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खरमास समाप्त : अब एक माह तक गूंजेंगी विवाह की शहनाइयां नामकरण, यज्ञोपवीत और गृह प्रवेश भी होंगे

रिपोर्टर : शिवलाल यादव
रायसेन।
साल के दूसरे महीने के पहले पखवाड़े तक तीज-त्योहार रहेंगे, नर्मदा जयंती भी मनेगी।एक माह बाद नए साल के दूसरे पखवाड़े में शुक्रवार से खरमास समाप्त होने के साथ ही विवाह समेत अन्य मांगलिक कार्यों का श्रीगणेश हो गया है। संयोगवश शनिवार को मकर संक्रांति और प्रदोष होने से यह दिन शुभता से भरा रहा। एक ओर मकर संक्रांति पर्व मना ताे वहीं विवाह की शहनाइयाें की गूंज भी सुनाई देने लगी है।
हालांकि विवाह मुहूर्त अभी केवल फरवरी महीने तक ही हैं। मार्च में विवाह मुहूर्त नहीं हैं। फिर अप्रैल के दूसरे पखवाड़ा यानी 15 तारीख से विवाह मुहूर्त शुरू होंगे।जो जुलाई तक रहेंगे। दूसरी ओर साल के दूसरे महीने के पहले पखवाड़े तक तीज-त्योहार रहेंगे। इस अवधि में मौनी-माघी अमावस्या, गुप्त नवरात्र, बसंत पंचमी और नर्मदा जयंती जैसे बड़े पर्व भी रहेंगे।
सूर्य के मकर राशि में पहुंचने पर मांगलिक कार्य और विवाह शुरू, मार्च में विवाह मुहूर्त नहीं रहेंगे।
ज्योतिषाचार्य व धर्मगुरु पण्डित ओमप्रकाश शुक्ला के अनुसार खरमास में सूर्य के धनु राशि में रहने से बृहस्पति निस्तेज हो जाते हैं।इसलिए विवाह और अन्य मांगलिक कार्य नहीं होते हैं। विवाह और शुभ कार्यों के लिए बृहस्पति का प्रभावी होना जरूरी है। अब सूर्य के मकर राशि में पहुंचने पर मांगलिक कार्य और विवाह शुरू होने जा रहे हैं। इनमें जनेऊ, नामकरण, मुंडन, नए संस्थान का शुभारंभ, गृह प्रवेश शामिल है। मार्च में गुरु व शुक्र के अस्त रहने के कारण विवाह मुहूर्त नहीं रहेंगे। विवाह के लिए दोनों ग्रहों का उदित रहना जरूरी है, परंतु धार्मिक अनुष्ठान व तीज-त्योहार मनाए जा सकते हैं।
2022 के विवाह मुहूर्त किस महीने में कितने और कब…..
जनवरी- 20 से 25, 27 से 30 जनवरी तक।
फरवरी- 4 से 6, 9 से 11, 16 से 21फरवरी से।
अप्रैल- 15, 17, 19 से 23, 27, 28 ।
मई- 2 से 4, 9 से 20, 24 से 26, 31
जून- 1, 5 से 17, 21 से 23, 26
जुलाई – 2,3, 5, 6, 8।
(इसके बाद 4 नवंबर को देवउठनी एकादशी पर प्रारंभ होंगे)
पुष्य नक्षत्र- 17, 18 जनवरी,14, 5 फरवरी अमृत सिद्धि – 23 जनवरी, 20 और 23 फरवरी।

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