मध्य प्रदेश

एकादशी पर्व के दिन उमरियापान में लगी क्षेत्र की सबसे बड़ी चंडी

रिपोर्टर : सतीश चौरसिया
उमरियापान l कटनी जिले की सबसे बड़ी ग्राम पंचायत उमरियापान में एकादशी पर्व के दिन क्षेत्र की सबसे बड़ी चंडी मेले का आयोजन किया जाता है l यादव समाज के लोग आज के दिन उपवास रखते हुए नाच- गाने के साथ चंडी माता मंदिर में पहुँच कर माता से सुख समृद्धि की कामना करते हैं। हाट-बाजार में बड़ी संख्या में भीड़- भाड़ दिखाई दी। लोगों ने चंडी मेले का जमकर लुप्त उठाया l यादव समाज के लोग छाहुर को पूरी चंडी में घुमाया जिसका एक अलग ही मनमोहक दृश्य रहा।साथ ही साथ क्षेत्र में देवउठनी एकादशी का भी पर्व बड़ी धूमधाम से मनाया गया। कार्तिक शुक्ल पक्ष की एकादशी प्रबोधिनी, देवउठनी एकादशी नाम से विख्यात है। प्रबोधिनी एकादशी को देवोत्थान एकादशी या देवथान के रूप में भी जाना जाता है।
यह चतुर्मास की चार महीने की अवधि के अंत का प्रतीक है, इन चार महीने में भगवान विष्णु निंद्रा में होते है। ऐसा माना जाता है कि विष्णु शयनी एकादशी को सोते हैं और प्रबोधिनी एकादशी पर जागते हैं, इस प्रकार इस दिन को प्रबोधिनी एकादशी, विष्णु-प्रबोधिनी और हरि-प्रबोधिनी, देव-प्रबोधिनी नाम दिया गया है। एकादशी, उत्थान एकादशी, देवथन, देव उत्सव एकादशी या देव ऊथी एकादशी। चातुर्मास में हिन्दू धर्म में हिन्दू विवाह निषिद्ध होता है। प्रबोधिनी एकादशी से हिंदू धर्म में विवाह के मौसम की शुरुआत का प्रतीक होती है। इसे कार्तिकी एकादशी, कार्तिक शुक्ल एकादशी और कार्तिकी के नाम से भी जाना जाता है। प्रबोधिनी एकादशी के बाद कार्तिक पूर्णिमा आती है, जिसे देव दिवाली या देवताओं की दिवाली के रूप में मनाया जाता है।
कार्तिक शुक्ल पक्ष एकादशी व्रत का फल सौ राजसूय यज्ञ तथा एक सहस्र अश्वमेध यज्ञ के फल के बराबर होता है। देवोत्थान एकादशी के दिन व्रतोत्सवकरना प्रत्येक सनातनधर्मी का आध्यात्मिक कर्तव्य है। इस एकादशी के दिन भक्त श्रद्धा के साथ जो कुछ भी जप-तप और स्नान-दान करते हैं, वह सब अक्षय फलदायक हो जाता है। इस दिन भगवान विष्णु जी की पूजा की जाती है। रात्रि जागरण तथा व्रत रखने से सारे पाप नष्ट हो जाते हैं तथा व्यक्ति मरणोपरान्त बैकुण्ठ जाता है। थाना प्रभारी के निर्देशानुसार बीट प्रभारी एएसआई चंन्द्र भुषण दुबे के मार्गदर्शन में योगेश पटेल, झारिया ने चंडी मेले मे शांति व्यवस्था बनाएं रखने तैनात रहे वही एएसआई चंन्द्र भुषण दुबे के द्वारा मेले बनाई गई व्यवस्था को दुकानदारों एवं समीति के सदस्यों द्वारा पुलिस प्रशासन की सराहना की l

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