हिरन नदी की रुकी जल धारा, खितौला सिहोरा व लगे गावों में जल स्तर गिरा, पानी का संकट
ब्यूरो चीफ : मनीष श्रीवास
जबलपुर । जबलपुर जिले की लगीं सीमा सिहोरा व कुण्डम की जल धारा कही जाने वाली नगर की हिरन नदी का जल प्रवाह रुक गया है । ऐसा पहली बार नही है विगत कई वर्षों से जब गर्मी की शुरुआत होने को आती हैं तो न जाने हिरन नदी का पानी क्यो सूख जाता हैं और बहती जल धारा रुक जाती हैं ।
ऐसा ही कुछ नजारा वर्तमान में हिरन नदी के बीच देखने को मिला । इतना ही नही जब एनएच 30 सड़क मार्ग के घाट सिमरिया के पुराने पुल से दोनों ओर देखा तो पानी की छल छल आवाज भी वहा से विलुप्त हो गई । इस क्षेत्र की सबसे बड़ी व गांवों के बीच से बहने वाली हिरन नदी गांव में जल स्तर को बनाए रखने वाली हिरन नदी आज पूरी तरह से सूख गई है। व एक वीरान रुप में नजर आ रही है। सिहोरा क्षेत्र के हिरन नदी के तट पर बसे अधिक गांव व नगर बीते कई वर्षों से गर्मियों में पानी के बिन प्यासे रहते है। वही कम बारिश के चलते व वाटर लेबर नीचे जाता जल आज ग्रामीण क्षेत्रों से लगे हुये अधिक गांवों का निवासी पानी बिन परेशान नजर आ रहे है । वही सिहोरा व खितौला के हजारों की संख्या वाले आबादी क्षेत्र में जल संकट से जूझ व परेशान हो रहा है।
सबसे बड़ी बात तो यह है कि मध्यप्रदेश सरकार व जिला प्रशासन ने लोगों के घरों तक नर्मदा जल पहुंचाने के लिए विगत कुछ समय से जोर सौर से लगा हुआ है। और वर्तमान समय में हिरन नदी का जल विलुप्त हो जाने से जहां गांवों में जल संकट गहराया हैं वही पानी के लिए हाहाकार मच रही है।
हिरन नदी से लगे कई क्षेत्र पानी की समस्या से जूझ रहे व गांवों में स्थिति बिगड़ती हुई नजर आ रही है उसके बाद भी प्रशासनिक अमला उस पर ध्यान नहीं दे रहा है। दूसरी छोटी नदियों का तो जैसे अस्तित्व ही मिटता जा रहा है। हिरन नदी को सूखे लगभग एक सप्ताह से अधिक का समय व्यतीत हो गया है किन्तु संबंधित विभाग वा प्रशासनिक अधिकारी हाथ पर हाथ धरे बैठ कर बड़ी समस्या का इन्तजार कर रहे हैं । इस दौरान जब इस समस्या को लेकर चर्चा की गई तो
बरगी दायीं तट नहर से पानी नहीं छोड़ा जा रहा।
पिछले वर्ष बनी थी ऐसी ही स्थिति गत वर्ष मई माह में पड़ी भीषण गर्मी के चलते हिरन नदी पूरी तरह सूख गई थी। जिससे आसपास के ग्रामों में पीने के पानी के लिए हाहाकार मच गया ।वर्ष मई माह के प्रथम सप्ताह में बरगी दायीं तट नहर से पानी हिरन में छोड़ा गया था ।किंतु लगभग एक सप्ताह से अधिक समय से अप्रेल के मध्य में ही हिरन नदी की बहती धार टूट चुकी है। हिरन नदी में नहर का पानी नही आने से हिरन नदी के कई स्थानों पीने वाले पानी की समस्या बनी है ।
इन ग्रामों में पानी की समस्या –
एक सप्ताह से अधिक समय से समस्या जटिल बनी है हिरन नदी के किनारे व आसपास के ग्रामों में तपा, खुड़ावल, कैलवास, उमरिया, खिन्नी, कैथरा,चन्नौटा, मल्हना, कूड़ा, कंजई, घाट सिमरिया, मोहतरा, ताला, देवरी, शहजपुरा पानी का जलस्तर क्रमशः कम होता जा रहा है कई ग्रामों में हेण्डपम्प बन्द होने लगे हैं। और न जाने आगें क्या देखने को मिलता हैं ।




