Today Panchang आज का पंचांग शुक्रवार, 15 अगस्त 2025

आचार्य श्री गोपी राम (ज्योतिषाचार्य) जिला हिसार हरियाणा मो. 9812224501
✦••• जय श्री हरि •••✦
🇮🇳 आज का पंचाग 🇮🇳
शुक्रवार 15 अगस्त 2025
🇮🇳 15 अगस्त 2025 दिन शुक्रवार भाद्रपद मास के कृष्ण पक्ष कि सप्तमी तिथि है। आज सीतलासप्तमी का पवित्र व्रत भी है। आज ही की तारीख को अंग्रेजों से भारतवर्ष को स्वतंत्र करवाया गया था। अर्थात आज भारतवर्ष की स्वतंत्रता का दिन है। सच्चा भारतीय आज के दिन को एक उत्सव की तरह मनाता है। आज राजधानी दिल्ली में भारत के सम्माननीय प्रधानमंत्री जी भारत की पहचान तिरंगा ध्वज फहराएंगे। साथ ही प्रधानमंत्री जी आज के दिन भारतवासियों को संबोधित भी करेंगे। इतना ही नहीं सम्पूर्ण भारतवर्ष के कोने-कोने में ध्वजोतोलन एवं राष्ट्रगान आदि का आयोजन भी किया जाता है। आप सभी सनातनियों को “भारतीय स्वतंत्रता दिवस” की हार्दिक शुभकामनाएं एवं अनन्तानंत बधाईयां।।
ॐ श्री महालक्ष्म्यै च विद्महे विष्णु पत्न्यै च धीमहि तन्नो लक्ष्मी प्रचोदयात् ॐ॥
🌌 दिन (वार) – शुक्रवार के दिन दक्षिणावर्ती शंख से भगवान विष्णु पर जल चढ़ाकर उन्हें पीले चन्दन अथवा केसर का तिलक करें। इस उपाय में मां लक्ष्मी जल्दी प्रसन्न हो जाती हैं।
शुक्रवार के दिन नियम पूर्वक धन लाभ के लिए लक्ष्मी माँ को अत्यंत प्रिय “श्री सूक्त”, “महालक्ष्मी अष्टकम” एवं समस्त संकटो को दूर करने के लिए “माँ दुर्गा के 32 चमत्कारी नमो का पाठ” अवश्य ही करें ।
शुक्रवार के दिन माँ लक्ष्मी को हलवे या खीर का भोग लगाना चाहिए ।
शुक्रवार के दिन शुक्र ग्रह की आराधना करने से जीवन में समस्त सुख, ऐश्वर्य की प्राप्ति होती है, दाम्पत्य जीवन सुखमय होता है बड़ा भवन, विदेश यात्रा के योग बनते है।
🔮 शुभ हिन्दू नववर्ष 2025 विक्रम संवत : 2082 कालयक्त विक्रम : 1947 नल
🌐 कालयुक्त संवत्सर विक्रम संवत 2082,
✡️ शक संवत 1947 (विश्वावसु संवत्सर), चैत्र
☮️ गुजराती सम्वत : 2081 नल
👸🏻 शिवराज शक 352
☸️ काली सम्वत् 5126
🕉️ संवत्सर (उत्तर) क्रोधी
☣️ आयन – दक्षिणायन
☂️ ऋतु – सौर वर्षा ऋतु
⛈️ मास – भाद्रपद मास
🌔 पक्ष – कृष्ण पक्ष
📆 तिथि – शुक्रवार भाद्रपद माह के कृष्ण पक्ष सप्तमी तिथि 11:50 PM तक उपरांत अष्टमी
✏️ तिथि स्वामी – सप्तमी के देवता हैं चित्रभानु। सप्तमी तिथि को चित्रभानु नाम वाले भगवान सूर्यनारायण का पूजन करने से सभी प्रकार से रक्षा होती है। यह मित्रवत, मित्रा तिथि हैं।
💫 नक्षत्र – नक्षत्र अश्विनी 07:36 AM तक उपरांत भरणी 06:05 AM तक उपरांत कृत्तिका
🪐 नक्षत्र स्वामी – अश्विनी नक्षत्र का स्वामी ग्रह केतु है। अश्विनी नक्षत्र के देवता अश्विनी कुमार हैं। और जिन्हें देवताओं के चिकित्सक के रूप में भी जाना जाता है।
⚜️ योग – गण्ड योग 10:16 AM तक, उसके बाद वृद्धि योग
⚡ प्रथम करण : विष्टि – 12:58 पी एम तक
✨ द्वितीय करण : बव – 11:49 पी एम तक बालव
🔥 गुलिक काल : – शुक्रवार को शुभ गुलिक प्रात: 7:30 से 9:00 तक ।
⚜️ दिशाशूल – शुक्रवार को पश्चिम दिशा का दिकशूल होता है।यात्रा, कार्यों में सफलता के लिए घर से दही में चीनी या मिश्री डालकर उसे खाकर जाएँ ।
🤖 राहुकाल -दिन – 11:13 से 12:35 तक राहु काल में कोई भी शुभ कार्य नहीं करना चाहिए |
🌞 सूर्योदयः- प्रातः 05:32:00
🌄 सूर्यास्तः- सायं 06:36:00
👸🏻 ब्रह्म मुहूर्त : 04:24 ए एम से 05:07 ए एम
🌇 प्रातः सन्ध्या : 04:45 ए एम से 05:50 ए एम
🌟 अभिजित मुहूर्त : 11:59 ए एम से 12:52 पी एम
✡️ विजय मुहूर्त : 02:37 पी एम से 03:30 पी एम
🐃 गोधूलि मुहूर्त : 07:00 पी एम से 07:22 पी एम
🌌 सायाह्न सन्ध्या : 07:00 पी एम से 08:05 पी एम
💧 अमृत काल : 01:36 ए एम, अगस्त 16 से 03:06 ए एम, अगस्त 16
🗣️ निशिता मुहूर्त : 12:04 ए एम, अगस्त 16 से 12:47 ए एम, अगस्त 16
⭐ सर्वार्थ सिद्धि योग : 05:50 ए एम से 07:36 ए एम
❄️ रवि योग : 05:50 ए एम से 07:36 ए एम
🚓 यात्रा शकुन-शुक्रवार को मीठा दही खाकर यात्रा पर निकलें।
👉🏼 आज का मंत्र-ॐ द्रां द्रीं द्रौं स: शुक्राय नम:।
💁🏻 आज का उपाय-लक्ष्मी मंदिर में इत्र अर्पित करें।
🌳 वनस्पति तंत्र उपाय-गूलर के वृक्ष में जल चढ़ाएं।
⚛️ पर्व एवं त्यौहार – मूल समाप्त/ भद्रा/ रवि योग/ सर्वार्थ सिद्धि योग/ श्री कृष्ण जन्माष्टमी महोत्सव (उपवास)/ पारसी नुतन वर्ष सन् 1395 प्रारम्भ/ पारसी फरवर्दिन मासारंभ/ स्वतंत्रता दिवस/ राष्ट्रीय ध्वज दिवस, भारतीय लेखक अरबिंदो घोष जयन्ती, प्रसिद्ध साहित्यकार हंस कुमार तिवारी जन्म दिवस, प्रसिद्ध भारतीय अभिनेत्री राखी गुलज़ार जन्म दिवस, गुजरात के भूतपूर्व मुख्यमंत्री अमरजीत सिंह चौधरी स्मृति दिवस, पंजाब- स्वतंत्रता सेनानी सरदार अजीत सिंह पुण्य तिथि, भारत के प्रसिद्ध क्रांतिकारी महादेव देसाई स्मृति दिवस, बांग्लादेश का राष्ट्रीय शोक दिवस, द्वितीय विश्व युद्ध: कोरियाई मुक्ति दिवस
✍🏼 तिथि विशेष – सप्तमी तिथि को आँवला त्याज्य बताया गया है। सप्तमी तिथि मित्रप्रद तिथि मानी जाती है। इतना ही नहीं यह सप्तमी तिथि एक शुभ तिथि भी मानी जाती है। इस सप्तमी तिथि के स्वामी भगवान सूर्य देवता हैं। यह सप्तमी तिथि भद्रा नाम से विख्यात मानी जाती है। यह सप्तमी तिथि कृष्ण पक्ष में मध्यम फलदायीनी मानी जाती है। इस सप्तमी तिथि को सुबह सर्वप्रथम स्नान करके भगवान सूर्य को सूर्यार्घ देकर उनका पूजन करना चाहिये। उसके बाद आदित्यह्रदयस्तोत्रम् का पाठ करना चाहिये। इससे जीवन में सुख, समृद्धि, हर्ष, उल्लास एवं पारिवारिक सुखों कि सतत वृद्धि होती है। सप्तमी तिथि में भगवान सूर्य की पुजा करने से सभी मनोकामनाओं की पूर्ति होती है।
🗾 Vastu tips 🏞️
वास्तु शास्त्र और पारंपरिक मान्यताओं के अनुसार, कुछ तस्वीरों को घर में लगाना अशुभ माना जाता है क्योंकि ये नकारात्मक ऊर्जा ला सकती हैं या मानसिक तनाव बढ़ा सकती हैं। नीचे कुछ ऐसी तस्वीरें दी गई हैं जिन्हें घर में नहीं लगाना चाहिए:
🛑 1. युद्ध या हिंसा की तस्वीरें महाभारत का युद्ध, लड़ाई, हथियार या युद्धभूमि की तस्वीरें
कारण: ये झगड़े, तनाव और असहयोग का संकेत देती हैं।
🛑 2. डूबते हुए सूरज की तस्वीर
कारण: डूबता सूरज ऊर्जा के अंत और जीवन में रुकावटों का प्रतीक माना जाता है।
🛑 3. एकाकी, उदास या रोते हुए व्यक्ति की तस्वीर
कारण: इससे घर में निराशा और अकेलापन बढ़ सकता है।
🛑 4. बाघ, शेर या हिंसक जानवरों की तस्वीरें
कारण: इससे क्रोध और आक्रामकता को बढ़ावा मिल सकता है।
🛑 5. कांटेदार पौधे (जैसे कैक्टस) की तस्वीरें
कारण: ये जीवन में कड़वाहट और बाधाओं का प्रतीक मानी जाती हैं।
🛑 6. जलप्रलय या तूफान जैसी प्राकृतिक आपदाओं की तस्वीरें
कारण: ये जीवन में अस्थिरता और संकट की भावना ला सकती हैं।
🛑 7. टूटे हुए सामान या बिखरे हुए फूलों की तस्वीरें
कारण: ये विघटन और नुकसान का संकेत देती हैं।
♻️ जीवनोपयोगी कुंजियां ⚜️
1️⃣ श्रीफल (नारियल) कब और क्यों खाना चाहिए? 🥥
📅 कब खाना चाहिए —सुबह खाली पेट नारियल पानी पीना और नरम गूदा खाना शरीर को हाइड्रेशन, एनर्जी और इलेक्ट्रोलाइट्स देने का सबसे अच्छा तरीका है।
गर्मियों में दोपहर से पहले, और सर्दियों में दोपहर के आसपास लेना लाभकारी है।
पूजा के बाद श्रीफल का प्रसाद ग्रहण करना न केवल धार्मिक महत्व रखता है, बल्कि यह ऊर्जा और पाचन के लिए भी अच्छा है।
💡 क्यों खाना चाहिए हाइड्रेशन और इलेक्ट्रोलाइट बैलेंस – नारियल पानी में पोटैशियम, सोडियम और मैग्नीशियम जैसे मिनरल्स होते हैं, जो थकान और डीहाइड्रेशन से बचाते हैं।
पाचन सुधार – इसका गूदा फाइबर से भरपूर होता है, जो कब्ज को कम करता है और पेट को हल्का रखता है।
इम्युनिटी बूस्टर – इसमें मौजूद साइटोकाइन और एंटीऑक्सीडेंट्स शरीर की प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाते हैं।
हृदय स्वास्थ्य – नारियल का तेल हेल्दी फैट्स का स्रोत है, जो हार्ट को पोषण देता है।
🍵 आरोग्य संजीवनी 🍶
जोड़ों के दर्द में राहत हरसिंगार के पत्ते सूजन कम करने और दर्द घटाने में कमाल करते हैं। इनके पत्तों का रस पीने से गठिया, जोड़ों के दर्द और मांसपेशियों की अकड़न में आराम मिलता है। आयुर्वेद में इसे प्राकृतिक पेनकिलर माना जाता है, जो बिना किसी साइड इफेक्ट के लंबे समय तक राहत दे सकता है।
2️⃣ बुखार और वायरल संक्रमण इसके पत्तों का काढ़ा बुखार कम करने में प्रभावी माना जाता है, खासकर डेंगू, मलेरिया और चिकनगुनिया जैसे बुखारों में। इसमें मौजूद प्राकृतिक तत्व शरीर की रोग-प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाते हैं और वायरस से लड़ने में मदद करते हैं।
3️⃣ पाचन तंत्र की मजबूती अगर आपको अपच, गैस या पेट दर्द की समस्या रहती है, तो हरसिंगार के पत्तों का सेवन आपके लिए फायदेमंद हो सकता है। ये पत्ते पाचन को सुधारते हैं, भूख बढ़ाते हैं और पेट को हल्का रखते हैं।
4️⃣ त्वचा रोग और घाव भरने में मददगार पत्तों में मौजूद एंटी-बैक्टीरियल और एंटी-फंगल गुण त्वचा की खुजली, फंगल इंफेक्शन और छोटे घावों को जल्दी भरने में मदद करते हैं। इनका लेप लगाने से त्वचा साफ और स्वस्थ रहती है।
🌷 गुरु भक्ति योग_ 🌹
पौराणिक कथाओं और कहानियों में भगवान भोलेनाथ के कई रूपों को वर्णन मिलता है। कहानियों में भगवान शिवजी के एक हाथ में त्रिशूल होता है, गले में सांप और जटाओं में गंगा की धारा दिखाई देती है। शिवजी के शरीर पर भस्म होती है तो वहीं बाघ की खाल लपेटी हुई होती है। शिवजी की हर तस्वीर में उन्हें बाघ की खाल पर विराजमान दिखाया गया है। कई लोगों के मन में कई बार सवाल उठता है कि आखिर शिवजी ने बाघ की खाल क्यों बांध रखी है। इसके बारें शिव पुराण में एक कहानी हैं।
शिव पुराण की कहानी के अनुसार एक बार भोलनाथ ब्रह्मांड का भ्रमण कर रहे थे। भ्रमण करते-करते वो एक जंगल में जा पहुंचे। जंगल में कई ऋषि-मुनी अपने परिवार के साथ रहते थे। शिवजी जंगल में बिना वस्त्रों के थे। उन्हें इस बात का अंदाजा भी नहीं था कि उन्होंने वस्त्र नहीं पहन रखे। शिवजी का सुडौल शरीर देखकर ऋषि-मुनियों की पत्नियां आकर्षित होने लगी।
ऋषि-मुनियों की पत्नियां अपना सारा काम छोड़कर शिवजी को देखने लगे। वो शिवजी को काफी देर तक देखती रही। इन सबसे ऋषि-मुनियोंको गुस्सा आ गया और उन्होंने शिवजी के खिलाफ एक योजना बनाई।
शिवजी को सबक सिखाने के लिए ऋषियों ने उनके मार्ग में एक बड़ा गड्ढा बना दिया। शिवजी उसमें गिर गए। इसके बाद ऋषियों ने गड्ढे में एक बाघ को भी गिरा दिया। वो चाहते थे कि ये बाघ शिवजी को मारकर खा जाए।
कुछ ही देर में शिवजी बाहर आए और उनके शरीर पर खाल लिपटी हुई थी। इसके बाद से ही शिवजी बाघ की खाल को शरीर से लपेटे रहते हैं और उस पर विराजमान होते हैं।
इसके अलावा एक दूसरी कहानी भी है, जिसमें बताया गया है कि भगवान विष्णु शिवजी को एक अनोखा उपहार देना चाहते थे। शिवजी को अनोखा उपहार देने के लिए योजना बनाई। नृसिंह भगवान ने अवतार लिया और हिरण्यकशिपु का वध कर दिया। नृसिंह भगवान संसार का अंत करने का आतुर हो गए। यह देखकर तीनों लोकों के देवता भयभीत हो गए।
भगवान नृसिंह को वश में करने के लिए वीरभद्र गरूड़, सिंह और मनुष्य का मिश्रित रूप धारण करके प्रकट हुए और शरभ कहलाये। शरभ और नृसिंह का युद्ध हुआ। काफी देर तक चली लड़ाई के बाद शरभ ने नृसिंह को अपने पंजे से उठा लिया और चोंच से वार किया। इस वार से नृसिंह आहत हो गए और अपना शरीर त्यागने का फैसला लिया और साथ ही शिवजी से प्रार्थना की कि वो उनके शरीर को आसन के रूप में स्वीकार करें। इसके बाद भगवान शिव ने उनका निवेदन स्वीकार किया।
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⚜️ सोमवार और शुक्रवार कि सप्तमी विशेष रूप से शुभ फलदायी नहीं मानी जाती बाकी दिनों कि सप्तमी सभी कार्यों के लिये शुभ फलदायी मानी जाती है। सप्तमी को भूलकर भी नीला वस्त्र धारण नहीं करना चाहिये तथा ताम्बे के पात्र में भोजन भी नहीं करना चाहिये। सप्तमी को फलाहार अथवा मीठा भोजन विशेष रूप से नमक के परित्याग करने से भगवान सूर्यदेव कि कृपा सदैव बनी रहती है।


