ज्योतिष

आज का पंचांग गुरुवार, 01 दिसम्बर 2022

आचार्य श्री गोपी राम (ज्योतिषाचार्य) जिला हिसार हरियाणा मो. 9812224501
✦••• जय श्री हरि •••✦
🧾 आज का पंचाग 🧾
गुरुवार 01 दिसम्बर 2022

मंगल श्री विष्णु मंत्र :-
मङ्गलम् भगवान विष्णुः, मङ्गलम् गरुणध्वजः।
मङ्गलम् पुण्डरी काक्षः, मङ्गलाय तनो हरिः॥
☄️ दिन (वार) – गुरुवार के दिन तेल का मर्दन करने से धनहानि होती है । (मुहूर्तगणपति) गुरुवार के दिन धोबी को वस्त्र धुलने या प्रेस करने नहीं देना चाहिए । गुरुवार को ना तो सर धोना चाहिए, ना शरीर में साबुन लगा कर नहाना चाहिए और ना ही कपडे धोने चाहिए ऐसा करने से घर से लक्ष्मी रुष्ट होकर चली जाती है ।
गुरुवार को पीतल के बर्तन में चने की दाल, हल्दी, गुड़ डालकर केले के पेड़ पर चढ़ाकर दीपक अथवा धूप जलाएं । इससे बृहस्पति देव प्रसन्न होते है, दाम्पत्य जीवन सुखमय होता है ।
गुरुवार को चने की दाल भिगोकर उसके एक हिस्से को आटे की लोई में हल्दी के साथ रखकर गाय को खिलाएं, दूसरे हिस्से में शहद डालकर उसका सेवन करें।
🔮 शुभ विक्रम संवत्-2079, शक संवत्-1944, हिजरी सन्-1443, ईस्वी सन्-2022
🌐 संवत्सर नाम-राक्षस
✡️ शक संवत 1944 (शुभकृत् संवत्सर)
☸️ काली सम्वत 5123
☣️ सायन – दक्षिणायन
🌦️ ऋतु – सौर हेमन्त ऋतु
🌤️ मास – मार्गशीर्ष माह
🌗 पक्ष – शुक्ल पक्ष
📆 तिथि : अष्टमी – 07:21 ए एम तक नवमी – 06:14 ए एम, दिसम्बर 02 तक दशमी
✏️ तिथि स्वामी : इस दिन के स्वामी रुद्र हैं. अतः इस तिथि में वृषभ से सुशोभित भगवान सदाशिव का पूजन करने से सारे कष्ट एवं रोग दूर होते हैं. नवमी: इस तिथि के दिन दुर्गा जी की पूजा करने से यश में वृद्धि होती है‌
💫 नक्षत्र : पूर्व भाद्रपद – 05:44 ए एम, दिसम्बर 02 तक उत्तर भाद्रपद
🪐 नक्षत्र स्वामी – पूर्वाभाद्रपद नक्षत्र के देवता हैं, अज एकपाद। एक पैर वाला अजन्मा। भगवान शिव जब तांडव करते हैं तो बहुधा एक टांग पर ही अपनी देह को संतुलित करते हैं। इस प्रकार शिव ही यह अज एकपाद देवता हैं।
🔔 योग – हर्षण 09:33 AM तक उपरान्त वज्र योग है।
प्रथम करण : बव – 07:21 ए एम तक बालव – 06:43 पी एम तक
द्वितीय करण: कौलव – 06:14 ए एम, दिसम्बर 02 तक तैतिल
⚜️ दिशाशूल – गुरुवार के दिन दक्षिण दिशा की यात्रा नहीं करनी चाहिये, यदि अत्यावश्यक हो तो दही खा कर यात्रा कर सकते है।
🔥 आज का गुलीक काल (शुभ समय) गुरुवार – प्रातः 9 से 10.30 बजे तक।
🤖 राहुकाल (अशुभ) – दोपहर 13:30 बजे से 15:00 बजे तक राहू काल में शुभ कार्य करना वर्जित माना गया हैं।
🌞 सूर्योदय – प्रातः 06:43:52
🌅 सूर्यास्त – सायं 17:17:26
👸🏻 ब्रह्म मुहूर्त : 05:08 ए एम से 06:02 ए एम
🌆 प्रातः सन्ध्या : 05:35 ए एम से 06:56 ए एम
🌟 अभिजित मुहूर्त : 11:49 ए एम से 12:31 पी एम
🔯 विजय मुहूर्त : 01:55 पी एम से 02:36 पी एम
🐃 गोधूलि मुहूर्त : 05:13 पी एम से 05:37 पी एम
🏙️ सायाह्न सन्ध्या : 05:24 पी एम से 06:45 पी एम
💧 अमृत काल : 09:53 पी एम से 11:27 पी एम
🗣️ निशिता मुहूर्त : 11:43 पी एम से 12:38 ए एम, दिसम्बर 02
❄️ रवि योग : पूरे दिन
💥 हर्षण योग- सुबह 9 बजकर 34 मिनट तक
☄️ भाद्रपद नक्षत्र- पूरा दिन पार कर के अगली सुबह 5 बजकर 44 मिनट तक
🚓 यात्रा शकुन-बेसन से बनी मिठाई खाकर यात्रा पर निकलें।
👉🏼 आज का मंत्र-ॐ ग्रां ग्रीं ग्रौं स: गुरुवै नम:।
🤷🏻‍♀️ आज का उपाय-विष्णु मंदिर में केसर चढ़ाएं।
🪵 वनस्पति तंत्र उपाय-पीपल के वृक्ष में जल चढ़ाएं।
⚛️ पर्व एवं त्यौहार – दुर्गा अष्टमी, व्यापार मुहूर्त/रोगी स्नान, नागालैंड स्थापना दिवस, विश्व एड्स दिवस, सीमा सुरक्षा बल स्थापना दिवस, विजयलक्ष्मी पण्डित – भारत के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू की बहन तथा महिला स्वतंत्रता सेनानी पुण्य तिथि, मेजर शैतान सिंह – परमवीर चक्र से सम्मानित स्मृति दिवस, पंचक जारी
✍🏽 विशेष – अष्टमी को नारियल एवं नवमी को काशीफल अर्थात कोहड़ा एवं कद्दू दोनों ही त्याज्य होता है। अष्टमी तिथि बलवती अर्थात स्ट्रांग तिथि मानी जाती है। इतना ही नहीं अपितु अष्टमी तिथि व्याधि नाशक तिथि भी मानी जाती है। यह अष्टमी तिथि जया नाम से विख्यात मानी जाती है। यह अष्टमी तिथि कृष्ण पक्ष में मध्यम फलदायिनी मानी जाती है।
🗣️ श्लोक : १.१.७(1.1.7) सूक्त
उप॑ त्वाग्ने दि॒वेदि॑वे॒ दोषा॑वस्तर्धि॒या व॒यम् । नमो॒ भर॑न्त॒ एम॑सि ॥
हे अग्नि! हम सच्चे हृदय से तुम्हें रात-दिन नमस्कार करते हैं और प्रतिदिन तुम्हारे समीप आते हैं।
🗼 Vastu tips 🗽
वास्तु के अनुसार दुकानों का मुंह पूर्व दिशा की ओर होना शुभ माना जाता है। क्योंकि पूर्व दिशा धन-धान्य को अपनी ओर आकर्षित करती है। ऐसे दुकान के मालिक की आमदनी भी अच्छी होती है। वहीं दक्षिण दिशा में दुकानों का मुंह होना शुभ नहीं माना जाता।
ध्यान रखें कि अपनी दुकान की सफाई के बाद कचरे को किसी दूसरे की दुकान के सामने बिल्कुल ना डालें क्योंकि इससे आपके खुद के व्यापार की बरकत में रुकावट आती है।
वास्तु के मुताबिक दुकानों का आकार आगे की तुलना में पीछे से छोटा होना अच्छा माना जाता है। इसलिए सुनिश्चित करें कि दुकान का आकार कभी भी आगे से छोटा और पीछे से बड़ा ना हो।
माना जाता है कि दुकान की दीवार पर शुभ लाभ और स्वास्तिक का चिन्ह लगाने से सुख-समृद्धि में बढ़ोतरी होती है। साथ ही आपके कार्यस्थल या दुकान का कैश काउंटर उत्तर दिशा की तरफ रखें और इसे कभी भी खाली ना रहने दें।
आपकी दुकान के आगे कोई पेड़ या खंबा होना वास्तु के अनुसार शुभ नहीं माना जाता।
ईशान कोण यानी उत्तर-पूर्व दिशा में दुकान होने पर आप अपनी दुकान में हल्का नीला, हरा या हल्का ग्रे रंग करवाएं। वहीं अगर आपकी दुकान की दिशा दक्षिण पूर्व है तो लाल, नारंगी या गुलाबी कलर के शेड इस्तेमाल करना अच्छा रहता है।
वास्तु शास्त्र के मुताबिक दुकान में उत्तर-पूर्व दिशा में सीढ़ियां नहीं बनवानी चाहिए। बता दें कि सीढ़ियां बनवाने के लिए उत्तर-पश्चिम दिशा सबसे अच्छी मानी गई है।
➡️ जीवनोपयोगी कुंजियां ⚜️
सुबह से समय ठंडे पानी से धोएं चेहरा
जब भी आप सुबह उठती हैं तो उसके तुरंत बाद आप अपने चेहरे को ठंडे पानी से धो लीजिए। ऐसा करने से आपकी स्किन के पोर्स क्लोज हो जाते हैं। इसके अलावा ठंडा पानी रिंकल से छुटकारा दिलाने के लिए भी जाना जाता है, जो त्वचा की बढ़ती उम्र को भी धीमा करने का काम करता है। वहीं, जो लोग ऑयली स्किन से परेशान रहते हैं, उनके लिए ठंडे पानी से चेहरे को धोना किसी दवा से कम नहीं है, क्योंकि नियमित रूप से ठंडे पानी से चेहरे को धोने से अतिरिक्त ऑयल क्लियर होने में मदद मिलती है।
चेहरे को टोन और मॉइश्चराइज करना भी है जरूरी सुबह के समय चेहरे को साफ करने के बाद टोनिंग और मॉइश्चराइजिंग स्टेप को भी पूरा करें। इसके लिए आप टोनर के रूप में गुलाब जल का इस्तेमाल कर सकती हैं, जो आपके खुले हुए त्वचा के छिद्रों को बंद करके स्किन को रिफ्रेश करने में मददगार होता है। वहीं टोनर अप्लाई करने के बाद हमेशा अपनी त्वचा पर स्किन टाइप के हिसाब से मॉइश्चराइजर जरूर लगाएं।
💊 आरोग्य संजीवनी
गर्भवती महिलायें व विटामिन बी9 इसी कड़ी में यदि गर्भवती महिलाओं की बात करें तो गर्भ में पल रहे शिशु के सही विकास में फोलेट की भी भूमिका होती है, ऐसे में फोलेट के सही सेवन के साथ बच्चे के सही शारीरिक और मानसिक विकास को सुनिश्चित करने में भी मदद मिल सकती है, और जन्म के समय कई तरह की जटिलताओं से भी बचा जा सकता है जो फोलेट की कमी के कारण हो सकते हैं। इसलिए जरूरी है गर्भवती महिलाओं सम्पूर्ण पोषण का ध्यान रखा जाए और किसी भी लक्षण को नजरअंदाज किये बगैर डॉक्टर से परामर्श लिया जाए।
किनको है विटामिन बी9 की कमी का जोखिम?
शराब का सेवन
दरअसल शराब का अत्यधिक सेवन विटामिन बी9 के सही अवशोषण में बाधक होता है।
गर्भवती स्त्रियाँ अब क्योंकि गर्भवती स्त्रियों को एक आम व्यस्क से अधिक फोलेट के सेवन की आवश्यकता होती है इसलिए ज़रूरी है कि इस सन्दर्भ में भी उनका अतिरिक्त ध्यान रखा जाए। इसके अलावा पाचन संबंधी समस्याओं से जूझ रहे, ह्रदय ह्रदयरोगी व इंटेस्टाइनल सर्जरी करवा चुके व्यक्तियों को भी विटामिन बी9 की कमी का जोखिम होता है। जरूरी है ये लोग अपना उचित ध्यान रखें व डॉक्टर की सलाह पर उचित पोषण सुनिश्चित करें।
🪔 गुरु भक्ति योग 🕯️
हर व्यक्ति का पहला गुरु उसके माता पिता, फिर विद्यालय में शिक्षक और फिर उसके अपने अनुभव उसका ज्ञान वर्धन करते हैं. गुरु को गोविन्द के तुल्य बताया गया है, क्योंकि गुरु के बिना शिष्य ज्ञान का मिलना असंभव है. उचित और अनुचित के भेद का ज्ञान गुरु के जरिए ही प्राप्त होता है।
आचार्य श्री गोपी राम कहते हैं कि जितना एक शिष्य को अपने गुरु के लिए समर्पित होना चाहिए उतना ही एक गुरु का कर्तव्य बनता है अपने शिष्यों को सही मार्ग दिखाना.हमने बताया है कि जीवन में एक गुरु,स्त्री, धर्म और रिश्तेदारों का त्याग कब करना चाहिए।
त्यजेद्धर्म दयाहीनं विद्याहीनं गुरुं त्यजेत्।
त्यजेत्क्रोधमुखी भार्या निःस्नेहान्बान्धवांस्यजेत्॥
दया धर्म का मूल है हमनें इस श्लोक में बाताय है कि जिस धर्म में दया की भावना नहीं हो उसे त्यागने में ही भलाई है. धर्म का आधार ही दया और करुणा है. किसी भी प्राणी या जीव पर दया रखना हमारा मूल धर्म है. जो व्यक्ति हमेशा दया का भाव रखता हैं, उसके सुख का अंत नहीं है।
विद्याहीन गुरु : गुरु का शिष्य का मार्गदर्शन करता है, उसे सही शिक्षा के साथ काबिर बनाने के लिए अच्छे-बुरे में अंतर करना सिखाता है लेकिन आचार्य श्री गोपी राम के अनुसार अगर गुरु के पास ही विद्या न हो तो वह शिष्य का भला कैसे करेगा. ऐसा गुरु से शिक्षा ग्रहण करना न सिर्फ धन की हानि होती है बल्कि वह आपके पूरे भविष्य को खराब कर सकता है, इसलिए ऐसे गुरु का तुरंत ही त्याग करने में ही भलाई है‌
रिश्तेदार : रिश्तों की डोर प्यार और विश्वास से बंधी होती है. चाणक्य के अनुसार जिन रिश्तेदारों में आपके प्रति प्रेम और स्नेह का भाव नहीं हो उनसे दूरी बनाकर रखना ही अच्छा है. ऐसे रिश्तेदार सिर्फ नाम के होते हैं, जब आपका समय खराब होगा तो ये मुंह फेर लेंगे और फायदा भी उठा सकते हैं।
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⚜️ अष्टमी तिथि के देवता भगवान शिव भोलेनाथ जी माने जाते हैं। इसलिये इस अष्टमी तिथि को भगवान शिव का दर्शन एवं पूजन अवश्य करना चाहिए। आज अष्टमी तिथि में कच्चा दूध, शहद, काला तिल, बिल्वपत्र एवं पञ्चामृत शिवलिंग पर चढ़ाने से भगवान शिव की कृपा सदैव बनी रहती है। घर में कोई रोगी नहीं होता एवं सभी मनोकामनाओं की सिद्धि तत्काल होती है।
मंगलवार को छोड़कर बाकि अन्य किसी भी दिन की अष्टमी तिथि शुभ मानी गयी है। परन्तु मंगलवार की अष्टमी शुभ नहीं होती। इसलिये इस अष्टमी तिथि में भगवान शिव के पूजन से हर प्रकार की सिद्धियाँ प्राप्त होती है। इस अष्टमी तिथि को अधिकांशतः विष्णु और वैष्णवों का प्राकट्य हुआ है। इसलिये आज अष्टमी तिथि में भगवान शिव और भगवान नारायण दोनों का पूजन एक साथ करके आप अपनी सम्पूर्ण मनोकामनायें पूर्ण कर सकते हैं।
अष्टमी तिथि को जिस व्यक्ति का जन्म होता है वह व्यक्ति धर्मात्मा होता है। मनुष्यों पर दया करने वाला तथा हरेक प्रकार के गुणों से युक्त गुणवान होता है। ये कठिन से कठिन कार्य को भी अपनी निपुणता से पूरा कर लेते हैं। इस तिथि के जातक सत्य का पालन करने वाले होते हैं यानी सदा सच बोलने की चेष्टा करते हैं। इनके मुख से असत्य तभी निकलता है जबकि किसी मज़बूर को लाभ मिले।

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