5 करोड़ की लूटकांड का मास्टरमाइंड गिरफ्तार
रिपोर्टर : तारकेश्वर शर्मा
भिंड। पत्नी के बार-बार मायके जाने से एक अपराधी सलाखों के पीछे पहुंच गया। ये पढ़कर आपको हैरानी जरूर हो रही होगी। लेकिन सच है। पुलिस ने 5 करोड़ की लूट और हत्या के एक मामले के मास्टरमाइंड को इसी क्लू से पकड़ा है। दरअसल, भिंड जिले के गोहद कस्बे में एक बर्तन कारोबारी के घर 5 करोड़ की लूट और बेटी की हत्या के बहुचर्चित मामले में पुलिस ने मास्टरमाइंड को गिरफ्तार कर लिया है। वह करीब तीन महीने से फरार चल रहा था। आरोपी की पत्नी बार-बार मायके जा रही थी। यहीं से पुलिस को सुराग मिला और आरोपी पुलिस के हत्थे चढ़ गया।
आखिर क्या हुआ था बर्तन कारोबारी के घर दिन रविवार, तारीख 14 अगस्त 2022 भिंड का गोहद कस्बा करीब साढ़े 4 बज रहे थे। तीन बदमाश बर्तन कारोबारी के घर में घुसे। दो बदमाशों ने पुलिस की वर्दी पहन रखी थी। एक सिविल ड्रेस में था। बदमाशों ने 5 करोड़ की लूट की। कारोबारी को बंधक बनाकर पीटा। उसकी बेटी की गला घोंटकर हत्या कर दी। बदमाश शाम 7 बजे तक घर में लूटपाट करते रहे। पुलिस ने इस केस में 6 लोगों को आरोपी बनाया। 5 पहले ही पकड़े जा चुके थे। मास्टरमाइंड फरार चल रहा था। जिसे पुलिस अब गिरफ्तार कर लिया है।
भिंड एसपी शैलेंद्र सिंह चौहान के मुताबिक इस बहुचर्चित मामले में मुख्य आरोपी योगेश बैसला फरार था। वह बेरठा थाना महाराजपुरा, ग्वालियर का रहने वाला है। आदतन बदमाश है। लूट का बड़ा हिस्सा इसी के पास था। 12 लाख रुपए कैश सोने-चांदी के जेवर इसके पास थे। आरोपी की पत्नी बरेठा में रहती है। पुलिस लगातार मुख्य आरोपी को सर्च कर रही थी। इधर, पत्नी बरेठा जिला ग्वालियर से बार-बार अपने मायके टीकमगढ़ जाने लगी। ग्वालियर से टीकमगढ़ की दूरी 240 किमी है। पुलिस को यही बात खटकी और आरोपी की पत्नी पर नजर रखना शुरू कर दी। पता चला कि टीकमगढ़ में आरोपी उससे मिलने आता है। पुलिस ने इसी एंगल पर जांच आगे बढ़ाई तो आरोपी के ब्यावरा में रहने का पता चला। वह ब्यावरा जिला राजगढ़ में पहचान बदलकर रह रहा था। पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। उसके कब्जे से 35 लाख का माल बरामद हुआ है।
पुलिस की वर्दी में पहुंचे थे आरोपी बर्तन कारोबारी रामकिशोर लोहिया 70 वर्ष की 9 बेटियां, 1 बेटा है। 3 साल पहले पत्नी का निधन हो चुका है। 8 बेटियों की शादी हो चुकी है। घर में वे, बेटा लकी 23 वर्ष और बेटी रिंकी 28 वर्ष रहते थे। घटना वाले दिन बेटा घर पर नहीं था। लोहिया के मुताबिक, शाम 4.30 बजे दरवाजा खटखटाने पर देखा तो बाहर 3 लोग खड़े थे। दो पुलिस की वर्दी पहने हुए थे। इनमें से एक बदमाश ने कहा- आपके बेटे लकी ने चोरी की पिस्टल खरीदी है। कारतूस आपके घर में रखे हैं। हमें जांच करनी है। पुलिस की वर्दी देख मैंने घर का दरवाजा खोल दिया। तीनों ने घर की तलाशी ली। तलाशी लेते-लेते वे ऊपरी मंजिल के कमरे में बनी तिजोरी तक पहुंच गए उन्होंने तिजोरी खोली, तो बेटी रिंकी ने इसका विरोध किया। उसने चिल्लाकर बताया कि बाबूजी ये पुलिस नहीं, चोर-उचक्के या बदमाश हैं। बदमाशों ने बेटी से मारपीट की। बेटी ने खूब संघर्ष किया। बदमाशों ने बेटी के मुंह में कपड़ा ठूंस दिया। जब मैं ऊपर पहुंचा, तो मुझसे भी मारपीट की। मुझे कुर्सी से बांध दिया। लूट के बाद लाइट बंद कर चले गए। इसके बाद मैं बेहोश हो गया था। रामकिशोर लोहिया रिंकी के विवाह की तैयारी कर रहे थे। ऐसे में घर में काफी कैश रखा था। उन्होंने बताया कि जेवर पुश्तैनी हैं। आरोपी यहां से 15 लाख कैश, करीब 3.5 किलो सोना और 6 किलो चांदी के जेवर ले गए थे।



