Today Panchang आज का पंचांग सोमवार, 31 मार्च 2025

आचार्य श्री गोपी राम (ज्योतिषाचार्य) जिला हिसार हरियाणा मो. 9812224501
✦••• जय श्री हरि •••✦
🧾 आज का पंचाग 🧾
सोमवार 31 मार्च 2025
महा मृत्युंजय मंत्र – ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्। उर्वारुकमिव बन्धनान्मृत्योर्मुक्षीय माऽमृतात्।।
☄️ दिन (वार) – सोमवार के दिन क्षौरकर्म अर्थात बाल, दाढ़ी काटने या कटाने से पुत्र का अनिष्ट होता है शिवभक्ति को भी हानि पहुँचती है अत: सोमवार को ना तो बाल और ना ही दाढ़ी कटवाएं ।
सोमवार के दिन भगवान शंकर की आराधना, अभिषेक करने से चन्द्रमा मजबूत होता है, काल सर्प दोष दूर होता है।
सोमवार का व्रत रखने से मनचाहा जीवन साथी मिलता है, वैवाहिक जीवन में लम्बा और सुखमय होता है।
जीवन में शुभ फलो की प्राप्ति के लिए हर सोमवार को शिवलिंग पर पंचामृत या मीठा कच्चा दूध एवं काले तिल चढ़ाएं, इससे भगवान महादेव की कृपा बनी रहती है परिवार से रोग दूर रहते है।
सोमवार के दिन शिव पुराण के अचूक मन्त्र “श्री शिवाये नमस्तुभ्यम’ का अधिक से अधिक जाप करने से समस्त कष्ट दूर होते है. निश्चित ही मनवाँछित लाभ मिलता है।
🔮 शुभ हिन्दू नववर्ष 2025 विक्रम संवत : 2082 कालयक्त विक्रम : 1947 नल
🌐 कालयुक्त संवत्सर विक्रम संवत 2082,
✡️ शक संवत 1947 (विश्वावसु संवत्सर), चैत्र
☮️ गुजराती सम्वत : 2081 नल
☸️ काली सम्वत् 5126_
🕉️ संवत्सर (उत्तर) क्रोधी
☣️ आयन – उत्तरायण
☂️ ऋतु – सौर ग्रीष्म ऋतु
☀️ मास – चैत्र मास
🌔 पक्ष – शुक्ल पक्ष
📆 तिथि – सोमवार चैत्र माह के शुक्ल पक्ष द्वितीया तिथि 09:11 AM तक उपरांत तृतीया तिथि 05:42 AM तक उपरांत चतुर्थी
✏️ तिथि स्वामी – द्वितीया तिथि के देवता हैं ब्रह्मा। इस तिथि में ब्रह्मा की पूजा करने से मनुष्य विद्याओं में पारंगत होता है।
💫 नक्षत्र – नक्षत्र अश्विनी 01:45 PM तक उपरांत भरणी
🪐 नक्षत्र स्वामी – अश्विनी नक्षत्र का स्वामी ग्रह केतु है, और इस नक्षत्र के देवता अश्विनी कुमार हैं।
⚜️ योग – वैधृति योग 01:45 PM तक, उसके बाद विष्कुम्भ योग
⚡ प्रथम करण : कौलव – 09:11 ए एम तक तैतिल – 07:24 पी एम तक
✨ द्वितीय करण : गर – 05:42 ए एम, अप्रैल 01 तक वणिज
🔥 सोमवार का शुभ गुलिक कालः-शुभ गुलिक काल 01:42:00 P.M से 02:59:00 P.M बजे तक
⚜️ दिशाशूलः- आज के दिन पूर्व दिशा की यात्रा नहीं करना चाहिए यदि यात्रा करना ज्यादा आवश्यक हो तो घर से दर्पण देखकर या दूध पीकर जायें।
🤖 राहुकालः- आज का राहु काल 08:26:00 A.M से 09:39:00 A.M बजे तक
🌞 सूर्योदयः- प्रातः 05:53:00
🌅 सूर्यास्तः- सायं 06:07:00
👸🏻 ब्रह्म मुहूर्त : 04:40 ए एम से 05:26 ए एम
🎇 प्रातः सन्ध्या : 05:03 ए एम से 06:12 ए एम
🌟 अभिजित मुहूर्त : 12:00 पी एम से 12:50 पी एम
🔯 विजय मुहूर्त : 02:30 पी एम से 03:19 पी एम
🐃 गोधूलि मुहूर्त : 06:37 पी एम से 07:00 पी एम
🏙️ सायाह्न सन्ध्या : 06:38 पी एम से 07:48 पी एम
💧 अमृत काल : 07:24 ए एम से 08:48 ए एम
🗣️ निशिता मुहूर्त : 12:02 ए एम, अप्रैल 01 से 12:48 ए एम, अप्रैल 01
❄️ रवि योग : 01:45 पी एम से 02:08 पी एम
🚓 यात्रा शकुन – मीठा दूध पीकर यात्रा करें।
👉🏼 आज का मंत्र – ॐ सौ सौभाग्य नमः।
🤷🏻♀️ आज का उपाय – शिवजी को दुग्धाभिषेक करें।
🌳 वनस्पति तंत्र उपाय – पलाश के वृक्ष में जल चढ़ाएं।
⚛️ पर्व एवं त्यौहार – रवि योग/ आन्दोलन तृतीय/ मत्स्य जयंती, गणगौर पूजा/ रमज़ान ईद/ गोरी तृतीय (तीज)/ ईद-उल-फ़ितर/ मुस्लिम शव्वाल मासारंभ/राष्ट्रीय टेटर दिवस, एफ़िल टॉवर दिवस, आलू दिवस, राष्ट्रीय प्रोम दिवस, देश के संविधान निर्माता डॉ. भीमराव आंबेडकर को मरणोपरांत भारत रत्न से सम्मानित दिवस, सीज़र शावेज़ दिवस, ट्रांसजेंडर विजिबिलिटी दिवस सिक्खों के दूसरे गुरु गुरु अंगद देव जयन्ती, उत्कृष्ट लेखक रामा शंकर व्यास जन्म दिवस, दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित जन्म दिवस, भारतीय अभिनेत्री मीना कुमारी स्मृति दिवस, प्रसिद्ध स्वतंत्रता सेनानी श्याम जी कृष्ण वर्मा पुण्य तिथि, इतिहासकार दत्तात्रेय बलवंत पारसनिस पुण्य तिथि
✍🏼 तिथि विशेष – द्वितीया तिथि को कटेरी फल का तथा तृतीया तिथि को नमक का दान और भक्षण दोनों ही त्याज्य बताया गया है। द्वितीया तिथि सुमंगला और कार्य सिद्धिकारी तिथि मानी जाती है। इस द्वितीया तिथि के स्वामी भगवान ब्रह्माजी को बताया गया है। यह द्वितीया तिथि भद्रा नाम से विख्यात मानी जाती है। यह द्वितीया तिथि शुक्ल पक्ष में अशुभ तथा कृष्ण पक्ष में शुभ फलदायिनी होती है।।
🗺️ Vastu tips 🗽
घर एक शांतिपूर्ण जगह है जहां हम अपने परिवार के साथ रहते हैं और अविस्मरणीय यादें बनाते हैं। सब कुछ सही ढंग से बनाने के बावजूद भाग्य का भी अपना ही महत्व है। वास्तु शास्त्र वह है जो प्राचीन मूल्यों और आधुनिक संरचनाओं को एक साथ लाता है। और चूँकि अतिरिक्त सावधानी बरतने में कोई बुराई नहीं है, तो क्यों न वास्तुशास्त्र को एक बार आज़माया जाए?
वास्तु शास्त्र व्यक्ति के जीवन से जुड़कर उसे सुखी और समृद्ध बनाता है। भवन के अनुचित निर्माण से व्यक्ति का स्वास्थ्य और मन की शांति प्रभावित होती है। निर्माण का सही तरीका व्यक्ति के लिए सौभाग्य लाता है और घर में अच्छी ऊर्जा का संचार होता है।
घर का मुख उत्तर, दक्षिण, पूर्व या पश्चिम किसी भी दिशा में हो सकता है। लेकिन हमेशा अपने शयनकक्ष, रसोईघर और पूजा कक्ष को सही तरीके से बनाने का प्रयास करें।
🔐 जीवनोपयोगी कुंजियां ⚜️
दांतों की समस्याओं के मुख्य कारण
✅ गलत ब्रशिंग तकनीक – बहुत तेज ब्रश करना या गलत एंगल से ब्रश करना दांतों और मसूड़ों को नुकसान पहुंचाता है।
✅ गलत टूथपेस्ट का इस्तेमाल – ऐसे टूथपेस्ट जिनमें अधिक फ्लोराइड या हार्श केमिकल्स होते हैं, वे दांतों को कमजोर कर सकते हैं।
✅ मुंह की सफाई पूरी न होना – सिर्फ ब्रश करने से हर कोने में फंसे बैक्टीरिया और प्लाक नहीं हटते। फ्लॉस और माउथवॉश का इस्तेमाल जरूरी है।
✅ खराब डाइट – ज्यादा चीनी और एसिडिक फूड्स का सेवन दांतों को कमजोर बनाता है।
✅ पानी की कमी – मुंह में पर्याप्त लार न बनने से बैक्टीरिया बढ़ते हैं और दांतों में सड़न होने लगती है।
🩸 आरोग्य संजीवनी 💊
हल्दी का पाउडर एक दिन में 25 से 50 मिलीग्राम तक केवल दूध के साथ कफ ग्रसित मरीज को देना हितकारी है।
एक महीने में 5 ग्राम से अधिक हल्दी चूर्ण खाने से बवासीर या पाइल्स होने लगती है। पेट में साफ नहीं होता। कब्ज बनी रहती हैं*
कफ विकार में 2 ग्राम कच्ची हल्दी ही दूध के साथ उबालकर लेना हितकारी है। इससे ज्यादा लेने पर फेफड़ों में दोष आ जाता है। लेकिन पित्त से पीड़ित लोगों को कभी भी हल्दी नहीं खाना चाहिए।
लोगों ने लालमिर्ची का उपयोग पूरी तरह खाना बंद कर दिया है, जबकि लालमिर्च रक्त को साफ करने में विशेष लाभकारी है और केंसर रोधक है। लालमिर्च खून को साफ कर केंसर के कीटाणुओं को नहीं पनपने देती। डिप्रेशन मिटाती है।
आजकल त्वचा रोग, कील-मुहाँसे, काले निशान, चेहरे का बेरौनक होना, कर्कट रोग यानी केन्सर आदि बीमारियां लाल मिर्च न खाने से बढ़ रही हैं।
कुछ ने समुद्री नमक पूर्णतः त्याग दिया है। ये केवल सेंधा नमक का ही सेवन कर रहे हैं।
📖 गुरु भक्ति योग 🕯️
प्रसंग उस समय का है, जब एक गुरु तथा शिष्य कहीं तीर्थाटन को जा रहे थे। चलते-चलते संध्या हो गई तब रात्रि विश्राम के लिए दोनों एक वृक्ष के नीचे रुक गए। गुरुजी रात्रि में मात्र तीन-चार घंटे नींद लेते थे। ज्योंही उनकी नींद पूरी हुई, वे दैनिककार्यों से निवृत्त होकर पूजा-पाठ में लग गए। इसी बीच उन्होंने एक विषधर सर्प को अपने शिष्य की ओर जाते देखा।
शिष्य गहरी नींद में था। गुरु पशु-पक्षियों की भाषा समझते थे। गुरुजी ने सर्प से प्रश्न किया- ‘सोए हुए शिष्य की ओर जाने का उसका क्या प्रयोजन है? ‘सर्प रुक गया और बोला, ‘महात्मन्! आपके शिष्य से मुझे बदला लेना है। पूर्व जन्म में इसने मेरी हत्या कर दी थी। अकाल मृत्यु होने से मुझे यह सर्प योनि मिली है, अतः मैं आपके शिष्य को डसना चाहता हूं।’
एक क्षण विचार कर गुरुजी ने कहा, ‘भाई! मेरा शिष्य बहुत ही सदाचारी एवं होनहार है। वह एक अच्छा साधक है। उसे काट लेने पर भी तुम्हें मुक्ति नहीं मिलेगी। अब तुम उसे यमलोक पहुंचा कर, क्यों संसार को उसके ज्ञान एवं प्रतिभा से वंचित कर रहे हो?’
गुरुजी के समझाने पर भी सर्प ने अपना निश्चय नहीं बदला। तब गुरुजी ने एक प्रस्ताव सर्प के सामने रखा और कहा- ‘देखो भाई! मेरे शिष्य की साधना अभी पूरी नहीं हुई है। अभी वह अपनी साधना में अपरिपक्व है। उसे अभी इस क्षेत्र में बहुत कुछ करना है। इसके विपरीत मुझे अब कुछ करना नहीं है। मेरा जीवन भी अब अधिक नहीं है। मेरे नाश से कुछ फर्क नहीं पड़ेगा। इसलिए हे सर्पराज! आपसे प्रार्थना है कि आप मेरे शिष्य के स्थान पर मुझे डस लो। इसके लिए मैं सहर्ष तैयार हूं’
कहते हैं गुरुजी के इस प्रकार के परोपकारी वचन सुनकर सर्प का हृदय परिवर्तन हो गया और उसने शिष्य को काटने का विचार छोड़ दिया और गुरुदेव को प्रणाम कर वहां से चला गया।
ॐ❀ೋ═══ • ═══ೋ❀ॐ_
⚜️ प्रजापति व्रत दूज को ही किया जाता है तथा किसी भी नये कार्य की शुरुआत से पहले एवं ज्ञान प्राप्ति हेतु ब्रह्माजी का पूजन अवश्य करना चाहिये। वैसे तो मुहूर्त चिंतामणि आदि ग्रन्थों के अनुसार द्वितीया तिथि अत्यन्त शुभ फलदायिनी तिथि मानी जाती है। परन्तु श्रावण और भाद्रपद मास में इस द्वितीया तिथि का प्रभाव शून्य हो जाता है। इसलिये श्रावण और भाद्रपद मास कि द्वितीया तिथि को कोई भी शुभ कार्य नहीं करना चाहिये।


