अस्पताल में मृत्यु होने पर शव ले जाने परेशान हुए परिजन, नपाध्यक्ष ने दिया मानवता का परिचय
ब्यूरो चीफ : शब्बीर अहमद
बेगमगंज । स्वास्थ्य विभाग से जुड़े लोगों में भावनाओं की कमी पाई जाती है वह किसी को पीड़ा को देख कर भी नहीं पसीजते ऐसा ही एक मामला सुबह के समय सिविल अस्पताल में देखने को मिला जब एक वृद्ध की मौत हो जाने पर उसके शव को अस्पताल के कक्ष से बाहर निकाल दिया गया। परिजन शव ले जाने के लिए वाहन के इंतजार में परेशान होते रहे लेकिन किसी भी स्वास्थ्य कर्मी का दिल नहीं पसीजा । इसी दौरान पत्रकार शरद शर्मा किसी काम से अस्पताल पहुंच गए उन्होंने तत्काल मामला संज्ञान में लेकर नपा अध्यक्ष संदीप लोधी को मामले की जानकारी दी तो उन्होंने मानवता का परिचय देते हुए तत्काल नगर पालिका से शव वाहन की व्यवस्था कर संबंधित पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता भी दी। और तब तक अस्पताल में उपस्थित रहे जब तक शव को शव वाहन में रखकर गंतव्य तक नहीं भेज दिया। उनके इस कार्य की चहुं ओर प्रशंसा हो रही है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार विदिशा जिले के हैदरगढ़ अंतर्गत ग्राम नोरजा निवासी 85 वर्षीय हरिसिंह पुत्र हिम्मत सिंह को उसके परिजन सिविल अस्पताल बेगमगंज सुबह के समय इलाज के लिए लेकर आए जहां पर ओपीडी का पर्चा बनवाया डॉक्टर ने जांच उपरांत उन्हें भर्ती करने के लिए किया अस्पताल में भर्ती करने के उपरांत प्राथमिक उपचार शुरू होता उससे पहले ही हरि सिंह ने दम तोड़ दिया। उसके बाद अस्पताल वालों ने परिजनों से कहा कि इनके शव को रूम से बाहर निकालिए तब मजबूरन परिजनों ने शव को एक चादर में लपेटकर कक्ष से बाहर लाकर सीमेंटेड बैंच पर गैलरी में रखकर एंबुलेंस या कोई वाहन का इंतजार करते रहे लेकिन शव ले जाने के लिए कोई वाहन नहीं मिला । परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन से गुहार लगाते लगाते यहां से वहां रोते बिलखते घूम रहे थे कि कहीं से भी एंबुलेंस की व्यवस्था हो जाए ऐसे में पत्रकार शरद शर्मा पहुंचे पूरी बात समझी और उसके बाद नगर पालिका अध्यक्ष संदीप लोधी को फोन लगाया तो संदीप लोधी अस्पताल आए मृतक के परिजनों से मिले एवं अपने तरफ से कुछ आर्थिक सहायता दी और तुरंत शव वाहन की व्यवस्था कराई तथा अस्पताल प्रबंधन को समझाइश दी की इस तरह से मृतक शरीर को कक्ष से बाहर नहीं निकाला जाता मानवता के नाते कम से कम आप उनको पलंग पर ही रहने देते जब तक शव वाहन नहीं मिल जाता। इतना ही नहीं नपा अध्यक्ष वहां तब तक रुके जब तक शव वाहन में शव को रखवा कर गंतव्य की ओर रवाना नहीं करवा दिया । नपाध्यक्ष की मानवीयता कि सभी लोग भूरी भूरी प्रशंसा कर रहे हैं।



