धार्मिक

Today Panchang आज का पंचांग गुरुवार, 27 फरवरी 2025

आचार्य श्री गोपी राम (ज्योतिषाचार्य) जिला हिसार हरियाणा मो. 9812224501
✦••• जय श्री हरि •••✦
🧾 आज का पंचाग 🧾
गुरुवार 27 फ़रवरी 2025
आप सभी सनातियों को “शिव विवाह के अगली सुबह” की हार्दिक शुभकामनाएं।।
मंगल श्री विष्णु मंत्र :-
मङ्गलम् भगवान विष्णुः, मङ्गलम् गरुणध्वजः।
मङ्गलम् पुण्डरी काक्षः, मङ्गलाय तनो हरिः॥
☄️ दिन (वार) – गुरुवार के दिन तेल का मर्दन करने से धनहानि होती है । (मुहूर्तगणपति)
गुरुवार के दिन धोबी को वस्त्र धुलने या प्रेस करने नहीं देना चाहिए।
गुरुवार को ना तो सर धोना चाहिए, ना शरीर में साबुन लगा कर नहाना चाहिए और ना ही कपडे धोने चाहिए ऐसा करने से घर से लक्ष्मी रुष्ट होकर चली जाती है ।
गुरुवार को पीतल के बर्तन में चने की दाल, हल्दी, गुड़ डालकर केले के पेड़ पर चढ़ाकर दीपक अथवा धूप जलाएं ।
इससे बृहस्पति देव प्रसन्न होते है, दाम्पत्य जीवन सुखमय होता है ।
🔮 शुभ हिन्दू नववर्ष 2024 विक्रम संवत : 2081 पिंगल संवत्सर विक्रम : 1946 क्रोधी
🌐 संवत्सर नाम पिंगल
🔯 शक सम्वत : 1946 (पिंगल संवत्सर)
☸️ काली सम्वत् 5125
🕉️ संवत्सर (उत्तर) पिंगल
☣️ आयन – उत्तरायण
🌤️ ऋतु – सौर बसंत ऋतु
🌤️ मास – फाल्गुन मास
🌘 पक्ष – कृष्ण पक्ष
📆 तिथि – गुरुवार फाल्गुन माह के कृष्ण पक्ष चतुर्दशी तिथि 08:54 AM तक उपरांत अमावस्या तिथि 06:14 AM तक उपरांत प्रतिपदा
🖍️ तिथि स्वामी :- चतुर्दशी तिथि के स्वामी भगवान भोलेनाथ जी है। प्रत्येक माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी को मासिक शिवरात्रि मनाई जाती है । चतुर्दशी को चौदस भी कहते हैं। चतुर्दशी तिथि के स्वामी भगवान शिव हैं।
💫 नक्षत्र – नक्षत्र धनिष्ठा 03:43 PM तक उपरांत शतभिषा
🪐 नक्षत्र स्वामी – धनिष्ठा नक्षत्र के देवता वसु और स्वामी ग्रह मंगल है.
⚜️ योग – शिव योग 11:40 PM तक, उसके बाद सिद्ध योग
प्रथम करण : शकुनि – 08:54 ए एम तक चतुष्पाद – 07:37 पी एम तक
द्वितीय करण : नाग – 06:14 ए एम, फरवरी 28 तक किंस्तुघ्न
🔥 गुलिक कालः- गुरुवार का (शुभ गुलिक) 09:45:00 से 11:10:00 तक
⚜️ दिशाशूल – बृहस्पतिवार को दक्षिण दिशा एवं अग्निकोण का दिकशूल होता है । यात्रा, कार्यों में सफलता के लिए घर से सरसो के दाने या जीरा खाकर जाएँ ।
🤖 राहुकाल – दिन – 2:00 से 3:25 तक राहु काल में कोई भी शुभ कार्य नहीं करना चाहिए |
🌞 सूर्योदयः- प्रातः 06:18:00
🌅 सूर्यास्तः- सायं 06:42:00
👸🏻 ब्रह्म मुहूर्त : 05:08 ए एम से 05:58 ए एम
🌇 प्रातः सन्ध्या : 05:33 ए एम से 06:48 ए एम
🌟 अभिजित मुहूर्त : 12:11 पी एम से 12:57 पी एम
✡️ विजय मुहूर्त : 02:29 पी एम से 03:15 पी एम
🐃 गोधूलि मुहूर्त : 06:17 पी एम से 06:42 पी एम
🌃 सायाह्न सन्ध्या : 06:20 पी एम से 07:34 पी एम
🗣️ निशिता मुहूर्त : 12:08 ए एम, फरवरी 28 से 12:58 ए एम, फरवरी 28
🚓 यात्रा शकुन-बेसन से बनी मिठाई खाकर यात्रा पर निकलें।
👉🏼 आज का मंत्र-ॐ ग्रां ग्रीं ग्रौं स: गुरुवै नम:।
💁🏻 आज का उपाय-विष्णु मंदिर में पीपल का पौधा लगाएं।
🌳 वनस्पति तंत्र उपाय-पीपल के वृक्ष में जल चढ़ाएं।
⚛️ पर्व एवं त्यौहार : देवपितृकार्ये अमावस्या/बुध गोचर (मीन)/ अमावस्या प्रारंभ प्रातः 08.54/ पंचक/ प्रसिद्ध भारतीय स्वतंत्रता सेनानी चंद्रशेखर आजाद शहीद दिवस, प्रख्यात समाजसेवक नानाजी देशमुख पुण्य तिथि, भारतीय गीतकार इन्दीवर पुण्य तिथि, स्वतंत्रता सेनानी विजय सिंह पथिक जयन्ती, क्रांतिकारी राजेंद्र नाथ लाहिड़ी स्मृति दिवस, भारतीय क्रांतिकारी राम प्रसाद बिस्मिल स्मृति दिवस, स्वतंत्रता सेनानी गणेश वासुदेव मावलंकर शहीद दिवस, (पद्म भूषण से सम्मानित) कुसुमाग्रज जयन्ती, विष्णु वामन शिरवाडकर जन्म दिवस, भारतीय फिल्म निर्माता प्रकाश झा जन्म दिवस, हैती से डोमिनिकन गणराज्य स्वतंत्रता दिवस, अंतर्राष्ट्रीय ध्रुवीय भालू दिवस, विश्व एनजीओ दिवस, मराठी भाषा दिवस
🏘️ Vastu tips 🛕
वास्तु के अनुसार हमारे पैरों पर इस दिशा के शौचालय का बुरा असर पड़ सकता है और हर दिन सुबह 5 से 7 बजे के बीच हमें आवांछित स्थिति का सामना करना पड़ सकता है। अगर किसी वजह से आपके घर की पूर्व दिशा में शौचालय है तो शौचालय की छत में बांस का प्रयोग करके दुष्टप्रभावों को कम करने की कोशिश की जा सकती है।
वास्तु शास्त्र के मुताबिक, दक्षिण-पूर्व दिशा में शौचालय का निर्माण शुभ नहीं है। इस दिशा में शौचालय होने से धन की हानि संभव है। व्यापार और विकास में बाधा होगी। हरा रंग आपको हर तरह से नुकसान देने लगेगा। हर साल गर्मी शुरू होते ही आपके व्यापार और करियर में गिरावट आएगी। अगर आपकी बेटी बड़ी है तो उसको बहुत तरह की समस्याएं हो सकती हैं। सुबह 7 से 9 बजे का समय आपके लिए रोज ही उलझनों का संदेश लेकर आएगा। आपकी पेल्विक गर्डिल का अलाइनमेंट बिगड़ सकता है।
❇️ जीवनोपयोगी कुंजियां ⚜️
क्या रात में देर से खाना खाने से शरीर काे नुकसान हाेते है ? देर रात खाना खाने से पेट में कब्ज बनता है और नींद अलास और बैचेनी होती है और पेट में दर्द भुखभी नहीं लगता और शरीर में भारी सा लगता है इसलिए देर रात खाना खाने नहीं चाहिये और जल्दी खाना खाने से हजम हो जाता है क्योंकि टहलना हो जाता है खाना खाने के तुरंत बाद सोने नहीं जाना चाहिए और थोड़ी देर तक टहल लें ना चाहिये पेट ठीक रहता है
💉 आरोग्य संजीवनी
💊
बवासीर :अपामार्ग की 6 पत्तियां, कालीमिर्च 5 पीस को जल के साथ पीस छानकर सुबह-शाम सेवन करने से बवासीर में लाभ हो जाता है और उसमें बहने वाला रक्त रुक जाता है।
खूनी बवासीर पर अपामार्ग की 10 से 20 ग्राम जड़ को चावल के पानी के साथ पीस-छानकर 2 चम्मच शहद मिलाकर पिलाना गुणकारी हैं।
मोटापा : अधिक भोजन करने के कारण जिनका वजन बढ़ रहा हो, उन्हें भूख कम करने के लिए अपामार्ग के बीजों को चावलों के समान भात या खीर बनाकर नियमित सेवन करना चाहिए। इसके प्रयोग से शरीर की चर्बी धीरे-धीरे घटने भी लगेगी।
कमजोरी : अपामार्ग के बीजों को भूनकर इसमें बराबर की मात्रा में मिश्री मिलाकर पीस लें। 1 कप दूध के साथ 2 चम्मच की मात्रा में सुबह-शाम नियमित सेवन करने से शरीर में पुष्टता आती है।
सिर में दर्द : अपामार्ग की जड़ को पानी में घिसकर बनाए लेप को मस्तक पर लगाने से सिर दर्द दूर होता है।
📓 गुरु भक्ति योग 🕯️
एक राजा था। उसने एक सपना देखा। सपने में उससे एक परोपकारी साधु कह रहा था कि, बेटा! कल रात को तुम्हें एक विषैला सांप काटेगा और उसके काटने से तुम्हारी मृत्यु हो जाएगी। वह सर्प अमुक पेड़ की जड़ में रहता है। वह तुमसे पूर्व जन्म की शत्रुता का बदला लेना चाहता है।
सुबह हुई। राजा सोकर उठा। और सपने की बात अपनी आत्मरक्षा के लिए क्या उपाय करना चाहिए? इसे लेकर विचार करने लगा।
सोचते- सोचते राजा इस निर्णय पर पहुंचा कि मधुर व्यवहार से बढ़कर शत्रु को जीतने वाला और कोई हथियार इस पृथ्वी पर नहीं है। उसने सर्प के साथ मधुर व्यवहार करके उसका मन बदल देने का निश्चय किया।
शाम होते ही राजा ने उस पेड़ की जड़ से लेकर अपनी शय्या तक फूलों का बिछौना बिछवा दिया, सुगन्धित जलों का छिड़काव करवाया, मीठे दूध के कटोरे जगह जगह रखवा दिये और सेवकों से कह दिया कि रात को जब सर्प निकले तो कोई उसे किसी प्रकार कष्ट पहुंचाने की कोशिश न करें।
रात को सांप अपनी बांबी में से बाहर निकला और राजा के महल की तरफ चल दिया। वह जैसे आगे बढ़ता गया, अपने लिए की गई स्वागत व्यवस्था को देख देखकर आनन्दित होता गया। कोमल बिछौने पर लेटता हुआ मनभावनी सुगन्ध का रसास्वादन करता हुआ, जगह-जगह पर मीठा दूध पीता हुआ आगे बढ़ता था।
इस तरह क्रोध के स्थान पर सन्तोष और प्रसन्नता के भाव उसमें बढ़ने लगे। जैसे-जैसे वह आगे चलता गया, वैसे ही वैसे उसका क्रोध कम होता गया। राजमहल में जब वह प्रवेश करने लगा तो देखा कि प्रहरी और द्वारपाल सशस्त्र खड़े हैं, परन्तु उसे जरा भी हानि पहुंचाने की चेष्टा नहीं करते।
यह असाधारण सी लगने वाले दृश्य देखकर सांप के मन में स्नेह उमड़ आया। सद्व्यवहार, नम्रता, मधुरता के जादू ने उसे मंत्रमुग्ध कर लिया था। कहां वह राजा को काटने चला था, परन्तु अब उसके लिए अपना कार्य असंभव हो गया। हानि पहुंचाने के लिए आने वाले शत्रु के साथ जिसका ऐसा मधुर व्यवहार है, उस धर्मात्मा राजा को काटूं तो किस प्रकार काटूं? यह प्रश्न के चलते वह दुविधा में पड़ गया।
राजा के पलंग तक जाने तक सांप का निश्चय पूरी तरह से बदल गया। उधर समय से कुछ देर बाद सांप राजा के शयन कक्ष में पहुंचा। सांप ने राजा से कहा, राजन! मैं तुम्हें काटकर अपने पूर्व जन्म का बदला चुकाने आया था, परन्तु तुम्हारे सौजन्य और सदव्यवहार ने मुझे परास्त कर दिया।
अब मैं तुम्हारा शत्रु नहीं मित्र हूं। मित्रता के उपहार स्वरूप अपनी बहुमूल्य मणि मैं तुम्हें दे रहा हूं। लो इसे अपने पास रखो। इतना कहकर और मणि राजा के सामने रखकर सांप चला गया।
संक्षेप
यह महज कहानी नहीं जीवन की सच्चाई है। अच्छा व्यवहार कठिन से कठिन कार्यों को सरल बनाने का माद्दा रखता है। यदि व्यक्ति व्यवहार कुशल है तो वो सब कुछ पा सकता है जो पाने की वो हार्दिक इच्छा रखता है।
🌹 जय श्री कृष्णा 🌹 _
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⚜️ चतुर्दशी तिथि को भगवान शिव का ज्यादा-से-ज्यादा पूजन, अर्चन एवं अभिषेक करना करवाना चाहिये। सामर्थ्य हो तो विशेषकर कृष्ण पक्ष कि चतुर्दशी तिथि को विद्वान् वैदिक ब्राह्मणों से विधिवत भगवान शिव का रुद्राभिषेक करवाना चाहिये। आज चतुर्दशी तिथि में भगवान् शिव का रुद्राभिषेक यदि शहद से किया करवाया जाय तो इससे मारकेश कि दशा भी शुभ फलदायिनी बन जाती है। जातक के जीवन कि सभी बाधायें निवृत्त हो जाती है और जीवन में सभी सुखों कि प्राप्ति सजह ही हो जाती है।।

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