Today Panchang आज का पंचांग रविवार, 02 मार्च 2025

आचार्य श्री गोपी राम (ज्योतिषाचार्य) जिला हिसार हरियाणा मो. 9812224501
✦••• जय श्री हरि •••✦
🧾 आज का पंचांग 🧾
रविवार 02 मार्च 2025
भगवान सूर्य जी का मंत्र : ऊँ घृणि सूर्याय नम: ।।
🌠 रविवार को की गई सूर्य पूजा से व्यक्ति को घर-परिवार और समाज में मान-सम्मान की प्राप्ति होती है। रविवार के दिन उगते हुए सूर्य को देव को एक ताबें के लोटे में जल, चावल, लाल फूल और रोली डालकर अर्ध्य करें।
इस दिन आदित्य ह्रदय स्रोत्र का पाठ करें एवं यथा संभव मीठा भोजन करें। सूर्य को आत्मा का कारक माना गया है, सूर्य देव को जल देने से पितृ कृपा भी मिलती है।
रविवार के दिन भैरव जी के दर्शन, आराधना से समस्त भय और संकट दूर होते है, साहस एवं बल की प्राप्ति होती है। रविवार के दिन जी के दर्शन अवश्य करें ।
रविवार के दिन भैरव जी के मन्त्र ” ॐ काल भैरवाय नमः “ या ” ॐ श्री भैरवाय नमः “ की एक माला जाप करने से समस्त संकट, भय दूर होते है, रोगो, अकाल मृत्यु से बचाव होता है, मनवांछित लाभ मिलता है।
🌐 शुभ हिन्दू नववर्ष 2024 संवत्सर क्रोधी
📖 संवत्सर (उत्तर) कालयुक्त
🧾 विक्रम संवत 2081 विक्रम संवत
🔮 गुजराती संवत 2080 विक्रम संवत
☸️ शक संवत 1946 शक संवत
☪️ कलि संवत 5125 कलि संवत
🕉️ शिवराज शक 351
☣️ आयन – उत्तरायण
☀️ ऋतु – सौर बसंत ऋतु
🌤️ मास – फाल्गुन मास
🌘 पक्ष – शुक्ल पक्ष
📆 तिथि : रविवार फाल्गुन माह के शुक्ल पक्ष तृतीया तिथि 09:02 PM तक उपरांत चतुर्थी
✏️ तिथि स्वामी – तृतीया तिथि की स्वामी माँ गौरी और कुबेर जी है ।तृतीया: किसी भी पक्ष की तीसरी तारीख को तृतीया तिथि या तीज कहते है।
💫 नक्षत्र – नक्षत्र उत्तरभाद्रपदा 08:59 AM तक उपरांत रेवती 06:39 AM तक उपरांत अश्विनी
🪐 नक्षत्र स्वामी – उत्तरा भाद्रपद नक्षत्र का स्वामी शनिदेव और गुरु हैं।
⚜️ योग – शुभ योग 12:39 PM तक, उसके बाद शुक्ल योग
⚡ प्रथम करण : तैतिल – 10:35 ए एम तक
✨ द्वितीय करण : गर – 09:01 पी एम तक वणिज
🔥 गुलिक काल : रविवार को शुभ गुलिक काल 02:53 पी एम से 04:17 पी एम
🤖 राहुकाल (अशुभ) – सायं 4:51 बजे से 6:17 बजे तक। राहु काल में शुभ कार्य करना वर्जित माना गया है।
⚜️ दिशाशूल – रविवार को पश्चिम दिशा की यात्रा नहीं करनी चाहिये, यदि अत्यावश्यक हो तो पान एवं घी खाकर यात्रा कर सकते है।
🌞 सूर्योदयः- प्रातः 06:15:00
🌅 सूर्यास्तः- सायं 05:45:00
👸🏻 ब्रह्म मुहूर्त : 05:06 ए एम से 05:56 ए एम
🌇 प्रातः सन्ध्या : 05:31 ए एम से 06:45 ए एम
🌟 अभिजित मुहूर्त : 12:10 पी एम से 12:57 पी एम
✡️ विजय मुहूर्त : 02:29 पी एम से 03:16 पी एम
🐃 गोधूलि मुहूर्त : 06:19 पी एम से 06:44 पी एम
🏙️ सायाह्न सन्ध्या : 06:22 पी एम से 07:36 पी एम
💧 अमृत काल : 04:29 ए एम, मार्च 03 से 05:55 ए एम, मार्च 03
🗣️ निशिता मुहूर्त : 12:08 ए एम, मार्च 03 से 12:58 ए एम, मार्च 03
⭐ सर्वार्थ सिद्धि योग : 06:45 ए एम से 08:59 ए एम 06:39 ए एम, मार्च 03 से 06:44 ए एम, मार्च 03
❄️ रवि योग : 08:59 ए एम से 06:39 ए एम, मार्च 03
🚓 यात्रा शकुन-इलायची खाकर यात्रा प्रारंभ करें।
👉🏼 आज का मंत्र-ॐ घृणि: सूर्याय नम:।
🤷🏻♀️ आज का उपाय-विष्णु मंदिर में आठ बादाम चढ़ाएं।
🪵 वनस्पति तंत्र उपाय-बेल के वृक्ष में जल चढ़ाएं।
⚛️ पर्व एवं त्यौहार : रवि योग/ सर्वार्थसिद्धि योग/मूल प्रारंभ/ मुस्लिम रमज़ान मासारंभ/ पंचक समाप्ति 30.38/ ‘भारत कोकिला’ सुप्रसिद्ध कवयित्री सरोजिनी नायडू स्मृति दिवस, छत्रपति शिवाजी महाराज के छोटे पुत्र राजाराम पुण्य तिथि, भारतीय तीरंदाज़ खिलाड़ी जयन्त तालुकदार जन्म दिवस, भारतीय संगीत निर्देशक आनंदजी विरजी शाह जन्म दिवस, अभिनेत्रा किशोर भट्ट जन्म दिवस, राजनीतिज्ञ बसंत सिंह खालसा जन्म दिवस, भारत के पूर्व हॉकी खिलाड़ी सैयद अली पुण्य तिथि, प्रसिद्ध शास्त्रीय वादक बी. एस. नारंग स्मृति दिवस, राष्ट्रीय पोषण माह (1 से 31 मार्च)
✍🏼 तिथि विशेष – तृतीया तिथि में नमक का दान तथा भक्षण दोनों ही त्याज्य बताया गया है। तृतीया तिथि एक सबला अर्थात बल प्रदान करने वाली तिथि मानी जाती है। इतना ही नहीं यह तृतीया तिथि आरोग्यकारी रोग निवारण करने वाली तिथि भी मानी जाती है। इस तृतीया तिथि की स्वामिनी माता गौरी और इसके देवता कुबेर देवता हैं। यह तृतीया तिथि जया नाम से विख्यात मानी जाती है। यह तृतीया तिथि शुक्ल पक्ष में अशुभ फलदायिनी मानी जाती है।
🏘️ Vastu tips 🏚️
कपड़े – कपड़ों की अदला-बदली दोस्तों और रिश्तेदारों के बीच सबसे ज्यादा होती है। इस आदत का प्रभाव आपके भाग्य पर भी पड़ सकता है। वास्तु के अनुसार ऐसा माना जाता है कि हर व्यक्ति की अपनी एक एनर्जी होती है। अगर आप किसी दूसरे व्यक्ति के कपड़े पहनते हैं तो इससे उस व्यक्ति की एनर्जी जोकि सकारात्मक और नकारात्मक दोनों ही हो सकती है, इसका प्रभाव आपके जीवन पर पड़ सकता है।इसलिए कोशिश करें कि किसी से भी उधार मांगकर कपड़े ना पहनें।
घड़ी – घड़ी से व्यक्ति की किस्मत जुड़ी होती है जोकि उस व्यक्ति के अच्छे और बुरे समय को बताती है। यदि आप किसी की घड़ी उधार मांगकर पहनते हैं तो उस व्यक्ति का दुर्भाग्य आपके जीवन पर भी पड़ सकता है।
♻️ जीवनोपयोगी कुंजियां ⚜️
ऐसा चिंतन करे बुद्धि का विकास !
सुबह नींद में से उठे तो थोड़ी देर चुप बैठे | फिर ऐसा चिंतन करें : ‘आज मै कभी भी फरियाद का चिंतन नहीं करूँगा, अपने मन को दृढ़ रखूँगा क्योंकि मेरे मन की गहराई में मेरे भगवान हैं | भगवान सदा एकरस हैं, दृढ़ हैं तो मन दृढ़ होगा तो उसमें भगवान की सत्ता आयेगी | मेरी बुद्धि को दृढ़ करूँगा, बुरी संगति नहीं करूँगा, बुरे विचारों में नहीं गिरूँगा | मैं भगवान का हूँ, भगवान मेरे हैं | प्रभु ! आप मेरे हैं न ! आप चेतनस्वरूप हैं, आनंदस्वरूप हैं, ज्ञानस्वरूप हैं, आप शांत आत्मा हैं |
इस प्रकार का चिंतन करने से बुद्धि बढ़ेगी | क्या करूँ, कैसे करूँ, मेरा ऐसा हो गया | …. फिर जो पढ़ा है अथवा जो पढना है उसका थोडा चिंतन करो | चिंतन से बुद्धि का विकास होता है और चिंता से बुद्धि का विनाश होता है |
सूर्यनारायण को अर्घ्य देना, भगवन्नाम का जप करना, भगवान को एकटक देखते-देखते फिर उनको आज्ञाचक्र में देखना | इनसे बुद्धि का विकास होता है |
🍃 आरोग्य संजीवनी ☘️
जकड़ाहट, आमवात, जोड़ों का दर्द आदि हो तो…._
शरीर जकड़ा हुआ है, आमवात, जोड़ो का दर्द, घुटनों का दर्द आदि कि शिकायत ज्यादा है तो भोजन के समय 1 गिलास गुनगुना पानी रखो | उसमें अदरक के रस की 10-12 बुँदे डाल दो अथवा चौथाई ग्राम ( 1 चनाभर) सौंठ-चूर्ण मिला दो | भोजन के बीच-बीच में 2 -2 घूँट वह पानी पियो | 80 ग्राम लहसुन कि कलियाँ कूट के 100 ग्राम अरंडी के तेल में डाल दें और गर्म करें | कलियाँ जल जायें तो वह तेल उतार के रख लें | इससे घुटनों को, जोड़ों को मालिश करने से फायदा होता है |
📖 गुरु भक्ति योग 🕯️
सन्तों की अपनी ही मौज होती है। एक सन्त अपने शिष्य के साथ किसी अजनबी नगर में पहुँचे। रात हो चुकी थी और वह दोनों सिर छुपाने के लिए किसी आसरे की तलाश में थे। उन्होंने एक घर का दरवाजा खटखटाया, वह एक धनिक का घर था और अंदर से परिवार का मुखिया निकलकर आया।
वह संकीर्ण वृत्ति का था, उसने कहा – ‘मैं आपको अपने घर के अन्दर तो नहीं ठहरा सकता लेकिन तलघर में हमारा स्टोर बना है। आप चाहें तो वहाँ रात को रुक सकते हैं, लेकिन सुबह होते ही आपको जाना होगा।’
वह सन्त अपने शिष्य के साथ तलघर में ठहर गए। वहाँ के कठोर फर्श पर वह सोने की तैयारी कर रहे थे कि तभी सन्त को दीवार में एक दरार नजर आई। सन्त उस दरार के पास पहुँचे और कुछ सोचकर उसे भरने में जुट गए।
शिष्य के कारण पूछने पर सन्त ने कहा – ‘चीजें हमेशा वैसी नहीं होतीं, जैसी दिखती हैं।’
अगली रात वह दोनों एक गरीब किसान के घर आसरा मांगने पहुँचे। किसान और उसकी पत्नी ने प्रेमपूर्वक उनका स्वागत किया। उनके पास जो कुछ रूखा-सूखा था, वह उन्होंने उन दोनों के साथ बाँटकर खाया और फिर उन्हें सोने के लिए अपना बिस्तर दे दिया।
किसान और उसकी पत्नी नीचे फर्श पर सो गए। सवेरा होने पर सन्त व उनके शिष्य ने देखा कि किसान और उसकी पत्नी रो रहे थे क्योंकि उनका बैल खेत में मरा पड़ा था।
यह देखकर शिष्य ने सन्त से कहा – ‘गुरुदेव! आपके पास तो कई सिद्धियाँ हैं, फिर आपने यह क्यों होने दिया? उस धनिक के पास सब कुछ था, फिर भी आपने उसके तलघर की मरम्मत करके उसकी मदद की, जबकि इस गरीब ने कुछ ना होने के बाद भी हमें इतना सम्मान दिया फिर भी आपने उसके बैल को मरने दिया।’
सन्त फिर बोले – ‘चीजें हमेशा वैसी नहीं होतीं, जैसी दिखती हैं। उस धनिक के तलघर में दरार से मैंने यह देखा कि उस दीवार के पीछे स्वर्ण का भण्डार था। उस घर का मालिक बेहद लोभी और कृपण था, इसलिए मैंने उस दरार को बन्द कर दिया, ताकि स्वर्ण भण्डार उसके हाथ ना लगे।
इस किसान के घर में हम इसके बिस्तर पर सोए थे। रात्रि में इस किसान की पत्नी की मौत लिखी थी और जब यमदूत उसके प्राण हरने आए तो मैंने रोक दिया, लेकिन वह खाली हाथ नहीं जा सकते थे, इसलिए मैंने उनसे किसान के बैल के प्राण ले जाने के लिए कहा।’ यह सुनकर शिष्य सन्त के समक्ष नतमस्तक हो गया।
ठीक इसी तरह गुरु की कृपा वह नहीं है जो हम चाहते बल्कि गुरु-कृपा तो वह है जो गुरुदेव चाहते हैं।
हर चीज़ वैसी नहीं होती जैसी दिखती है – हमें किसी भी घटना को केवल सतही रूप से नहीं देखना चाहिए, बल्कि उसके पीछे की गहरी सच्चाई को समझने का प्रयास करना चाहिए।
जो होता है, अच्छे के लिए होता है – कभी-कभी हमें लग सकता है कि हमारे साथ कुछ गलत हो रहा है, लेकिन बाद में हमें एहसास होता है कि वह हमारे भले के लिए ही था।
सच्ची कृपा वही होती है जो गुरु या ईश्वर चाहते हैं – हम अपनी इच्छाओं के अनुसार गुरु-कृपा की अपेक्षा नहीं कर सकते, बल्कि हमें विश्वास रखना चाहिए कि जो भी होता है, हमारे जीवन में वह सबसे उचित होता है।
दान और सेवा का सच्चा फल मिलता है – दयालु और सेवा भाव रखने वाले व्यक्ति को दीर्घकालिक सुख और आशीर्वाद प्राप्त होते हैं, जबकि स्वार्थी और लालची व्यक्ति अपने लाभ से वंचित रह जाते हैं।
कर्मों का फल निश्चित होता है – अच्छे कर्म करने वालों को किसी न किसी रूप में ईश्वर की कृपा मिलती है, जबकि बुरे कर्म करने वालों को अपने कर्मों का दंड भुगतना ही पड़ता है।
••••••✤••••┈••✦👣✦•┈•••••✤•••••
⚜️ तृतीया तिथि केवल बुधवार की हो तो अशुभ मानी जाती है। अन्यथा इस तृतीया तिथि को सभी शुभ कार्यों में लिया जा सकता है। आज तृतीया तिथि को माता गौरी की पूजा करके व्यक्ति अपनी मनोवाँछित कामनाओं की पूर्ति कर सकता है। आज तृतीया तिथि में एक स्त्री माता गौरी की पूजा करके अचल सुहाग की कामना करे तो उसका पति सभी संकटों से मुक्त हो जाता है। आज तृतीया तिथि को भगवान कुबेर जी की विशिष्ट पूजा करनी चाहिये। देवताओं के कोषाध्यक्ष की पूजा आज तृतीया तिथि को करके मनुष्य अतुलनीय धन प्राप्त कर सकता है।



