शिक्षक दिवस पर सेवानिवृत्त शिक्षकों का सम्मान, साझा किए शिक्षक जीवन के अनुभव

रिपोर्टर : सतीश चौरसिया
उमरियापान । सिलौंडी स्थित शासकीय कन्या हाई स्कूल में शिक्षक दिवस के अवसर पर क्षेत्र के सेवानिवृत्त शिक्षकों के सम्मान में विशेष समारोह आयोजित किया गया । विद्यालय में हर वर्ष की परंपरा के अनुसार आयोजित इस कार्यक्रम में शिक्षा के क्षेत्र में लंबे समय तक अपनी सेवाएं देने वाले सेवानिवृत्त शिक्षकों का सम्मान कर उनके योगदान को याद किया गया ।
कार्यक्रम में विद्यालय के प्राचार्य विशाल वरकड़े ने सेवानिवृत्त शिक्षकों का सम्मान करते हुए कहा कि शिक्षक समाज के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं । उनके द्वारा विद्यार्थियों को दी गई शिक्षा, संस्कार और मार्गदर्शन का प्रभाव लंबे समय तक समाज में दिखाई देता है । सेवानिवृत्ति के बाद भी शिक्षकों का अनुभव और मार्गदर्शन नई पीढ़ी के लिए प्रेरणादायी रहता है ।
इस अवसर पर वरिष्ठ शिक्षक जयनारायण राय, भीष्ण लाल तिवारी, विजय बागरी, सी.एल. ठाकुर, के.एल. दुबे, रामकिशोर राय नेगाई, सुशील जैन, राजेश राय, स्नेहलता राय, करुणा राय एवं जीवनलाल बागरी का सम्मान किया गया । विद्यालय परिवार की ओर से सभी शिक्षकों को सम्मान स्वरूप स्मृति एवं आदर प्रदान किया गया ।
सम्मान समारोह के दौरान सेवानिवृत्त शिक्षकों ने अपने लंबे शिक्षक जीवन से जुड़े अनुभव विद्यार्थियों और उपस्थित लोगों के साथ साझा किए । उन्होंने बताया कि शिक्षक का दायित्व केवल विद्यार्थियों को किताबी ज्ञान देना नहीं, बल्कि उन्हें एक जिम्मेदार और संस्कारवान नागरिक बनाना भी है । शिक्षकों ने अपने अनुभवों के माध्यम से विद्यार्थियों को जीवन में अनुशासन, मेहनत, ईमानदारी और अच्छे संस्कारों को अपनाने के लिए प्रेरित किया ।
वरिष्ठ शिक्षकों ने कहा कि बदलते समय के साथ शिक्षा के क्षेत्र में अनेक बदलाव आए हैं, लेकिन शिक्षक और विद्यार्थी के बीच विश्वास, सम्मान एवं मार्गदर्शन का संबंध आज भी उतना ही महत्वपूर्ण है । उन्होंने विद्यार्थियों से अपने लक्ष्य के प्रति निरंतर मेहनत करने तथा माता-पिता और गुरुजनों का सम्मान करने का आह्वान किया ।
कार्यक्रम में उपस्थित विद्यालय परिवार एवं विद्यार्थियों ने सेवानिवृत्त शिक्षकों के अनुभवों को ध्यानपूर्वक सुना और उनके योगदान के प्रति सम्मान व्यक्त किया । समारोह के अंत में विद्यालय परिवार ने सभी सेवानिवृत्त शिक्षकों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए उनके स्वस्थ, सुखद एवं दीर्घायु जीवन की कामना की । कार्यक्रम ने विद्यार्थियों को गुरु-शिष्य परंपरा, शिक्षक के महत्व और शिक्षा के प्रति जिम्मेदारी का संदेश दिया ।



