुहूर्त : 12:07 ए एम, जुलाई 28 से 12:49 ए एम, जुलाई 28
❄️ रवि योग : 05:40 ए एम से 01:00 पी एम
🚕 यात्रा शकुन – मिश्रित दही खाकर घर से बाहर निकले।
👉🏽 आज का मंत्र – ॐ प्रां प्रीं प्रौं स: शनयै नमः।
💁🏻‍♀️ आज का उपाय – किसी जरुरतमंद को काला छाता दान करें।
🪵 वनस्पति तंत्र उपाय – शमी के वृक्ष में जल चढ़ाएं।
⚛️ पर्व एवं त्यौहार – रवि योग/ भद्रा/ सीतला सप्तमी (उड़ीसा)/पंचक समाप्ति 12.59/ एपीजे अब्दुल कलाम की पुण्य तिथि, राष्ट्रीय दिवस घरेलू हिंसा दिवस, महाराज दक्ष प्रजापति जयंती, राष्ट्रीय न्यू जर्सी दिवस, केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल स्थापना दिवस, भूतपूर्व उपराष्ट्रपति कृष्णकान्त पुण्य तिथि
✍🏼 विशेष – सप्तमी तिथि को आँवला त्याज्य बताया गया है। सप्तमी तिथि मित्रप्रद तिथि मानी जाती है। इतना ही नहीं यह सप्तमी तिथि एक शुभ तिथि भी मानी जाती है। इस सप्तमी तिथि के स्वामी भगवान सूर्य देवता हैं। यह सप्तमी तिथि भद्रा नाम से विख्यात मानी जाती है। यह सप्तमी तिथि कृष्ण पक्ष में मध्यम फलदायीनी मानी जाती है। इस सप्तमी तिथि को सुबह सर्वप्रथम स्नान करके भगवान सूर्य को सूर्यार्घ देकर उनका पूजन करना चाहिये। उसके बाद आदित्यह्रदयस्तोत्रम् का पाठ करना चाहिये। इससे जीवन में सुख, समृद्धि, हर्ष, उल्लास एवं पारिवारिक सुखों कि सतत वृद्धि होती है। सप्तमी तिथि में भगवान सूर्य की पुजा करने से सभी मनोकामनाओं की पूर्ति होती है।
🗽 Vastu tips 🗺️
आज हम घर के मुख्य द्वार पर गणपति जी की स्थापना के बारे में बात कर रहे हैं। श्री गणेश रिद्धि-सिद्धि के देवता हैं। इन्हें घर के मुख्य द्वार पर स्थापित करने से घर में किसी प्रकार की बाधा नहीं आती। लेकिन कई लोग जाने-अनजाने में गणपति जी की मूर्ति को मुख्य द्वार के बाहर की तरफ लगा देते हैं, जिससे गणपति जी की पीठ घर की तरफ हो जाती है और उनका मुख बाहर की तरफ।
शास्त्रों में बताया गया है कि गणपति जी की पीठ में दरिद्रता होती है, इसलिए उनकी पीठ को कभी भी घर की तरफ नहीं करना चाहिए। वास्तु शास्त्र के अनुसार या तो आप घर के मुख्य द्वार पर अंदर की तरफ से श्री गणेश की मूर्ति या फोटो लगाइए या फिर पहले भूल से आपने सिर्फ बाहर की तरफ गणेश जी की मूर्ति लगवा रखी है तो अब उसे हटाने की जरूरत नहीं है, बल्कि एक दूसरी गणेश जी की मूर्ति घर के अंदर की तरफ मुंह किए हुए लगवा लीजिए। इससे आपको वास्तु दोषों से छुटकारा मिलेगा और आपके घर की सुख-शांति बनी रहेगी।
🔰 जीवनोपयोगी कुंजियां ⚜️
आयुर्वेद में ऐसी कोई एक दवा नहीं है जो हर आदमी को स्वस्थ और तंदुरूस्त रहने के लिए सुझाई गई हो। बल्कि, आयुर्वेद स्वास्थ्य और कल्याण के लिए एक समग्र दृष्टिकोण पर जोर देता है जो किसी व्यक्ति के अद्वितीय संविधान (प्रकृति), जीवन शैली और पर्यावरण को ध्यान में रखता है।
हालाँकि, आयुर्वेद में कुछ ऐसी जड़ी-बूटियाँ और उपचार हैं, जिनके बारे में माना जाता है कि वे पुरुषों के समग्र स्वास्थ्य और कल्याण को बढ़ावा देते हैं। इनमें शामिल हो सकते हैं:
अश्वगंधा: इस जड़ी बूटी का उपयोग अक्सर आयुर्वेद में प्रतिरक्षा प्रणाली का समर्थन करने, तनाव और चिंता को कम करने और ऊर्जा के स्तर में सुधार करने के लिए किया जाता है।
त्रिफला: तीन फलों का मिश्रण – आंवला, हरीतकी, और बिभीतकी – त्रिफला का उपयोग आमतौर पर आयुर्वेद में पाचन टॉनिक और डिटॉक्सिफायर के रूप में किया जाता है।
शतावरी: प्रजनन स्वास्थ्य का समर्थन करने के लिए पुरुषों को अक्सर इस जड़ी बूटी की सिफारिश की जाती है, क्योंकि ऐसा माना जाता है कि यह शुक्राणुओं की संख्या और गुणवत्ता में सुधार करती है।
🥒 आरोग्य संजीवनी 🫒
◾ककोड़ा के फायदे ◾
वजन घटाने में सक्षम:- कंटोला में प्रोटीन और आयरन भरपूर होता है जबकि कैलोरी कम मात्रा में होती है। यदि 100 ग्राम कंटोला की सब्जी का सेवन करते हैं तो 17 कैलोरी प्राप्त होती है। जिससे वजन घटाने वाले लोगों के लिए यह बेहतर विकल्प है।
कैंसर से बचाए :- कंटोला में में मौजूद ल्युटेन जैसे केरोटोनोइडस विभिन्न नेत्र रोग, हृदय रोग और यहाँ तक कि, कैंसर की रोकथाम में भी सहायक है।
पाचन क्रिया होगी दुरुस्त :-अगर आप इसकी सब्जी नहीं खाना चाहते तो अचार बनाकर भी सेवन कर सकते हैं। आयुर्वेद में कई रोगों के इलाज के लिए इसे औषधि के रूप में प्रयोग करते हैं। यह पाचन क्रिया को दुरुस्त करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
हाई ब्लड प्रेशर होगा दूर :- कंटोला में मौजूद मोमोरडीसिन तत्व और फाइबर की अधिक मात्रा शरीर के लिए रामबाण हैं. मोमोरेडीसिन तत्व एंटीऑक्सीडेंट, एंटीडायबिटीज और एंटीस्टे्रस की तरह काम करता है और वजन और हाई ब्लड प्रेशर को नियंत्रित रखता है।
🌷 गुरु भक्ति योग_ 🌸
मिल गया गणेश भगवान का असली कटा सिर
जब भगवान शिव ने क्रोधवश गणेश जी का सिर धड़ से अलग कर दिया था. तब माता पार्वती के अनुरोध पर शिव जी ने फिर शिशु हाथी का मुख लगाकर गणेश जी में प्राण डाले थे. लेकिन आपके मन में यह सवाल जरूर होगा कि गणेश जी का कटा हुआ असली सिर कहां गिरा होगा तो बताते है दरअसल दुनिया भर में भगवान गणेश के जितने मंदिर है उनमें उनकी हर मूर्ति के धड़ से हाथी का सिर लगा हुआ है। लेकिन आपको जानकर हैरानी होगी कि गणेश जी का असली सिर आज भी एक गुफा में मौजूद है। मान्यता है कि जब भगवान शिव ने गणेश जी का सिर काटा था तब उन्होंने उसे एक गुफा में रख दिया था। इस गुफा को पाताल भुवनेश्वर नाम से भी जाना जाता है। यह गुफा उत्तराखंड के पिथौरा जिले से करीब 15 किलोमीटर दूर है। कहा जाता है कि इस गुफा में रखे गणेश जी की कटे सिर की रक्षा स्वयं भगवान शिव करते हैं। भगवान गणेश के इस शिला रुपी शीश के ठीक ऊपर 108 पंखुड़ियों वाली ब्रह्म कमल के समान एक चट्टान है और इस चट्टान से हर समय दिव्या पानी की बूंद टपकती रहती है।
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⚜️ सोमवार और शुक्रवार कि सप्तमी विशेष रूप से शुभ फलदायी नहीं मानी जाती बाकी दिनों कि सप्तमी सभी कार्यों के लिये शुभ फलदायी मानी जाती है। सप्तमी को भूलकर भी नीला वस्त्र धारण नहीं करना चाहिये तथा ताम्बे के पात्र में भोजन भी नहीं करना चाहिये। सप्तमी को फलाहार अथवा मीठा भोजन विशेष रूप से नमक के परित्याग करने से भगवान सूर्यदेव कि कृपा सदैव बनी रहती है।
शास्त्र के अनुसार जिस व्यक्ति का जन्म सप्तमी तिथि में होता है, वह व्यक्ति बहुत ही भाग्यशाली होता है। इस तिथि में जन्म लेनेवाला जातक गुणवान और प्रतिभाशाली होता है। ये अपने मोहक व्यक्तित्व से लोगों को अपनी ओर आकर्षित करने की योग्यता रखते हैं। इनके बच्चे भी गुणवान और योग्य होते हैं। धन धान्य के मामले में भी यह व्यक्ति काफी भाग्यशाली होते हैं। ये संतोषी स्वभाव के होते हैं और इन्हें जितना मिलता है उतने से ही संतुष्ट रहते हैं।

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