मध्य प्रदेश

शिक्षक ने स्वयं की राशि से छात्रा को दिलाई सायकिल, पूजा के चेहरे पर आई मुस्कान

रिपोर्टर : बृजेन्द्र कुशवाहा
साईंखेड़ा । शासकीय उ मा विद्यालय मिढवानी अपने नवाचारों के लिए तो जाना ही जाता है, परन्तु यहां पदस्थ शिक्षक बच्चों की शैक्षिक समस्यायों के अलावा बच्चों की व्यक्तिगत समस्याओं का निदान भी करते हैं। स्कूल में पदस्थ शिक्षक विनोद दुबे ने कक्षा 9 वीं की छात्रा पूजा ठाकुर को स्वयं एक सायकिल खरीद कर प्रदान की है।
विद्यालय में कार्यरत शिक्षक विनोद दुबे हमेशा ही विद्यार्थियों को विषयवस्तु के अध्यापन के साथ साथ मूल्य आधारित शिक्षा भी प्रदान करते हैं तथा विद्यार्थियों के प्रति वही प्रेम तथा सहानुभूति तथा समर्पण रखते हैं जो एक माता पिता अपने बच्चों के प्रति रखते हैं।
विद्यालय की कक्षा 9 वी की आर्थिक रूप से बहुत पिछ़ड़ी, एक होनहार बिटिया पूजा ठाकुर को शासकीय नियमों के तहत सायकल की पात्रता नही थी किन्तु पूजा तथा उनके माता पिता ने विनोद दुबे के सामने यह बात बहुत ही आशा तथा विश्वास के साथ रखी कि यदि उन्हें भी साईकल मिल जाये तो वह प्रतिदिन स्कूल आ सकेगी।
करुण हृदय तथा विद्यार्थियों की हर जायज बातों को सर्वोच्च प्राथमिकता प्रदान करने वाले विनोद दुबे ने पूजा को गाडरवारा बुलाया और सोमवार को पूजा की मनपसंद, 4800 रु की साईकल अपने स्वयं के व्यय से प्रदान की।
सायकिल पाकर पूजा के चेहरे पर मुस्कान आ गई और उसने भी वचन दिया है कि गुरुदक्षिणा के रूप में वह कक्षा 10 वी में बहुत अच्छा परिणाम लायेगी।
यह कोई पहला मौका नही है जब विनोद दुबे ने इस तरह का परोपकार का कार्य किया है, विद्यालय में वर्ष भर छोटे छोटे जो भी कार्यक्रम होते हैं उन सभी मे सहभागिता करने वाले विद्यार्थियों को वह समय समय पर सहयोग करते रहते हैं
शिक्षक विनोद दुबे पर्यावरण और खेल प्रेमी भी हैं, उनके द्वारा लगाए गए पौधे उनकी देखभाल से बहुत से वृक्ष ग्राम में शीतल छाया हरियाली प्रदान कर रहे हैं,
अभी ग्रीष्मावकाश में भी वे नियमित अंतराल से परिसर के पौधों तथा ग्राम में रोपित किये गए पौधों को पानी देने स्वयं जाते हैं, तथा जो भी बच्चे पढ़ने वाले होते हैं उन्हें पढ़ाते भी हैं । यही कारण है कि पूरे ग्राम वासी विनोद दुबे के प्रति वही आदर, सम्मान एवं प्रेम रखते हैं जैसे किसी जमाने मे गुरुकुल के समय हुआ करता था।
आज के समय में स्वयं के व्यय से विद्यालय के विकास तथा छात्रहित में खर्च वाले विरले शिक्षकों में से एक शिक्षक हैं विनोद दुबे कभी भी किसी राज्य अथवा राष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त करने की भावना से यह कार्य नही करते हैं।
हर वर्ष (कोरोना काल को छोड़कर) विद्यार्थियों को अपने खर्च से किसी स्थल की विजिट कराते हैं तथा हैं जो भी गरीब विद्यार्थी होते हैं उन सभी को सभी विषयों की गाइड तथा नोटबुक भी अध्ययन के लिए स्वयं के खर्च से उपलब्ध कराते हैं।
विद्यालय की छात्रा मुस्कान ठाकुर विनोद दुबे की प्रेरणा उत्साहवर्द्धन तथा सहयोग से राष्ट्रीय स्तर पर बॉलीवाल खेल रही है, और शैक्षणिक उपलब्धियां में भी पिछले वर्ष कक्षा 12 वीं के परीक्षा परिणाम में 7 विद्यार्थी लैप टॉप योजना से लाभान्वित हुए थे।
विनोद दुबे के इन प्रयासों की प्राचार्य प्रतुल इंदुरख्या, वरिष्ठ शिक्षक वीरेंद्र सिंह राजपूत, डी डी वर्मा, लक्ष्मी राजपूत, नीलम सोनी, गीता मेहरा, अभिलाषा स्थापक, नेहा रावत ने सराहना की है।

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