आदिवासी महिला ने कृषि कार्य नहीं करने देने पर सुरक्षा की लगाई गुहार

ब्युरी चीफ : शब्बीर अहमद
बेगमगंज । जनपद पंचायत के ग्राम खजुरिया बरामद गढ़ी निवासी एक महिला ने थाना प्रभारी को शिकायती आवेदन देते हुए गांव की ही एक अन्य महिला और उसके परिजनों द्वारा कृषि कार्य नहीं करने देने और जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाते हुए शिकायत कर सुरक्षा की गुहार लगाई है।
खजुरिया बरामद गढ़ी निवासी रमको बाई पत्नी ख्याली आदिवासी की 5 एकड़ भूमि ग्राम में है वह उस भूमि की स्वामी है, और उस पर कृषि कार्य करती चली आ रही है । परन्तु उक्त भूमि को लेकर आरोप लगाया गया है कि ग्राम खजुरिया बरामद गढ़ी की ओमवती बाई पुत्री चरण सिंह एवं उसके परिवार के सदस्य आए दिन विवाद कर भूमि पर कब्जा करने हेतु प्रयत्नशील है। इसी उददेश्य को लेकर उन्होने राजस्व न्यायालय के समक्ष भी कार्यवाही की थी, जिसमें अवैध एवं फर्जी दस्तावेजों का सहारा लेकर ओमवतीबाई ने उक्त भूमि का फर्जी रूप से सीमांकन कराकर कब्जा लेना चाहा था। उक्त सीमांकन की पुष्टि हेतु प्रकरण तहसील न्यायालय बेगमगंज के इन्द्राज होकर प्रकरण में तहसील न्यायालय द्वारा 15 सितम्बर 22 को प्रार्थीया राम के बाई के पक्ष में आदेश पारित किया । ओमवती बाई कोई वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सकीं इसलिए तहसील न्यायालय द्वारा ओमवती बाई का प्रस्तुत सीमाकन आवेदन निरस्त कर दिया और राजस्व रिकार्ड में त्रुटि सुधार के संबंध में आदेश पारित किया है। उक्त आदेश के उपरांत भी ओमवती बाई एवं उसके पिता उक्त भूमि को कब्जा करने को लेकर प्रयत्नशील हैं प्रार्थीया ने आरोप लगाया कि जब वह अपनी भूमि पर कृषि कार्य करने हेतु ट्रैक्टर से बखरनी करा रही थी उसी समय ओमवती बाई, उसके पिता चरण सिंह आ धमके और प्रार्थीया को गाली गलोच कर ट्रैक्टर से कृषि कार्य नहीं करने दिया और कहा कि यह हमारी भूमि है यदि इस भूमि पर तुमने कदम भी रखा तो जान से खत्म कर देंगे।
आवेदन में यह भी आरोप लगाया गया है कि इसी भूमि पर कब्जा करने को लेकर वर्ष 2008 में ओमवती के भाई निरंजन ने प्रार्थीया के पुत्र गुड्डा की हत्या पर दी थी जिस पर वह आजीवन कारावास की सजा काट रहा है। प्रार्थिया ने शिकायती आवेदन में आशंका व्यक्त की है कि उक्त लोग कभी भी प्रार्थिया या उसके दूसरे पुत्र पर हमला कर जान से खत्म कर सकते है, यह लोग खतरनाक प्रवृत्ति के है प्रार्थिया रमको बाई वृद्ध आदिवासी होकर असहाय है उनके डर के कारण कृषि कार्य नहीं कर पा रही है। उसने पुलिस से गुहार लगाई है कि संबंधितों के विरूद्ध उचित कानूनी कार्यवाही की जाकर पुलिस सुरक्षा मुहैया कराई जाए।



