
आजादी के बाद सर्वाधिक मत पाने वाले कांग्रेस प्रत्याशी बने
4,60,457 8767 मत पाकर सबको चौंकाया, प्रदान की पार्टी को नई ऊर्जा1
रिपोर्टर : तारकेश्वर शर्मा
वाराणसी। वाराणसी लोकसभा चुनाव 2024 में वैसे तो अनेक रिकार्ड बने लेकिन वाराणसी लोकसभा क्षेत्र ने एक अभूतपूर्व रिकॉर्ड कायम किया। 72 वर्षों में सन 1952 से लेकर अब तक हुए चुनाव में कांग्रेस ने इतना मत कभी नहीं प्राप्त किया, जितना इस बार उसे मिला। कांग्रेस प्रत्याशी अजय राय ने 4,60,457 मत पाकर पिछले सारे रिकॉर्ड ध्वस्त कर दिए। पिछले चुनाव पर नजर डाले तो पाएंगे कि 2019 में अजय राय को 152548 मत, 2014 में अजय राय को 75614 मत, 2009 में कांग्रेस के राजेश मिश्रा को 66386 मत, सन 2004 में राजेश मिश्रा को 206 904 मत, 1998 में कांग्रेस के डा. रत्नाकर पांडे को 64154 मत, 1996 में दूधनाथ चतुवेर्दी को 22579 मत, 1991 में लोकपति त्रिपाठी को 57415 मत मिले थे। इसी प्रकार 1989 में कांग्रेस के श्याम लाल यादव को 96593 मत, 1984 में श्याम लाल यादव को 153076 मत, 1980 में कमलापति त्रिपाठी को 129063 मत, 1971 में राजाराम शास्त्री को 138789 मत, 1967 में डॉ. रघुनाथ सिंह को 87617 मत मिले थे। इसके अलावा आजादी के बाद हुए तीन लोकसभा चुनाव 1952,1957 व 1962 में कांग्रेस के डॉ, रघुनाथ सिंह विजयी हुए थे। इन तीनों ही चुनाव में कांग्रेस को कम मत मिले थे। इस लिहाज से देखा जाए तो कांग्रेस भले ही चुनाव हार गई हो लेकिन चुनाव परिणाम से यह संकित जरूर मिलता है कि कांग्रेस ने अपने वजूद का मजबूती से एहसास कराया है। इस सफलता का पूरा श्रेय कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय राय को जाता है। सीमित संसाधनों से जैसा प्रदर्शन उन्होंने इस चुनाव में किया उसने न सिर्फ बनारस बल्कि पूरे उत्तर प्रदेश में कांग्रेस के अंदर संजीवनी फूंक दी है। वाराणसी देश की सबसे हॉट सीट थी, यहां से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी खुद लगातार तीसरी बार मैदान में थे। बावजूद इसके अजय राय के मतों में इतना इजाफा होना स्थानीय संगठन, विधायक एमएलसी मेवर सहित प्रदेश व देश के बड़े भाजपा नेताओं के लिए चिंता को जन्म देने से काम नहीं है।



