मध्य प्रदेश

आदिवासी बहुल अभ्यारण्य जंगल क्षेत्र के गाँव होंगे बिजली से रोशन, वन विभाग ने दिखाई मानवीयता

शीध्र ही वन विभाग देगा बिजली विभाग को अनापत्ति प्रमाण पत्र
रिपोर्टर : विनोद साहू
बाड़ी । रायसेन जिले की भोजपुर विधानसभा क्षेत्र में रातापानी अभ्यारण व सिंघोरी अभ्यारण बनने से वन क्षेत्र में हिंसक जानवरों को संरक्षित और सुरक्षित होने से सरकार की कोई भी योजनाएं वनक्षेत्र में लागू नहीं होती यहाँ तक कच्ची सड़क भी वन विभाग बनाता हैं । आज के डिजिटल दौर में बिजली की उपयोगिता से महरुम रहे वन ग्रामों में भाजपा नेता गणेश मालवीय की पहल पर विस्थापन रुक सकता हैं ।
ओब्दुल्लागंज एवं बाड़ी ब्लॉक के दस आदिवासी ग्राम के लोग गणेश मालवीय के नेतृत्व मे जिला पंचायत सदस्य, जिला वन समिति की अध्यक्ष श्रीमती कीर्ति सुरेश धाकड़ सहित अन्य सरपंच और अन्य जनप्रतिनिधि की उपस्थिति में जिला वन अधिकारी हेमंत रैकवार को ज्ञापन सौंपा। डीएफओ रैकवार ने बिजली विभाग द्वारा एनओसी मांगे जाने पर निरीक्षण कर एनओसी देने का आश्वासन दिया है।
ओब्दुल्लागंज एवं बाड़ी क्षेत्र के आदिवासी बाहुल्य गांव डगडगा, पनझिरपा, डूंडादेह, खैरी चौका, चमरिया खमरिया, जैतपुर, साजोली, कला जोरा, नीलगढ़ और धुंधवानी गांव में आजादी के बाद अब पहली बार बिजली लाइन जाने का रास्ता साफ होता जा रहा है। राष्ट्रीय महा संपर्क अभियान के मध्यप्रदेश के संयोजक भाजपा के नेता गणेश मालवीय ने पिछले दिनों इन आदिवासी गांवों में बिजली नहीं होने की समस्या को बिजली विभाग के उच्च अधिकारियों के समक्ष उठाया था। मालवीय के प्रयासों से इसके बाद इन सभी गांवों में दो करोड़ 45 लाख रुपए की लागत से लगभग 43 किलोमीटर लंबी विद्युत लाइन बिछाने के काम को स्वीकृति मिली है। अब बिजली विभाग वन विभाग से एनओसी लेने के लिए पत्र भेजेगी जिससे बिजली लाइन वन क्षेत्र से निकलकर गांव तक पहुंच सके। वन विभाग वन क्षेत्र से विद्युत लाइन निकलने पर कोई आपत्ति ना उठाएं उसके लिए आज गणेश मालवीय के नेतृत्व में बड़ी संख्या में इन गांवों के ग्रामीण आदिवासी ओब्दुल्लागंज में वन विभाग के कार्यालय जाकर जिला वन अधिकारी हेमंत रैकवार से मिले।
इस अवसर पर भाजपा नेता मालवीय ने डीएफओ रैकवार के सामने वन ग्राम नीलगढ़, धुंधवानी और साजोली गांवों के विस्थापन का मुद्दा उठाया। मालवीय ने प्रदेश और केंद्र सरकार के समक्ष इस समस्या पर बात करने तक विस्थापन प्रक्रिया को रूकवाने। का निवेदन किया। इस पर उन्होंने इन गांवों से तुरंत विस्थान प्रक्रिया शुरू नहीं करने का आश्वासन दिया है। ये तीनों ग्राम रातापानी अभ्यारण में होने के कारण अन्य जगह विस्थापित किए जाने की प्रक्रिया चल रही है।
उपस्थित सभी आदिवासी ग्रामीणों को वन विभाग के अधिकारियों ने पेड़ नहीं काटने और वन्य प्राणियों की रक्षा सुरक्षा की शपथ दिलाई। इन गांवों के ग्रामीण आदिवासियों ने विश्वास दिलाया कि अब वे वन विभाग को पूर्ण सहयोग करेंगे और वन्य प्राणियों की रक्षा करने सहित पेड़ों की भी सुरक्षा करेंगे।
गौरतलब है कि भाजपा नेता गणेश मालवीय इन दिनों भोजपुर विधानसभा क्षेत्र में सक्रिय है और जगह-जगह जाकर लोगों की समस्याओं का निराकरण के लिए पहल कर रहे हैं।
वन ग्रामों के लिए बिजली के लिए सतत प्रयासरत मालवीय की इस पहल को क्षेत्र में सराहा जा रहा है।

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