बाढ का कहर जारी: तीसरे दिन भी ठप रहा आवागमन

रिपोर्टर : सतीश चौरसिया
उमरियापान । तीसरे दिन भी बाढ का कहर उमरियापान एवं ढीमरखेडा क्षेत्र में जारी रहा। गुरुवार की रात बारिश थमने से क्षेत्र के नदी, नालों में तेजी से जलस्तर कम हुआ। इससे शुक्रवार की सुबह से सड़कों पर आवागमन बहाल हो गया। लेकिन दोपहर से फिर बारिश का दौर शुरु हुआ। और कुछ ही देर बाद आवागमन फिर ठप हो गया। उमरियापान से ढीमरखेडा रोड पर बेलकुंड नदी में उफान आने से गर्राघाट पुल से आवागमन ठप हो गया। इस दौरान सडक के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गई। इसी तरह उमरियापान से घुघरी सडक पर सुबह तक खुला आवागमन और दोपहर तक फिर बंद हो गया। इधर बाढ के कहर से प्रभावित क्षेत्र के एक दर्जन से अधिक गांवों के लोग कराह रहे है । हालांकि प्रशासन ने बाढ पीडितों के लिए राहत शिविर खोल रखे हैं। जहां उनके ठहरने एवं भोजन की व्यवस्थाएं की है। स्थानीय पुलिस के साथ ही एनडीआरएफ और एसडीआरएफ टीम तीन दिनों से लगातार दिन रात राहत बचाव कार्य में जुटी है। जिसमें स्थानीय युवक भी सहयोग कर रहे है। अनुमान लगाया जा रहा है आई बाढ से क्षेत्र के लगभग 500 परिवार बेघर हो गए है। सर्वे के बाद यह आंकडा और बढ सकता है। बडवारा विधायक धीरेंद्र बहादुर सिंह, सांसद प्रतिनिधि पदमेश गौतम, राजा चौरसिया, जितेंद्र अरोरा, गोविंद प्रतापसिंह, प्रदीप चौरसिया प्रभावित गांवों में लगातार भ्रमण कर जायजा ले रहे हैं। जानकारी अनुसार क्षेत्र के ग्राम पोंडीखुर्द, सिमरिया, ढीमरखेडा, ठिर्री छोटाकछारगांव, पिपरियाशुक्ल, घुघरी, घुघरा, बरेलीबार, परसवारा सहित गांव डूब की चपेट में है। यहां ढीमरखेड़ा एसडीएम विंकी सिहमारे, तहसीलदार आशीष अग्रवाल, नायब तहसीलदार अजय मिश्रा, उमरियापान थाना प्रभारी सिद्धार्थ राय सहित पुलिस निगरानी कर रहे है। साथ ही राहत शिविरों में व्यवस्थाओं का मुआयना कर रहे है।



