धार्मिकमध्य प्रदेश

धनतेरस को लेकर क्या कहते हैं ज्योतिषाचार्य

ब्यूरो चीफ : शब्बीर अहमद
बेगमगंज । धनतेरस 22 अक्टूबर को है जिसकी सही तारीख और शुभ मुहूर्त के बारे में ज्योतिषाचार्य हरिकेश शास्त्री तिंसुआ वालो ने बताया कि हर साल कार्तिक माह के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी​ तिथि को मनाई जाती है। इस साल धनतेरस कब है? इस पर त्रयोदशी तिथि के प्रारंभ और समापन के समय के कारण असमंजस की स्थिति पैदा हो रही है। दीपावली की औपचारिक शुरुआत धनतेरस के पर्व से मानी जाती है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार समुद्र मंथन के दौरान जब भगवान धन्वंतरि प्रकट हुए थे, उस वक्त उनके हाथों में अमृत कलश था, उस दिन कार्तिक मास की त्रयोदशी थी, इस वजह से हर साल इस दिन को धनतेरस के रुप में मनाया जाने लगा। भगवान धन्वंतरि को चिकित्सा का देवता भी माना जाता है, परंपरा के अनुसार इसी दिन सोने-चांदी के आभूषण और घरों के लिए बर्तन खरीदे जाते हैं, इस दिन देवाताओं के वैद्य धन्वंतरी की जयंती मनाई जाती है। इस दिन शुभ मुहूर्त में लक्ष्मी पूजा करने से धन-संपत्ति में वृद्धि होती है । धनतेरस पर पूजा का मुहूर्त और योग:- इस साल त्रयोदशी तिथि में प्रदोष काल में लक्ष्मी पूजा का शुभ मुहूर्त 22 अक्टूबर को प्राप्त हो रहा है और 23 अक्टूबर को प्रदोष काल के प्रारंभ होते ही त्रयोदशी ति​थि पूर्ण हो रही है इस वजह से इस साल धनतेरस 22 अक्टूबर को मनाई जाएगी। इस दिन ही धन्वंतरी जयंती भी मनाई जाएगी इस साल धनतेरस पर त्रिपुष्कर योग बना हुआ है, इस योग में आप जो भी कार्य करेंगे उसका तीन गुना फल आपको प्राप्त होगा।
हरिकेश शास्त्री ने बताया लोक विजय पंचांग के अनुसार, इस साल कार्तिक कृष्ण त्रयोदशी ति​थि की शुरूआत 22 अक्टूबर शनिवार को दिन में 4:19 बजे से होगी और यह तिथि अगले दिन 23 अक्टूबर के दिन 4:50 बजे तक मान्य है। 22 अक्टूबर धनतेरस की पूजा का शुभ मुहूर्त शाम को 6 बजकर 58 मिनट से रात 8 बजकर 52 मिनट तक है। इस दिन धनतेरस पूजा के लिए आपको करीब सवा घंटे का शुभ समय प्राप्त होगा, इस दिन शुभ मुहूर्त में लक्ष्मी पूजा करने से धन-संपत्ति में वृद्धि होती है और परिवार की उन्नति होती है।

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