योगी मॉडल की तर्ज पर मप्र में अधिवक्ता कल्याण की मांग, सिहोरा से उठी आवाज

रिपोर्टर : सतीश चौरसिया
उमरियापान। उत्तर प्रदेश में अधिवक्ताओं के हित में की गई कल्याणकारी घोषणाओं की तर्ज पर अब मध्यप्रदेश में भी अधिवक्ताओं के लिए व्यापक सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग उठी है । तहसील अधिवक्ता संघ सिहोरा, जिला जबलपुर के अध्यक्ष रविदीप सिंह बैस की अगुवाई में मुख्यमंत्री मध्यप्रदेश शासन के नाम ज्ञापन सौंपकर अधिवक्ता कल्याण के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की गई ।
ज्ञापन में उत्तर प्रदेश में अधिवक्ताओं के लिए घोषित विभिन्न सुविधाओं का उल्लेख करते हुए मध्यप्रदेश में भी इसी प्रकार की व्यवस्था लागू करने की मांग की गई है । संघ ने अधिवक्ताओं के लिए ₹5 लाख तक की कैशलेस स्वास्थ्य बीमा सुविधा, न्यायालय परिसरों में पर्याप्त एवं बहुस्तरीय पार्किंग, नए अधिवक्ता चैंबर तथा चैंबरों में आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग रखी है ।
इसके साथ ही न्यायिक कार्य को आधुनिक एवं पेपरलेस बनाने के लिए अधिवक्ताओं और विधि अधिकारियों को आवश्यक टैबलेट एवं डिजिटल संसाधन उपलब्ध कराने की मांग भी ज्ञापन में शामिल है । संघ का कहना है कि अधिवक्ता न्याय व्यवस्था की महत्वपूर्ण कड़ी हैं और आमजन को न्याय दिलाने में निरंतर भूमिका निभाते हैं । ऐसे में उनके स्वास्थ्य, कार्यस्थल और तकनीकी सुविधाओं को मजबूत किया जाना आवश्यक है ।
ज्ञापन में उत्तर प्रदेश में अधिवक्ताओं के लिए कैशलेस मेडिकल इंश्योरेंस, चैंबरों के लिए शासन सहयोग, टैबलेट उपलब्ध कराने तथा अधिवक्ता कल्याण निधि से मिलने वाली सहायता में वृद्धि जैसी घोषणाओं का भी उल्लेख किया गया । संघ ने मध्यप्रदेश सरकार से अधिवक्ताओं के सामाजिक, स्वास्थ्य एवं व्यावसायिक हितों को ध्यान में रखते हुए प्रदेश स्तर पर व्यापक कल्याणकारी व्यवस्था लागू करने की मांग की है ।
अध्यक्ष रविदीप सिंह बैस की अगुवाई में सिहोरा से उठी यह मांग स्थानीय न्यायालय परिसर की सुविधाओं के साथ-साथ प्रदेश के अधिवक्ता समुदाय से जुड़े व्यापक विषय के रूप में सामने आई है । संघ ने शासन से ज्ञापन पर शीघ्र सकारात्मक कार्रवाई की अपेक्षा जताई है ।
इस दौरान सचिव आनंदमणि त्रिपाठी, उपाध्यक्ष मुकेश कुमार मिश्रा, सह-सचिव आशीष व्योहार, आलोक व्योहार, सुनील पटेल, आनंद कुमार पटेल, अभय नारायण मिश्रा, साकेत पिंडिया, नागेश उपाध्याय, रमेश पटेल, मनोज दुबे, अंकुर जैन, कन्हैया, अनेक तिवारी, कान्हा पांडे सहित अनेक अधिवक्ताओं की सहभागिता रही ।



