ज्योतिष

आज का पंचांग शनिवार, 24 दिसम्बर 2022

आचार्य श्री गोपी राम (ज्योतिषाचार्य) जिला हिसार हरियाणा मो. 9812224501
✦••• जय श्री हरि ••• ✦
🧾 आज का पंचाग 🧾
शनिवार 24 दिसम्बर 2022

शनि देव जी का तांत्रिक मंत्र – ऊँ प्रां प्रीं प्रौं सः शनैश्चराय नमः।।
। श्री हरि आप सभी का कल्याण करें ।
☄️ दिन (वार) -शनिवार के दिन क्षौरकर्म अर्थात शनिवार को पीपल वृक्ष में मिश्री मिश्रित दूध से अर्घ्य देने से लक्ष्मी की प्राप्ति होती है। पीपल के नीचे सायंकालीन समय में एक चतुर्मुख दीपक जलाकर हनुमान चालीसा का पाठ करने से सभी ग्रह दोषों की निवृति हो जाती है।
पुराणों में वर्णित है कि पिप्पलाद ऋषि ने अपने बचपन में माता पिता के वियोग का कारण शनि देव को जानकर उनपर ब्रह्म दंड से प्रहार कर दिया, जिससे शनि देव घायल हो गए। देवताओं की प्रार्थना पर पिप्पलाद ऋषि ने शनि देव को इस बात पर क्षमा किया कि शनि जन्म से लेकर 16 साल तक की आयु तक एवं उनके भक्तो को किसी को भी कष्ट नहीं देंगे। तभी से पिप्पलाद का स्मरण करने से ही शनि देव के प्रकोप से मुक्ति मिल जाती है।
शिवपुराण के अनुसार शनिवार के दिन पिप्पलाद श्लोक का या पिप्पलाद ऋषि जी के केवल इन तीन नामों (पिप्पलाद, गाधि, कौशिक) को जपने से शनि की पीड़ा शान्त हो जाती है ।
🔮 शुभ विक्रम संवत्-2079, शक संवत्-1944, हिजरी सन्-1443, ईस्वी सन्-2022
🌐 संवत्सर नाम-राक्षस
✡️ शक संवत 1944 (शुभकृत् संवत्सर)
☸️ काली सम्वत 5123
☣️ सायन दक्षिणायन
🌦️ ऋतु – सौर शिशिर ऋतु
🌤️ मास – पौष मास
🌒 पक्ष – शुक्ल पक्ष
📆 तिथि – प्रतिपदा 13:58 PM बजे तक उपरान्त द्वितीया तिथि है।
✏️ तिथि स्वामी : प्रतिपदा इसे प्रथम तिथि कहा गया है। इस तिथि के स्‍वामी अग्निदेव हैं। इनकी उपासना से घर में धन धान्‍य, आयु, यश, बल और मेधा आदि की वृद्धि होती है।
💫 नक्षत्र : पूर्वाषाढा – 10:15 पी एम तक उत्तराषाढा
🪐 नक्षत्र स्वामी : पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र मंडल का 20वाँ नक्षत्र है। यह धनुराशि में आता है। इस नक्षत्र का स्वामी शुक है तो राशि स्वामी शुक्र।
📣 योग : वृद्धि – 09:27 ए एम तक ध्रुव – 05:10 ए एम, दिसम्बर 25 तक व्याघात
प्रथम करण : बव – 12:06 पी एम तक
द्वितीय करण : बालव – 10:15 पी एम तक कौलव
🔥 गुलिक काल : शनिवार का गुलिक काल 07:11 ए एम से 08:28 ए एम
⚜️ दिशाशूल – शनिवार को पूर्व दिशा की यात्रा नहीं करनी चाहिये, यदि अत्यावश्यक हो तो अदरख एवं घी खाकर यात्रा कर सकते है।
🤖 राहुकाल (अशुभ) – सुबह 09:00 बजे से 10:30 बजे तक राहु काल में कोई भी शुभ कार्य नहीं करना चाहिए |
🌞 सूर्योदय – प्रातः 06:47:38
🌅 सूर्यास्त – सायं 17:13:32
👸🏻 ब्रह्म मुहूर्त : 05:22 ए एम से 06:16 ए एम
🌇 प्रातः सन्ध्या : 05:49 ए एम से 07:11 ए एम
🌟 अभिजित मुहूर्त : 12:00 पी एम से 12:41 पी एम
✡️ विजय मुहूर्त : 02:04 पी एम से 02:45 पी एम
🐃 गोधूलि मुहूर्त : 05:20 पी एम से 05:44 पी एम
🏙️ सायाह्न सन्ध्या : 05:30 पी एम से 06:52 पी एम
💧 अमृत काल : 06:03 पी एम से 07:27 पी एम
🗣️ निशिता मुहूर्त : 11:54 पी एम से 12:48 ए एम, दिसम्बर 25
🌸 त्रिपुष्कर योग : 10:15 पी एम से 07:11 ए एम, दिसम्बर 25
🕉️ वृद्धि योग – आज सुबह 9 बजकर 27 मिनट तक
☄️ ध्रुव योग – अगले दिन सुबह 5 बजकर 10 मिनट तक
💥 पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र – आज रात 10 बजकर 15 मिनट तक
🚓 यात्रा शकुन-शर्करा मिश्रित दही खाकर घर से निकलें।
👉🏼 आज का मंत्र-ॐ प्रां प्रीं प्रौं स: शनयै नम:।
🤷🏻‍♀️ आज का उपाय-शनि मंदिर में इमरती भेंट करें।
🪵 वनस्पति तंत्र उपाय-शमी के वृक्ष में जल चढ़ाएं।
⚛️ पर्व एवं त्यौहार – चन्द्रदर्शन, राष्ट्रीय उपभोक्ता दिवस, मोहम्मद रफी गायक जन्म दिवस, भारतीय ग्राहक दिवस
✍🏽 विशेष – प्रतिपदा तिथि को कद्दू एवं कूष्माण्ड का दान एवं भक्षण दोनों ही त्याज्य बताया गया है। प्रतिपदा तिथि वृद्धि देनेवाली तिथि मानी जाती है। साथ ही प्रतिपदा तिथि सिद्धिप्रद तिथि भी मानी जाती है। इस प्रतिपदा तिथि के स्वामी अग्नि देवता हैं। यह प्रतिपदा तिथि नन्दा नाम से विख्यात मानी जाती है।
🦃 Vastu tips 🦚
वास्तु शास्त्र में आचार्य श्री गोपी राम से जाने घर में लगी पक्षियों की तस्वीरों के बारे में। पक्षियों की तस्वीरें घर में पॉजिटिव रिजल्ट्स लेकर आती हैं | कई लोगों को काफी मेहनत और लगन से काम करने के बाद भी सफलता नहीं मिल पाती, तो ऐसे लोगों कोअपने घर में पक्षियों की तस्वीर लगानी चाहिए।
वास्तु की दृष्टि में पक्षियों को शुभ माना जाता है। जहां पक्षी होते हैं वहां का वातावरण अपने आप ही आनंदमय हो जाता है | यहां ध्यान रहे कि घर मे असली पक्षी पालने से मनुष्य की महत्वाकांक्षाओ को हानी होती है जबकि प्रतीक रूप मे पक्षियों की तस्वीर अथवा मूर्ति घर में रखने से सकरात्मक ऊर्जा का निवास होता है और नकारात्मक ऊर्जा से छुटकारा मिलता है | इससे आपकी सफलता के योग बनने शुरू हो जाते हैं । पक्षियों की तस्वीर लगाने के लिये पूर्व दिशा का चुनाव करना सबसे अच्छा होता है ।
❇️ जीवनोपयोगी कुंजियां ⚜️
जब असमंजस में पड़ जायें तो….
कई बार हम असमंजस में पड़ जाते हैं, जैसे एक बार रघु राजा असमंजस में पड़ गए थे कि ब्राह्मण को बचाता हूँ तो राक्षस मर जायेगा और राक्षस को बचाता हूँ तो ब्राह्मण मर जायेगा । तो उन्होंने भगवान नारायण का इस प्रकार सुमिरन किया “पातु माम भगवान विष्णु हरि नाम सत ….पातु मन भगवान विष्णु हरि नाम सत” और भगवान विष्णु ने राक्षस को मुक्ति प्रदान कर रघु राजा की दुविधा का समाधान किया था ।
🍃 आरोग्य संजीवनी ☘️
सोने के बाद एसिडिटी नहीं होती दूध रोटी आसानी से पच जाता है। जी हां, क्योंकि जब आप इसे खाते हैं तो पेट इसे एक थोक भोजन के रूप में लेता है और तेजी से काम करता है और इसे पचा देता है। इससे आपको रात में सोने के बाद गैस और एसिडिटी की समस्या नहीं होती है। तो, इसलिए आपको रात में दूध रोटी खाना चाहिए।_
कब्ज नहीं होती कब्ज की समस्या आजकल हर किसी को परेशान कर रही है। ऐसे में दूध रोटी पेट को साफ करने में मदद करता है। ये बॉवेल मूवमेंट को तेज करता है और कब्ज को होने से रोकता है। इसलिए इसे खा कर जब सुबह आप उठते हैं तो आपका पेट साफ हो जाता है।
नींद सही रहती है बहुत भारी भोजन खाना या तेल मसाले वाली चीजों को खाना आपकी नींद को प्रभावित करता है। ऐसे में होता ये है कि आपका शरीर इसे पचाने के लिए रेगुलर दिमाग से बात करता है और जगा रहता है। इससे गहरी नींद नहीं आती है। ऐसे में दूध रोटी जब आसानी से पच जाती है तो आपको आराम से नींद आती है।
📖 गुरु भक्ति योग 🕯️
दोषों को भगाने की युक्तियाँ जिन कारणों से आपकी साधना में रुकावटें आती हैं, जिन विकारों के कारण तुम गिरते हो, जिस चिन्तन तथा कर्म से आपका पतन होता है, उनको दूर करने के लिए प्रात:काल सूर्यादय से पूर्व उठकर स्नानादि से निवृत्त हो, पूर्वाभिमुख होकर आसन पर बैठ जायें । अपने इष्ट या गुरुदेव का स्मरण करके उनसे स्नेहपूर्वक मन ही मन बातें करें । बाद में 10-15 गहरे श्वास लें और ‘हरि ॐ’ का गुंजन करते हुए अपनी दुर्बलताओं को मानसिक रुप से सामने लायें और ॐकार की पवित्र गदा से उन्हें कुचलते जायें ।
अगर बार बार बीमार पड़ते हो तो उन बीमारियों का चिन्तन करके उनकी जड़ को ही ॐ की गदा से तोड़ डालें । बाद में बाहर से थोड़ा बहुत उपचार करके उनकी डालियों और पत्तों को भी नष्ट कर डालें । अगर काम-क्रोधादि मन की बीमारियाँ हैं तो उन पर भी ॐकार की गदा का प्रहार करें ।
की हुई गलती फिर से न करे, तो आदमी स्वाभाविक ही निर्दोष हो जाता है । की हुई गलती फिर से न करना यह बड़ा प्रायश्चित है । गलती करता रहे और प्रायश्चित भी करता रहे तो इससे कोई ज्यादा फायदा नहीं होता । इससे तो फिर अंदर में ग्रंथि बन जाती है कि “मैं तो ऐसा ही हूँ |”
कोई भी गलती दुबारा न होने दो । सुबह नहा धोकर पूर्वाभिमुख बैठकर या बिस्तर में ही शरीर खींचकर ढीला छोड़ने के बाद यह निर्णय करो कि “मेरी अमुक-अमुक गलतियाँ हैं, जैसे कि, ज्यादा बोलने की । ज्यादा बोलने से मेरी शक्ति क्षीण होती है |” वाणी के अति व्यय से कईयों का मन पीड़ित रहता है। इससे हानि होती है ।
अपना नाम लेकर सुबह संकल्प करो। यदि आपका नाम गोविंद है तो कहो: “देख गोविंद ! आज कम से कम बोलना है । वाणी की रक्षा करनी है । जो ज्यादा और अनावश्यक बोलता है उसकी वाणी का प्रभाव क्षीण हो जाता है । जो ज्यादा बोला करता होगा वह झूठ जरुर बोलता होगा, पक्की बात है । कम बोलने से, नहीं बोलने से, असत्य भाषण और निन्दा करने से हम बच जायेंगे । राग-द्वेष, ईर्ष्या, क्रोध व अशांति से भी बचेंगे । न बोलने में छोटे-मोटे नौ गुण हैं । इस प्रकार मन को समझा दो । ऐसे ही यदि ज्यादा खाने का या कामविकार का या और कोई भी दोष हो तो उसे निकाल सकते हैं ।
साधक को कैसा जीवन जीना, क्या नियम लेना, किन कारणों से पतन होता है, किन कारणों से वह भगवान और गुरुओं से दूर हो जाता है और किन कारणों से भगवत्तत्व के नजदीक आ जाता है – इस प्रकार का अध्ययन, चिंतन, बीती बात का सिंहावलोकन व उन्नति के लिए नये संकल्प करने चाहिए ।
𖡼•┄•𖣥𖣔𖣥•┄•𖡼🙏🏻𖡼•┄•𖣥𖣔𖣥•┄•𖡼
⚜️ प्रतिपदा तिथि शुक्ल पक्ष में अशुभ तथा कृष्ण पक्ष में शुभ फलदायिनी मानी जाती है। आज प्रतिपदा तिथि को अग्निदेव से धन प्राप्ति के लिए एक अत्यंत ही प्रभावी उपाय कर सकते हैं। इस अनुष्ठान से अग्निदेव से अद्भुत तेज प्राप्त करने के लिए भी आज का यह उपाय कर सकते हैं। साथ ही आज किसी विशिष्ट मनोकामना की पूर्ति भी इस अनुष्ठान के माध्यम से अग्निदेव से करवायी जा सकती हैं। इसके लिए आज अग्नि घर पर ही प्रज्ज्वलित करके गाय के शुद्ध देशी घी से (ॐ अग्नये नम: स्वाहा) इस मन्त्र से हवन करना चाहिये।
शास्त्र के अनुसार जिस व्यक्ति का जन्म प्रतिपदा तिथि में होता है वह व्यक्ति अनैतिक कार्यों में संलग्न रहने वाला होता है। ऐसा व्यक्ति कानून के विरूद्ध जाकर काम करने वाला भी होता है। ऐसे लोगों को मांस मदिरा काफी पसंद होता है अर्थात ये तामसी भोजन के शौकीन होते हैं। आम तौर पर इनकी दोस्ती ऐसे लोगों से होती है जिन्हें समाज में सम्मान की दृष्टि से नहीं देखा जाता अर्थात बदमाश और ग़लत काम करने वाले लोग।

Related Articles

Back to top button