अधिकारी हाईकोर्ट जबलपुर के फैसले की कर रहीं अवहेलना, 4 साल बीत जाने के बाद भी नहीं हुई सुनवाई
जिला आदिम जाति कल्याण विभाग की अधिकारी और स्थापना विभाग की महिला बाबू की लापरवाही और मनमानी के चलते नहीं हुआ तीन कर्मचारियों का नियमितीकरण
महंगाई के इस दौर में उनका परिवार आर्थिक तंगी से जूझ रहा जिम्मेदार बने खामोश
रिपोर्टर : शिवलाल यादव
रायसेन। जिला आदिम जाति विभाग रायसेन की जिला संयोजक महिला अधिकारी और स्थापना बाबू की मनमानी और लापरवाही की वजह से विभाग में पदस्थ कर्मचारी जलवाहक मोहर सिंह, एक हाथ से विकलांग महिला कर्मचारी जलवाहक क्रांतिबाई और जलवाहक पन्नालाल पिछले 4 साल से स्थाई कर्मी होने के लिए भटक रहे हैं । जबकि रायसेन जिले के 7 विभागों के कर्मचारियों की नियमितीकरण की प्रक्रिया पूर्ण हो गई है। लेकिन जिला आदिम जाति कल्याण विभाग रायसेन में तीनों जलवाहक कर्मचारियों को नियमित नहीं किया गया है। जिससे उनको वेतन के मामले में हर महीने आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है । कलेक्ट्रेट कार्यालय रायसेन 47 /स्थापना 2018 रायसेन दिनांक 20-1-2019 में जारी हुए पत्र के परिपालन में संभाग आयुक्त भोपाल के आदेश पत्र क्रमांक 76 04/स्थापना-1/देवेभो/2018 दिनांक 06-10-2018 उक्त तीनों जलवाहक कर्मचारियों अनुसूचित सूची को नियमित किए जाने के आदेश जारी किए गए थे। यह तीनों कर्मचारी पहले क्षेत्र के स्वास्थ्य मंत्री डॉ प्रभुराम चौधरी, जनसुनवाई में कलेक्टर अरविंद दुबे और जिला आदिम जाति कल्याण विभाग के अधिकारी सरिता नायक से मुलाकात कर आवेदन देकर अपनी समस्याओं से अवगत करा चुके हैं । शुक्रवार को दोपहर रायसेन पहुंची पूर्व केंद्रीय मंत्री साध्वी उमाभारती से दैवेतन भोगी कर्मचारी संघ के जिलाध्यक्ष रामबाबू लोधी के साथ इन तीनों कर्मचारियों ने नियमितीकरण को लेकर ज्ञापन सौंपा है। लेकिन फिर भी उनके पक्ष में अभी तक ठोस सुनवाई नहीं हो सकी है । जिससे वह काफी परेशान है। इसके पूर्व सामान्य वन मंडल रायसेन, लोक निर्माण विभाग रायसेन, वन मंडल अधिकारी उत्पादन विभाग, कार्यपालन यंत्री बारना बाड़ी, लोक निर्माण विभाग रायसेन और जनजाति कल्याण विभाग रायसेन के 4 साल पूर्व 36 कर्मचारी नियमित हो चुके हैं । इनका रिकॉर्ड सभी 7 विभागों में दैनिक वेतन भोगी श्रमिकों से स्थाई कर्मी का मौजूद है । दैनिक वेतन भोगी कर्मचारी संघ के जिलाध्यक्ष रामबाबू लोधी ने जिला प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा कि अगर इन तीनों कर्मचारियों की सुनवाई नहीं हुई तो आंदोलन किया जाएगा। उनका कहना है कि विनियमितीकरण के आदेश आज दिनांक तक लागू क्यों नहीं किए गए । क्या कारण रहे आदिम जाति कल्याण विभाग रायसेन जिला प्रशासन स्पष्ट करें । जबकि वर्ष 2019 में हाईकोर्ट जबलपुर के निर्णय में इन्हें नियमित कर दिया गया है तो फिर विभाग के जिम्मेदार अधिकारी इन कर्मचारियों को गुमराह क्यों कर रहे हैं।
इस संबंध में सरिता नायक जिला संयोजक आदिम जाति कल्याण विभाग रायसेन का कहना है कि हमने इन तीनों जलवाहकों के नियमितीकरण कराए जाने फाइल हस्ताक्षर के लिए कलेक्टर अरविंद दुबे के पास भेजी है। वहां से फाइल के लौटने के बाद राजस्व विभाग के आयुक्त भोपाल भिजवाई जाएगी।इनके नियमितीकरण के आदेश जारी होने के बाद स्थायी कर्मी पर पदस्थ कर दिया जाएगा।



