आचार्य श्री गोपी राम (ज्योतिषाचार्य) जिला मुख्यालय हरियाणा मो. 9812224501
✦••• जय श्री हरि •••✦
🧾 आज का पंचाग 🧾
गुरुवार 25 जुलाई 2024
मंगल श्री विष्णु मंत्र :-
मङ्गलम् भगवान विष्णुः, मङ्गलम् गरुणध्वजः।
मङ्गलम् पुण्डरी काक्षः, मङ्गलाय तनो हरिः॥
☄️ दिन (वार) – गुरुवार के दिन तेल का मर्दन करने से धनहानि होती है । (मुहूर्तगणपति)
गुरुवार के दिन धोबी को वस्त्र धुलने या प्रेस करने नहीं देना चाहिए।
गुरुवार को ना तो सर धोना चाहिए, ना शरीर में साबुन लगा कर नहाना चाहिए और ना ही कपडे धोने चाहिए ऐसा करने से घर से लक्ष्मी रुष्ट होकर चली जाती है ।
गुरुवार को पीतल के बर्तन में चने की दाल, हल्दी, गुड़ डालकर केले के पेड़ पर चढ़ाकर दीपक अथवा धूप जलाएं ।
इससे बृहस्पति देव प्रसन्न होते है, दाम्पत्य जीवन सुखमय होता है ।
🌐 शुभ हिन्दू नववर्ष 2024 संवत्सर क्रोधी
📖 संवत्सर (उत्तर) कालयुक्त
🧾 विक्रम संवत 2081 विक्रम संवत
🔮 गुजराती संवत 2080 विक्रम संवत
☸️ शक संवत 1946 शक संवत
☪️ कलि संवत 5125 कलि संवत
🕉️ शिवराज शक 351
☣️ आयन – दक्षिणायन
☀️ ऋतु – सौर वर्षा ऋतु
🌤️ मास – श्रावण मास
🌔 पक्ष – कृष्ण पक्ष
📆 तिथि – गुरुवार श्रावण माह के कृष्ण पक्ष पंचमी तिथि 01:58 AM तक उपरांत षष्ठी
📝 तिथि स्वामी – पंचमी तिथि के देवता हैं नागराज। इस तिथि में नागदेवता की पूजा करने से विष का भय नहीं रहता, स्त्री और पुत्र प्राप्ति होती है।
💫 नक्षत्र – नक्षत्र पूर्वभाद्रपदा 04:16 PM तक उपरांत उत्तरभाद्रपदा
🪐 नक्षत्र स्वामी – पूर्वाभाद्रपदा नक्षत्र के स्वामी देवगुरु बृहस्पति हैं। पूर्वाभाद्रपद नक्षत्र के देवता हैं, अज एकपाद यानी एक पैर वाला अजन्मा।
⚜️ योग – शोभन योग 07:48 AM तक, उसके बाद अतिगण्ड योग 04:34 AM तक, उसके बाद सुकर्मा योग
⚡ प्रथम करण : कौलव – 03:17 पी एम तक
✨ द्वितीय करण : तैतिल – 01:58 ए एम, जुलाई 26 तक गर
🔥 गुलिक कालः- गुरुवार का (शुभ गुलिक) 03:33:00 से 05:08:00 तक
⚜️ दिशाशूल – बृहस्पतिवार को दक्षिण दिशा एवं अग्निकोण का दिकशूल होता है । यात्रा, कार्यों में सफलता के लिए घर से सरसो के दाने या जीरा खाकर जाएँ ।
🤖 राहुकाल – दिन – 1:30 से 3:00 तक राहु काल में कोई भी शुभ कार्य नहीं करना चाहिए |
🌞 सूर्योदयः- प्रातः 05:22:00
🌅 सूर्यास्तः- सायं 06:38:00
👸🏻 ब्रह्म मुहूर्त : 04:16 ए एम से 04:57 ए एम
🌇 प्रातः सन्ध्या : 04:37 ए एम से 05:39 ए एम
🌟 अभिजित मुहूर्त : 12:00 पी एम से 12:55 पी एम
🔯 विजय मुहूर्त : 02:44 पी एम से 03:38 पी एम
🐃 गोधूलि मुहूर्त : 07:16 पी एम से 07:37 पी एम
🏙️ सायाह्न सन्ध्या : 07:16 पी एम से 08:19 पी एम
💧 अमृत काल : 08:55 ए एम से 10:24 ए एम
🗣️ निशिता मुहूर्त : 12:07 ए एम, जुलाई 26 से 12:49 ए एम, जुलाई 26
🚓 यात्रा शकुन – बेशन की मिठाई खाकर यात्रा पर निकले।
👉🏽 आज का मन्त्र – ॐ ग्रां ग्रीं ग्रौ स: गुरुवै नमः।
💁🏻 आज का उपाय – किया विप्र को पीला वस्त्र भेंट करें।
🌳 वनस्पति तंत्र उपाय – पीपल के वृक्ष में जल चढ़ाएं।
⚛️ पर्व एवं त्यौहार : मौनापंचमी/ देवदर्शन/ नाग पंचमी (बंगाल)/ पंचक जारी/ राष्ट्रीय जलपान दिवस, राष्ट्रीय वाइन दिवस, पनीर दिवस, राष्ट्रीय हॉट फज संडे दिवस, सीएसआईआर, केंद्रीय विद्युत रसायन अनुसंधान संस्थान कारैकुडी स्थापना दिवस, प्रतिभा पाटिल 12वें राष्ट्रपति शपथ दिवस, राष्ट्रीय जलपान दिवस, राष्ट्रीय अनुभवी कर्मचारी दिवस, विश्व भ्रूणविज्ञानी दिवस, राजनीतिज्ञ सोमनाथ चटर्जी जन्म दिवस
✍🏼 विशेष – पञ्चमी तिथि को बिल्वफल त्याज्य बताया गया है। पञ्चमी तिथि को खट्टी वस्तुओं का दान और भक्षण दोनों ही त्याज्य है। पञ्चमी तिथि धनप्रद अर्थात धन देनेवाली तिथि मानी जाती है। यह पञ्चमी तिथि अत्यंत शुभ तिथि भी मानी जाती है। इस पञ्चमी तिथि के स्वामी नागराज वासुकी हैं। यह पञ्चमी तिथि पूर्णा नाम से विख्यात मानी जाती है। यह पञ्चमी तिथि शुक्ल पक्ष में अशुभ और कृष्ण पक्ष में शुभ फलदायीनी मानी जाती है।
🏘️ Vastu tips 🏚️
उत्तर दिशा में सिर करके नहीं सोना चाहिए
वास्तु शास्त्र के अनुसार कभी भी उत्तर दिशा में सिर करके नहीं सोना चाहिए। क्योंकि उत्तर दिशा में सिर करके सोने से नींद अच्छी नहीं आती है और इसका असर सेहत पर पड़ता है।
इस दिशा में ना रखें दीवार घड़ी
घर में घड़ियां दीवार पर पूर्व, पश्चिम और उत्तर दिशा में लगाना चाहिए। इस दिशा में दीवार घड़ी रखने से नए अवसर प्राप्त होते हैं। हालांकि, ध्यान रखें कि दीवार पर कभी भी बंद घड़ी ना लगी रहे।
घर की नेमप्लेट हमेशा रखें साफ-सुथरी
घर की नेमप्लेट हमेशा साफ-सुथरी होनी चाहिए। वास्तु के अनुसार चमकदार नेमप्लेट लगाने से व्यक्ति को कार्य में नए अवसर मिलते हैं। घर की नेमप्लेट से बाहर वाले व्यक्ति पर अच्छा प्रभाव पड़ता है।
♻️ जीवनोपयोगी कुंजियां ⚜️
शकरकंद – शकरकंद में टैनिन और पैक्टीन होता है जिसे खाली पेट खाने पर गैस्ट्रिक एसिड की समस्या हो जाती है। इसके कारण सीने में जलन भी महसूस हो सकती है।5 मसालेदार – कभी भी खाली पेट किसी भी प्रकार के चटपटे भोजन का सेवन न करें। इसमें नेचुरल एसिड होता है जो पेट के हाजमे को बिगाड़ देता है। कई बार पेट में ऐंठन भी होने लगती है।
केला – खाली पेट केला खाने से शरीर में मैग्नीशियम की मात्रा काफी बढ़ जाती है, जिसकी वजह से शरीर में कैल्शियम और मैग्नीशियम की मात्रा में असंतुलन हो जाता है। इस कारण, सुबह खाली पेट केला न खाएं।
दवाएं – अक्सर आपने डॉक्टर्स को सलाह देते हुए सुना होगा, कि खाली पेट दवाओं का सेवन न करें। खाली पेट दवा खाने से पेट में एसिड के साथ ही शरीर में असंतुलन पैदा हो सकता है।
कॉफी – खाली पेट, कॉफी का सेवन सबसे अधिक घातक होता है। इसमें कैफीन होती है जो खाली पेट लेने पर आपको बेहाल कर सकती है। कुछ खाने को न हो, तो एक गिलास पानी ही पी लें।
🍻 आरोग्य संजीवनी 🍶
◾मकोय के फायदे -: बुखार को करे दूर -: मकोय का सेवन करने से बुखार दूर होता है। यह गुणकारी औषधि है कि अगर आप मकोय के फल का सेवन सीधे कर रहे हैं तो बुखार उतरने में मात्र एक घंटा लगेगा। अगर आपके पास मकोय नहीं है तो आजकल बाजार में मकोय के चूर्ण भी आने लगे हैं। यह चूर्ण किसी भी आयुर्वेदिक दुकान से मिल जाता है।
भूख बढ़ाए :- मकोय केवल बुखार ही दूर नहीं करता है। बल्कि यह भूख भी बढ़ाता है। इस पौधे की आयुर्वेद में विशेष अहमियत है। भूख बढ़ाने के लिए मकोय के पत्तों का साग बनाकर खाएं। इसे खाने भूख की समस्या से निजात मिल जाती है। दूसरा आप सीधे मकोय के मीठे फल का सेवन कर सकते हैं। यह फल रसभरी की तरह होते हैं। यह उसी प्रजाति के फल हैं।
पीलिया में फायदेमंद है मकोय के पत्तों का काढ़ा बनाकर पीने से पीलिया रोग जल्दी ठीक हो जाता है। जॉइंडिस में आपकी जो दवाएं चल रही हैं उनको खाते हुए भी इस मकोय का सेवन किया जा सकता है। मकोय वाक, पित्त और कफ के दोष को खत्म करता है।
📖 गुरु भक्ति योग 🕯️
एक पौराणिक कथा के अनुसार भगवान विष्णु गरुड़ पर बैठ कर कैलाश पर्वत पर गए। द्वार पर गरुड़ को छोड़ कर श्री हरि खुद शिव से मिलने अंदर चले गए। तब कैलाश की प्राकृतिक शोभा को देख कर गरुड़ मंत्रमुग्ध थे कि तभी उनकी नजर एक खूबसूरत छोटी सी चिड़िया पर पड़ी। चिड़िया कुछ इतनी सुंदर थी कि गरुड़ के सारे विचार उसकी तरफ आकर्षित होने लगे।
उसी समय कैलाश पर यम देव पधारे और अंदर जाने से पहले उन्होंने उस छोटे से पक्षी को आश्चर्य की दृष्टि से देखा। गरुड़ समझ गए उस चिड़िया का अंत निकट है और यमदेव कैलाश से निकलते ही उसे अपने साथ यमलोक ले जाएँगे।
गरूड़ को दया आ गई। इतनी छोटी और सुंदर चिड़िया को मरता हुआ नहीं देख सकते थे। उसे अपने पंजों में दबाया और कैलाश से हजारो कोश दूर एक जंगल में एक चट्टान के ऊपर छोड़ दिया, और खुद वापिस कैलाश पर आ गया। आखिर जब यम बाहर आए तो गरुड़ ने पूछ ही लिया कि उन्होंने उस चिड़िया को इतनी आश्चर्य भरी नजर से क्यों देखा था।
यम देव बोले “गरुड़ जब मैंने उस चिड़िया को देखा तो मुझे ज्ञात हुआ कि वो चिड़िया कुछ ही पल बाद यहाँ से हजारों कोस दूर एक नाग द्वारा खा ली जाएगी। मैं सोच रहा था कि वो इतनी जल्दी इतनी दूर कैसे जाएगी, पर अब जब वो यहाँ नहीं है तो निश्चित ही वो मर चुकी होगी।”
गरुड़ समझ गये “मृत्यु टाले नहीं टलती चाहे कितनी भी चतुराई की जाए।”
इस लिए श्री कृष्ण कहते है, करता तू वह है, जो तू चाहता है, परन्तु होता वह है, जो में चाहता हूँ। कर तू वह, जो मे चाहता हूँ। फिर होगा वो, जो तू चाहेगा।
मानव अपने जन्म के साथ ही जीवन, मरण, यश, अपयश, लाभ, हानि, स्वास्थ्य, बीमारी, देह, रंग, परिवार, समाज, देश-स्थान सब पहले से ही निर्धारित करके आता है!
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⚜️ पञ्चमी तिथि में शिव जी का पूजन सभी कामनाओं की पूर्ति करता है। आज पञ्चमी तिथि में नाग देवता का पूजन करके उन्हें बहती नदी में प्रवाहित करने से भय और कष्ट आदि की सहज ही निवृत्ति हो जाती है। ऐसा करने से यहाँ तक की कालसर्प दोष तक की शान्ति हो जाती है। अगर भूतकाल में किसी की मृत्यु सर्पदंश से हुई हो तो उसके नाम से सर्प पूजन से उसकी भी मुक्ति तक हो जाती है।
पञ्चमी तिथि बहुत ही शुभ मानी जाती है। इस तिथि में जन्म लेने वाला व्यक्ति गुणवान होता है। इस तिथि में जिस व्यक्ति का जन्म होता है वह माता पिता की सेवा को ही सर्वश्रेष्ठ धर्म समझता है। इनके व्यवहार में उत्तम श्रेणी का एक सामाजिक व्यक्ति दिखाई देता है। इनके स्वभाव में उदारता और दानशीलता स्पष्ट दिखाई देती है। ये हर प्रकार के सांसारिक भोग का आनन्द लेते हैं और धन धान्य से परिपूर्ण जीवन का आनंद उठाते हैं।


