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साल 2025 में नरसिंह द्वादशी कब है और इस दिन व्रत रखने से कैसे फल व्यक्ति को मिलते हैं, आइए इस बारे में

Astologar Gopi Ram : आचार्य श्री गोपी राम (ज्योतिषाचार्य) जिला हिसार हरियाणा मो. 9812224501
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🔮 10 मार्च 2025 : फाल्गुन माह के शुक्ल पक्ष की द्वादशी तिथि को भगवान विष्णु ने अपने भक्त प्रह्लाद की रक्षा के लिए नरसिंह अवतार लिया था। इसलिए आज भी इस दिन नरसिंह द्वादशी का व्रत रखा जाता है। होली से दो-तीन दिन पहले नरसिंह द्वादशी का रखना बेहद शुभ फलदायक माना जाता है। साल 2025 में नरसिंह द्वादशी कब है और इस दिन व्रत रखने से कैसे फल व्यक्ति को मिलते हैं, आइए इस बारे में विस्तार से जानते हैं।
💮 नरसिंह द्वादशी 2025_
इस साल फाल्गुन माह के शुक्ल पक्ष की द्वादशी तिथि 10 मार्च को सुबह 7 बजकर 47 मिनट पर शुरू होगी। द्वादशी तिथि का समापन 11 मार्च की शाम को 8 बजकर 16 मिनट पर होगा। ऐसे में उदयातिथि की मान्यता के अनुसार 11 मार्च को नरसिंह द्वादशी का व्रत रखना शुभ माना जाएगा। इस दिन आपको किस विधि से नरसिंह भगवान की पूजा करनी चाहिए तो आइए जानते हैं आचार्य श्री गोपी राम से अब इस बारे में जानते हैं।
🙇🏻 नरसिंह द्वादशी पूजा विधि_
नरसिंह द्वादशी के दिन आपको प्रात: काल जल्दी उठकर स्नान ध्यान करना चाहिए और स्वच्छ वस्त्र धारण करने चाहिए। इस दिन पीले रंग के वस्त्र पहनना शुभ माना जाता है। इसके बाद पूजा स्थल पर नरसिंह भगवान की प्रतिमा आपको स्थापित करनी चाहिए। पूजा में फूल, फल और मिष्ठान भगवान नरसिंह को अर्पित आपको करना चाहिए। नरसिंह भगवान की पूजा पूर्व या उत्तर दिशा की ओर मुख करके आपको करनी चाहिए। इसके बाद विधि पूर्वक नरिसंह भगवान की पूजा करनी चाहिए। पूजा के दौरान आप विष्णु भगवान की आरती भी कर सकते हैं। पूजा समाप्ति के बाद भगवान को भोग लगाना चाहिए और परिवार के लोगों में भी प्रसाद वितरित करना चाहिए।
🦁 नरसिंह द्वादशी व्रत का महत्व और लाभ
भगवान विष्णु को चौथा अवतार नरसिंह स्वरूप माना जाता है। भक्त प्रह्लाद की रक्षा के लिए विष्णु भगवान ने यह रूप धारण किया था। इस अवतार में भगवान का आधा शरीर सिंह का और आधा मनुष्य का था इसलिए इन्हें नरसिंह भगवान कहा जाता है। मान्यताओं के अनुसार नरसिंह द्वादशी के दिन व्रत रखने से जन्म जन्मांतर के पाप भी धुल जाते हैं और भक्त को मोक्ष की प्राप्ति होती है। इसके साथ ही जीवनभर व्यक्ति को दुख और बाधाओं का सामना नहीं करना पड़ता। हिंदू शास्त्रों के अनुसार नरसिंह द्वादशी का व्रत रखने से ब्रह्महत्या का पाप भी मिट जाता है। जो भी भक्त विष्णु भगवान के नरसिंह स्वरूप की पूजा करता है, उनकी रक्षा भगवान अपने भक्त प्रह्लाद की तरह ही करते हैं। समस्त दुखों के निवारण के लिए नरसिंह द्वादशी का व्रत बेहद शुभ होता है।

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