ज्योतिष

आज का पंचांग गुरूवार, 10 नवम्बर 2022

आचार्य श्री गोपी राम (ज्योतिषाचार्य) जिला हिसार हरियाणा मो. 9812224501
✦••• जय श्री हरि •••✦ .
🧾आज का पंचाग 🧾
गुरुवार 10 नवम्बर 2022

मंगल श्री विष्णु मंत्र :-
मङ्गलम् भगवान विष्णुः, मङ्गलम् गरुणध्वजः।
मङ्गलम् पुण्डरी काक्षः, मङ्गलाय तनो हरिः॥
☄️ दिन (वार) – गुरुवार के दिन तेल का मर्दन करने से धनहानि होती है । (मुहूर्तगणपति)गुरुवार के दिन धोबी को वस्त्र धुलने या प्रेस करने नहीं देना चाहिए । गुरुवार को ना तो सर धोना चाहिए, ना शरीर में साबुन लगा कर नहाना चाहिए और ना ही कपडे धोने चाहिए ऐसा करने से घर से लक्ष्मी रुष्ट होकर चली जाती है ।
गुरुवार को पीतल के बर्तन में चने की दाल, हल्दी, गुड़ डालकर केले के पेड़ पर चढ़ाकर दीपक अथवा धूप जलाएं । इससे बृहस्पति देव प्रसन्न होते है, दाम्पत्य जीवन सुखमय होता है ।
गुरुवार को चने की दाल भिगोकर उसके एक हिस्से को आटे की लोई में हल्दी के साथ रखकर गाय को खिलाएं, दूसरे हिस्से में शहद डालकर उसका सेवन करें।
🔮 शुभ विक्रम संवत्-2079, शक संवत्-1944, हिजरी सन्-1443, ईस्वी सन्-2022
🌐 संवत्सर नाम-राक्षस
✡️ शक संवत 1944 (शुभकृत् संवत्सर)
☸️ काली सम्वत 5123
☣️ सायन – दक्षिणायन
🌦️ ऋतु – सौर हेमन्त ऋतु
🌤️ मास – मार्गशीर्ष माह
🌔 पक्ष – कृष्ण पक्ष
📆 तिथि – द्वितीया 18:34 PM बजे तक उपरान्त तृतीया तिथि है।
✏️ तिथि स्वामी: द्वितीया (दूज) के देवता हैं ब्रह्मा। इस तिथि में ब्रह्मा की पूजा करने से मनुष्य विद्याओं में पारंगत होता है। यह शुभदा तिथि है।
💫 नक्षत्र – कृत्तिका 03:09 AM तक उपरान्त रोहिणी नक्षत्र है।
🪐 नक्षत्र स्वामी : नक्षत्र के स्वामी सूर्य और राशि के स्वामी शुक्र हैं।
📣 योग : परिघ – 09:13 पी एम तक शिव
प्रथम करण : गर – 06:32 पी एम तक
द्वितीय करण : वणिज – पूर्ण रात्रि तक
⚜️ दिशाशूल – गुरुवार के दिन दक्षिण दिशा की यात्रा नहीं करनी चाहिये, यदि अत्यावश्यक हो तो दही खा कर यात्रा कर सकते है।
🔥 शुभ गुलिक : काल 09:06 से 10:28 विडाल योग 06:22 से 05:08, नवम्बर 11
🤖 राहुकाल (अशुभ) – दोपहर 13:30 बजे से 15:00 बजे तक राहू काल में शुभ कार्य करना वर्जित माना गया हैं।
🌞 सूर्योदय – प्रातः 06:06:19
🌅 सूर्यास्त – सायं 17:05:07
👸🏻 ब्रह्म मुहूर्त : 04:54 ए एम से 05:47 ए एम
🌆 प्रातः सन्ध्या : 05:21 ए एम से 06:40 ए एम
🌟 अभिजित मुहूर्त : 11:43 ए एम से 12:27 पी एम
🔯 विजय मुहूर्त : 01:53 पी एम से 02:37 पी एम
🐃 गोधूलि मुहूर्त : 05:19 पी एम से 05:43 पी एम
🏙️ सायाह्न सन्ध्या : 05:30 पी एम से 06:49 पी एम
💧 अमृत काल : 01:40 ए एम, नवम्बर 11 से 03:24 ए एम, नवम्बर 11
🗣️ निशिता मुहूर्त : 11:39 पी एम से 12:32 ए एम, नवम्बर 11
☀️ परिघ योग – आज रात 9 बजकर 13 मिनट तक
💥 यायिजययोग – आज शाम 6 बजकर 32 मिनट से अगली सुबह 5 बजकर 8 मिनट तक
☄️ रोहिणी नक्षत्र – आज का पूरा दिन पार कर के अगली सुबह 5 बजकर 8 मिनट तक
🚓 यात्रा शकुन-बेसन से बनी मिठाई खाकर यात्रा पर निकलें।
👉🏼 आज का मंत्र-ॐ ग्रां ग्रीं ग्रौं स: गुरुवै नम:।
🤷🏻‍♀️ आज का उपाय-विष्णु मंदिर में चमेली के पुष्प चढ़ाएं।
🪵 वनस्पति तंत्र उपाय-पीपल के वृक्ष में जल चढ़ाएं।
⚛️ पर्व एवं त्यौहार – परिवहन दिवस, राष्ट्रीय दिवस, वन शहीद दिवस, राष्ट्रीय दिवस, शांति एवं विकास हेतु विश्‍व विज्ञान दिवस, (यूनेस्‍को) अन्तरराष्ट्रीय दिवस, राष्ट्र सुरक्षा परिषद दिवस, राष्ट्रवादी ट्रेड यूनियन नेता एवं भारतीय मज़दूर संघ के संस्थापक दत्तोपन्त ठेंगडी का जन्म दिवस, मलाला दिवस, अशून्य शयन व्रत
✍🏽 विशेष – द्वितीया तिथि को कटेरी फल का तथा तृतीया तिथि को नमक का दान और भक्षण दोनों त्याज्य बताया गया है। द्वितीया तिथि सुमंगला और कार्य सिद्धिकारी तिथि मानी जाती है। इस द्वितीया तिथि के स्वामी भगवान ब्रह्माजी हैं। यह द्वितीया तिथि भद्रा नाम से विख्यात मानी जाती है। यह द्वितीया तिथि शुक्ल पक्ष में अशुभ तथा कृष्ण पक्ष में शुभ फलदायिनी होती है।
🗺️ Vastu Tips 🗽
वास्तु शास्त्र का प्रभान न केवल निज़ी ज़िंदगी बल्कि आपकी प्रोफेशनल लाइफ पर भी काफी पड़ता है। जिस तरह हम अपने घर का वास्तु सुधारने के लिए काम करते हैं। ठीक वैसे ही हमें अपने कारोबार, अपने काम या फिर अपने काम की शुरुआत से पहले भी कुछ खास नियमों का ध्यान रखना होता है। आज आचार्य श्री गोपी राम से हम जानेंगे कि आखिर कारोबार या फिर इंटरव्यू के लिए जाने से पहले किन-किन बातों का ध्यान रखें।
कई बार आपके अंदर सारी प्रतिभाएं होते हुए भी आप इंटरव्यू मे पीछे रह जाते हैं और आपके हाथ से अवसर निकल जाते हैं। आज वास्तु शास्त्र में हम आपको बता रहे हैं कि जब आप नौकरी के लिए इंटरव्यू देने जाएं तो किन बातों का ख्याल रखें, जिससे आप अपने काम में सफल हो जाये।
नौकरी के लिए इंटरव्यू देने जाते वक्त जेब में पीले रंग का रूमाल या कोई पीले रंग का कपड़ा रखें या फिर हल्दी की दो गांठ भी जेब में रख सकते हैं। वहीं अगर आप निश्चित सफलता चाहते हैं तो घर के या किसी रिश्तेदार के घर के बड़े बच्चे की छठी में पहनाया गया कपड़ा, जिसे छटुला भी कहते हैं, उसे साथ ले जाने से सफलता अवश्य ही मिलती है। सफलता के लिए मन में लगन और खुद पर विश्वास होना भी बेहद ज़रूरी है।
⏹️ जीवनोपयोगी कुंजियां ⚜️
बीमारी का संकेत घर पर यदि एक चमगादड़ आ जाए तो यह गंभीर बीमारी का संकेत है। इससे घर के मुखिया किसी गंभीर बीमारी की चपेट में आ सकते हैं। यह इस बात की ओर भी इशारा करता है कि घर के किसी सदस्य की दुर्घटना भी हो सकती है। इसलिए घर पर एक भी चमगादड़ आए तो इसे नजरअंदाज न करें।
चमगादड़ का घर पर आना अशुभ होता है। यह हमेशा ही अशुभ घटनाओं की ओर संकेत देता है। क्योंकि चमगादड़ आमतौर पर पेड़ पर उल्टे लटके हुए पाए जाते हैं। ऐसे में चमगादड़ का घर पर आना परेशानियों और मुसीबतों का संकेत हैं। लेकिन भूलकर भी चमगादड़ को मारना या किसी तरह की हानि नहीं पहुंचानी चाहिए। अगर घर पर चमगादड़ आ रहे हैं तो स्वच्छता का विशेष ध्यान रखें। इसके अलावा वास्तु उपायों से भी इसे दूर किया जा सकता है।
💉 आरोग्य संजीवनी 🩸
मुलेठी और दालचीनी का काढ़ा ढाई सौ ग्राम दालचीनी, 500 ग्राम मुलेठी, ढाई सौ ग्राम लेमन ग्रास को एक साथ कूटकर उन्हें मिक्स कर लें। अब इस मिक्सचर में इलायची, तुलसी और गिलोय की पत्तियों को पीसकर मिला दें। अब रोज 2 कप पानी में काढ़े का ये पाउडर डालकर उबालें और छानकर पिएं। इसे पीने से आपकी इम्यूनिटी स्ट्रांग होगी और आपके आसपास कोई बीमारी नहीं फटेकगी। ये काढ़ा बलगम को कम करता है और फेफड़ों को हेल्दी रखता है।
अजवाइन के पत्ते का काढ़ा अजवाइन का काढ़ा फेफड़ों के लिए बहुत ज़्यादा फायदेमंद होता है। दरअसल अजवाइन के पत्तों में एंटीऑक्सीडेंट और एंटी इंफ्लेमेटरी गुण पाए जाते हैं जो आपके शरीर को अंदर से मजबूत बनाते हैं और कई बीमारियों से बचाने में मदद करते हैं। इसलिए रोजाना सुबह या शाम के समय अजवाइन के पत्ते में गुड़ और काला नमक मिलाकर उसका काढ़ा बनाएं और इसे पिएं
कच्ची हल्दी का काढ़ा कच्ची हल्दी को गुणों की खान कहा जाता है, ये एंटी इंफ्लेमेटरी से भरपूर होता है। आपकी रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने का काम करता है। ऐसे में कच्ची हल्दी का काढ़ा न केवल आपकी इम्यूनिटी को मजबूत बनाता है बल्कि आपके फेफड़ों की भी देखभाल करता है। शरीर के सूजन में कमी लाता है और एलर्जी के लक्षणों को कम करता है।
लेमन ग्रास के काढ़े को डिटॉक्सिफाइंग ड्रिंक कहा जाता है। इसमें एंटी बैक्टीरियल और एंटी इंफ्लेमेटरी गुण होते हैं, जो इम्यूनिटी को स्ट्रांग बनाते हैं। लेमन ग्रास एलर्जेन के असर को कम कर सकता है, वहीं ये सूखी खांसी और अस्थमा के दूसरे लक्षणों पर कारगर तरीके से काम कर सकता है।
📖 गुरु भक्ति योग 🕯️
आचार्य श्री गोपी राम ने नीति शास्त्र में कई बातों का उल्लेख किया है. इन नीतियों का पालन करके व्यक्ति अपने जीवन को सफल बना सकता है. हमने लगभग हर क्षेत्र के बारे में जिक्र किया है. इन नीतियों का पालन करके व्यक्ति जीवन में बड़ी से बड़ी समस्या को आसानी से हल कर सकता है. आज भी आचार्य श्री गोपी राम की नीतियां प्रासंगिक हैं. आज भी युवा इन नीतियों का पालन जीवन में सफलता प्राप्त करने के लिए करते हैं.शास्त्र में दान के बारे में भी विस्तार से बताया है. आइए जानें दान करने वाला श्रेष्ठ क्यों माना जाता है
दानेन पाणिर्न तु कङ्कणेन स्नानेन शुद्धिर्न तु चन्दनेन ।
मानेन तृप्तिर्न तु भोजनेन ज्ञानेन मुक्तिर्न तु मण्डनेन ।।
इस श्लोक के अनुसार दान करने वाले हाथों की सुंदरता कंगन पहनने वाले हाथों से भी अधिक होती है. शरीर तब शुद्ध माना जाता है जब स्नान किया जाए न की तब जब शरीर पर चंदन लगाया जाए. तृप्ति मान-सम्मान से मिलती है, भोजन करने से नहीं, मोक्ष की प्राप्ति श्रृंगार से नहीं ज्ञान से मिलती है. इस श्लोक के अनुसार व्यक्ति को कभी दान से मुंह नहीं मोड़ना चाहिए. स्वस्थ रहने के लिए स्नान और शुद्धता का ध्यान रखना चाहिए. व्यक्ति को मान-सम्मान उसके व्यवहार से मिलता है, वहीं ज्ञान का साथ व्यक्ति से कभी अलग नहीं होना चाहिए.
नान्नोदकसमं दानं न तिथिर्द्वादशी समा ।
न गायत्र्याः परो मन्त्रो न मातुर्दैवतं परम् ।।
इस श्लोक के अनुसार अन्न और जल के दान के समान कोई कार्य नहीं होता है. द्वादशी के समान कोई तिथि नहीं होती है, गायत्री मंत्र के समान कोई मंत्र नहीं होता है, मां के सामन कोई देवता नहीं होता है, इसलिए व्यक्ति को जीवन में सुख प्राप्त करने और पुण्य प्राप्त करने के लिए दान जरूर करना चाहिए. व्यक्ति को नियमित गायत्री मंत्र का जाप करना चाहिए. इससे न केवल मन को शांति मिलती है बल्कि आपका शरीर भी शुद्ध होता है. सदा भगवान के साथ-साथ अपने माता पिता का सम्मान करें. इससे उनका आशीर्वाद सदा आप पर बना रहता है.
✹•⁘••⁘•✹•⁘••⁘•⁘••⁘•✹•⁘••⁘•✹
⚜️ प्रजापति व्रत दूज को ही किया जाता है तथा किसी भी नये कार्य की शुरुआत से पहले एवं ज्ञान प्राप्ति हेतु ब्रह्माजी का पूजन अवश्य करना चाहिये। वैसे तो मुहूर्त चिंतामणि आदि ग्रन्थों के अनुसार द्वितीया तिथि अत्यन्त शुभफलदायिनी तिथि मानी जाती है। परन्तु श्रावण और भाद्रपद मास में इस तिथि का प्रभाव शून्य हो जाता है। इसलिये श्रावण और भाद्रपद मास कि द्वितीया तिथि को कोई भी शुभ कार्य नहीं करना चाहिये।
द्वितीया तिथि में जिस व्यक्ति का जन्म होता है, उस व्यक्ति का हृदय साफ नहीं होता है। इस तिथि के जातक का मन किसी की खुशी को देखकर आमतौर पर खुश नहीं होता, बल्कि उनके प्रति ग़लत विचार रखता है। इनके मन में कपट और छल का घर होता है, ये अपने स्वार्थ को सिद्ध करने के लिए किसी को भी धोखा दे सकते हैं। इनकी बातें बनावटी और सत्य से बहुत दूर होती हैं। इनके हृदय में दया की भावना बहुत ही कम होती है तथा यह किसी की भलाई तभी करते हैं जबकि उससे अपना भी लाभ हो। ये परायी स्त्री से अत्यधिक लगाव रखने वाले होते हैं जिसके वजह से कई बार इन्हें अपमानित भी होना पड़ता है।

Related Articles

Back to top button