अमीरों को गरीब बना रही मंडीदीप नगर पालिका कारनामा हुआ उजागर
रिपोर्टर : रामभरोसे विश्वकर्मा
मंडीदीप। देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान एक और जहां गरीबों को राहत पहुंचाने के लिए हर संभव प्रयास कर रहे हैं। पर कुछ भ्रष्टाचार में लिप्त अधिकारी और कर्मचारी उनके प्रयासों पर पानी फेरते दिखाई नजर आते हैं। ऐसा ही एक मामला मंडीदीप नगर पालिका का सामने आया है। जिसमें मंडीदीप नगर पालिका वैसे तो अपने बड़े बड़े कारनामों को लेकर चर्चाओं में बनी रहती है। मामला मंडीदीप नगर पालिका के वार्ड 14 के निवासी संजय पटेल का 3 मंजिला भवन है। वहीं अरिस्टो फार्मा कम्पनी मे पक्की नोकरी है जिसमे 15 हजार से 20 हजार रूपए इनको वेतन मिलता है। इसके बाद भी गरीबी रेखा का बीपीएल राशन कार्ड इनको जारी कर दिया गया। वहीं आपको बता दे की मंडीदीप नगर पालिका के कार्यालय में न जाने कितने ऐसे गरीब है। जो बार बार आवेदन देने के बाद भी राशन कार्ड नहीं बनवा पाते है। पर जिसका 3 मंजिला भवन है। उसका राशन कार्ड केसे बना दिया गया, वहीं यह जांच का विषय है कि किस कर्मचारी द्वारा राशन कार्ड बनाने से पहले सर्वे किया था। क्या उस कर्मचारी की मिलीभगत के कारण यह फर्जी राशन कार्ड बना दिया गया है या मामला लेन देन का है। जिसके कारण आज अमीर को गरीब बनाने से भी कर्मचारी नहीं चूक रहे है। सूत्रों की माने तो जो मोटी रकम देता है उसका बीपीएल राशन कार्ड बना दिया जाता है। वहीं जो असल में गरीब है उसका राशन कार्ड इसलिए नहीं बन पाता है। क्योंकि वो मोटी रकम नहीं दे पाता इसलिए उसका बीपीएल राशन कार्ड नहीं बन पाता है। यह भी जांच का विषय है कि इस फर्जीवाड़े का मास्टर माइंड कौन है ? जो अमीरों को गरीब बनाने का काम कर रहा है।
इस संबंध में आदित्य शर्मा, एसडीएम, गोहरगंज का कहना है कि आपके द्वारा मुझे जानकारी दी है मैं इस प्रकरण को दिखावाता हु जांच कर उचित कार्यवाही की जाएगी ।
मनीष मालवीय, जिला अध्यक्ष, आम आदमी पार्टी का कहना है कि मंडीदीप नगर पालिका में ऐसे कारनामे होना आम बात दिखाई नजर आतीं है मोटी रकम देने वालो का राशन कार्ड बना दिया जाता है और गरीब नगर पालिका के चक्कर लगाकर थक जाता है पर राशन कार्ड नही बनता है। जिस कर्मचारी द्वार सर्वे किया था उसके द्वारा मिलीभगत कर सर्वे किया गया जांच का विषय है। जांच होनी चाहिए ऐसे लोगो पर अपराधिक प्रकरण दर्ज होना चाहिए जिससे और भी चेहरे बेनकाब हो सके ।



