ज्योतिष

आज का पंचांग सोमवार, 05 दिसम्बर 2022

आचार्य श्री गोपी राम (ज्योतिषाचार्य) जिला हिसार हरियाणा मो. 9812224501
✦••• जय श्री हरि •••✦
🧾 आज का पंचाग 🧾
सोमवार 05 दिसम्बर 2022

महा मृत्युंजय मंत्र – ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्‌। उर्वारुकमिव बन्धनान्मृत्योर्मुक्षीय माऽमृतात्।।
🔱 05 दिसम्बर 2022 दिन सोमवार को सोमवार का प्रदोष व्रत है। आज के इस प्रदोष को अखण्ड द्वादशी भी कहा जाता है। उड़ीसा में इस द्वादशी को व्यंजन द्वादशी एवं दान द्वादशी भी कहा जाता है। आज मत्स्य द्वादशी का पावन व्रत भी है। आज के इस द्वादशी को सन्तति लाभ अथवा सन्तान के कल्याण हेतु अत्यंत लाभदायक बताया गया है। आज का यह द्वादशी ग्रह दोष निवारण पुजा-विधि के लिए भी अत्यंत उपयुक्त है। आप सभी सनातनियों को सोमप्रदोष एवं दान द्वादशी व्रत की हार्दिक शुभकामनायें।
☄️ दिन (वार) – सोमवार के दिन क्षौरकर्म अर्थात बाल, दाढ़ी काटने या कटाने से पुत्र का अनिष्ट होता है शिवभक्ति को भी हानि पहुँचती है अत: सोमवार को ना तो बाल और ना ही दाढ़ी कटवाएं ।
सोमवार के दिन भगवान शंकर की आराधना, अभिषेक करने से चन्द्रमा मजबूत होता है, काल सर्प दोष दूर होता है।
सोमवार का व्रत रखने से मनचाहा जीवन साथी मिलता है, वैवाहिक जीवन में लम्बा और सुखमय होता है।
जीवन में शुभ फलो की प्राप्ति के लिए हर सोमवार को शिवलिंग पर पंचामृत या मीठा कच्चा दूध एवं काले तिल चढ़ाएं, इससे भगवान महादेव की कृपा बनी रहती है परिवार से रोग दूर रहते है ।
🔮 शुभ विक्रम संवत्-2079, शक संवत्-1944, हिजरी सन्-1443, ईस्वी सन्-2022
🌐 संवत्सर नाम-राक्षस
✡️ शक संवत 1944 (शुभकृत् संवत्सर)
☸️ काली सम्वत 5123
☣️ सायन – दक्षिणायन
🌦️ ऋतु – सौर हेमन्त ऋतु
🌤️ मास – मार्गशीर्ष माह
🌔 पक्ष – शुक्ल पक्ष
📆 तिथि : त्रयोदशी – 06:47 ए एम, दिसम्बर 06 तक चतुर्दशी
✏️ तिथि स्वामी : त्रयोदशी (तेरस) के देवता हैं त्रयोदशी और शिव। त्रयोदशी में कामदेव की पूजा करने से मनुष्य उत्तम भार्या प्राप्त करता है तथा उसकी सभी कामनाएं पूर्ण हो जाती हैं। यह जयप्रदा अर्थात विजय देने वाली तिथि हैं।
💫 नक्षत्र : अश्विनी – 07:15 ए एम तक भरणी
🪐 नक्षत्र स्वामी : अश्विनी नक्षत्र का स्वामी केतु ग्रह है। – इस नक्षत्र के देवता अश्विनी कुमार है।
📣 योग : परिघ – 03:08 ए एम, दिसम्बर 06 तक शिव
⚡ प्रथम करण : कौलव – 06:19 पी एम तक
✨ द्वितीय करण : तैतिल – 06:47 ए एम, दिसम्बर 06 तक गर
⚜️ दिशाशूल – सोमवार को पूर्व दिशा की यात्रा नहीं करनी चाहिये, यदि अत्यावश्यक हो तो कोई दर्पण देखकर घर से प्रस्थान कर सकते है।
🔥 शुभ गुलिक काल :- सोमवार- दोपहर 1.30 से 3 बजे तक
🤖 राहुकाल (अशुभ) – दोपहर 07:30 बजे से 09:00 बजे तक राहु काल में कोई भी शुभ कार्य नहीं करना चाहिए |
🌞 सूर्योदय – प्रातः 06:45:22
🌅 सूर्यास्त – सायं 17:15:46
👸🏻 ब्रह्म मुहूर्त : 05:11 ए एम से 06:05 ए एम
🌇 प्रातः सन्ध्या : 05:38 ए एम से 06:59 ए एम
🌟 अभिजित मुहूर्त : 11:51 ए एम से 12:32 पी एम
🔯 विजय मुहूर्त : 01:56 पी एम से 02:37 पी एम
🐃 गोधूलि मुहूर्त : 05:14 पी एम से 05:38 पी एम
🏙️ सायाह्न सन्ध्या : 05:24 पी एम से 06:46 पी एम
💧 अमृत काल : 03:34 ए एम, दिसम्बर 06 से 05:15 ए एम, दिसम्बर 06
🗣️ निशिता मुहूर्त : 11:45 पी एम से 12:39 ए एम, दिसम्बर 06
☀️ परिघ योग- आज का पूरा दिन पार कर के देर रात 3 बजकर 8 मिनट तक
☄️ अश्विनी नक्षत्र – आज सुबह 7 बजकर 15 मिनट तक
🚓 यात्रा शकुन- मीठा दूध पीकर यात्रा करें।
👉🏼 आज का मंत्र-ॐ सौं सोमाय नम:।
🤷🏻‍♀️ आज का उपाय-शिवलिंग का दुग्धाभिषेक करें।
🪵 वनस्पति तंत्र उपाय- पलाश के वृक्ष में जल चढ़ाएं।
⚛️ पर्व एवं त्यौहार – सोम प्रदोष व्रत, भरणी पिपम् (द.भा.), मार्गशीर्ष त्रयोदशी पूर्णरात्रि, अनंग त्रयोदशी व्रत, अंतर्राष्ट्रीय स्वयंसेवक (वालंटियर) दिवस, अन्तरराष्ट्रीय दिवस, योगी अरविन्द स्मृति दिवस राष्ट्रीय दिवस, महान योगी महर्षि अरविन्द घोष पुण्यतिथि, मूल समाप्त
✍🏽 विशेष – द्वादशी तिथि को मसूर की दाल एवं मसूर से निर्मित कोई भी व्यंजन नहीं खाना न ही दान देना चाहिये। यह इस द्वादशी तिथि में त्याज्य बताया गया है। द्वादशी तिथि के स्वामी भगवान श्री हरि नारायण हैं। आज द्वादशी तिथि के दिन भगवान नारायण का श्रद्धा-भाव से पूजन करना चाहिये। साथ ही भगवान नारायण के नाम एवं स्तोत्रों जैसे विष्णुसहस्रनाम आदि के पाठ एवं जप से धन, यश एवं प्रतिष्ठा की प्राप्ति होती है।
🌸 05 दिसम्बर 2022 दिन सोमवार को मार्गशीर्ष शुक्ल पक्ष की मोक्षदा एकादशी तारीख 03 दिसंबर 2022 को प्रातः 08:25 AM बजे से शुरू होकर 04 दिसम्बर 2022 को प्रातः 07:24 AM बजे तक थी। इसलिए आज 05 दिसम्बर 2022 को पारण का समय सुबह 06:24 AM से 08:32 AM तक कि जा सकती है।
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Vastu tips 🌸
वास्तु शास्त्र में आज आचार्य श्री गोपी राम से जानिए फर्नीचर के बारे में। घर की सुंदरता बढ़ाने में फर्नीचर का खास योगदान होता है और इसके लिये आप काफी पैसा भी खर्च करते हैं। लेकिन कई बार महंगा और डिजाइनर फर्नीचर भी हमारे घर में वास्तुदोष का कारण बन जाता है।
जानिए किस दिन फर्नीचर खरीदना आपके लिये शुभ रहेगा या किस दिन आपको फर्नीचर के लिये लकड़ी खरीदनी चाहिए और किस दिन इसे खरीदना आपके लिये अशुभ रहेगा।
मंगलवार, शनिवार और अमावस्या के दिन फर्नीचर या लकड़ी न खरीदें। इन दिनों को छोड़कर आप किसी भी दिन फर्नीचर खरीद सकते हैं। इसके अलावा यह भी ध्यान रखें कि वह फर्नीचर किस पेड़ की लकड़ी का बना हुआ है।
वास्तु शास्त्र के अनुसार किसी सकारात्मक ऊर्जा वाले पेड़ की लकड़ी ही उपयोग में लानी चाहिए। शीशम, चंदन, नीम, अशोक, सागवान, साल व अर्जुन, ये सभी शुभ फल देने वाले होते हैं।
⏯️ जीवनोपयोगी कुंजियां ⚜️
🙇🏻‍♂️ खर्राटे दूर करने के लिए घरेलू उपाय-
देसी घी: देसी घी का सेवन करने से सेहत तो अच्छी रहती ही है। साथ ही अगर आप हल्के गर्म घी की कुछ बूंदे नाक में डालना शुरू कर दें तो खर्राटे की समस्या से भी छुटकारा मिल सकता है।
छोटी इलायची : आमतौर पर इलायची का इस्तेमाल खाने का स्वाद बढ़ाने के लिए किया जाता है। कुछ लोग इसे चाय में डालकर पीना पसंद करते हैं। इलायची का पाउडर आकते खर्रादे दूर करने में सहायक हो सकता है। एक गिलास पानी में एक चम्मच इलायची पाउडर मिलाकर नियमित रूप से इसका सेवन करें। ऐसा करना फायदेमंद हो सकता है।
जैतून का तेल: जैतून के तेल का इस्तेमाल सूजन को दूर करने के लिए किया जाता है। इसे नाक में डालने से सांस लेने में परेशानी नहीं होती है। इसलिए रोजाना रात को सोने से पहले जैतून तेल की कुछ बूंदे नाक में डालें। ऐसा करने से धीरे-धीरे खर्राटे की समस्या दूर हो जाएगी।
वजन घटाएं: मोटापे की वजह से शरीर को कई गंभीर बीमारियां घेर लेती हैं। अन्य अंगो की तरह ही मोटे व्यक्ति के गले में ज्यादा चर्बी जमा हो जाती है, जिससे खर्राटे आने लगते हैं। वजन कम करने आप खर्राटे रोक सकते हैं।
लहसुन : खाने की कई चीजों में लहसुन का इस्तेमाल किया जाता है। कुछ लोग इसे दाल में डालकर खाना पसंद करते हैं तो कुछ सब्जी पकाते समय लहसुन का प्रयोग करते हैं। किसी भी रूप में लहसुन का सेवन करने से खर्राटे को दूर भगाया जा सकता है। इसलिए लहसुव को डाइड में जरूर शामिल करें।
🥔 आरोग्य संजीवनी 🍊
👉🏼 इन बीमारियों में भी नहीं खाना चाहिए पपीता
पीलिया और अस्थमा होने का खतरा : पपाइन और बीटा कैरोटीन होने की वजह से पीलिया और अस्थमा के मरीजों को पपीते का सेवन नहीं करना चाहिए। ऐसा करने से परेशानी बढ़ सकती है।
स्किन एलर्जी वाले करें अवॉइड : जिन्हें लेटेक्स एलर्जी है वो पपीता ना खाएं। इसमें लेटेक्स जैसा ही एक एंजाइम होता है जिससे दिक्कत बढ़ सकती है।
पाचन को कर सकता है खराब : पेट की समस्याओं से राहत पाने के लिए लोग पपीते का सेवन कर सकते हैं। लेकिन इसमें फाइबर की अधिक मात्रा होती है इसलिए अगर आप बहुत ज्यादा पपीता खाते हैं तो ये आपके पाचन को बिगाड़ भी सकता है।
🪔 गुरु भक्ति योग🕯️
आचार्य श्री गोपी राम की नीतियां और विचार भले ही आपको थोड़े कठोर लगे लेकिन ये कठोरता ही जीवन की सच्चाई है। हम लोग भागदौड़ भरी जिंदगी में इन विचारों को भले ही नजरअंदाज कर दें लेकिन ये वचन जीवन की हर कसौटी पर आपकी मदद करेंगे। हमारे इन्हीं विचारों में से आज हम एक और विचार का विश्लेषण करेंगे। आज के इस विचार में जानिए कि ऐसी कौन सी चीज है जिसे ध्यान में रखकर हम अपने सपनों को पूरा कर सकते हैं।
“जब तक तुम दौड़ने का साहस नहीं जुटा पाओगे, तुम्हारे लिए प्रतिस्पर्धा में जीतना हमेशा मुश्किल रहेग”
आचार्य श्री गोपी राम ने अपने इस कथन में हिम्मत का जिक्र किया है। हम कहते हैं कि व्यक्ति को जीवन में कभी भी साहस का साथ नहीं छोड़ना चाहिए। परिस्थिति कैसी भी हो सभी का साहस के साथ सामना करना चाहिए।
अगर व्यक्ति मुश्किलों का सामना साहस के साथ करता है, उसे कभी भी हार नहीं माननी पड़ती है। जो व्यक्ति एक बार साहस का साथ छोड़ देते हैं, उन्हें विजय प्राप्त करना मुश्किल हो जाता है।
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⚜️ द्वादशी तिथि के दिन तुलसी नहीं तोड़ना चाहिये। आज द्वादशी तिथि के दिन भगवान नारायण का पूजन और जप आदि करने से मनुष्य का कोई भी बिगड़ा काम भी बन जाता है। यह द्वादशी तिथि यशोबली अर्थात यश एवं प्रतिष्ठा प्रदान करने वाली तिथि मानी जाती है। यह द्वादशी तिथि सर्वसिद्धिकारी अर्थात अनेकों प्रकार के सिद्धियों को देनेवाली तिथि भी मानी जाती है। यह द्वादशी तिथि भद्रा नाम से विख्यात मानी जाती है। यह द्वादशी तिथि शुक्ल पक्ष में शुभ तथा कृष्ण पक्ष में अशुभ फलदायिनी मानी जाती है।
द्वादशी तिथि में जन्म लेनेवाले व्यक्ति का स्वभाव अस्थिर होता है। इनका मन किसी भी विषय में केन्द्रित नहीं हो पाता है। इस व्यक्ति का मन हर पल चंचल बना रहता है। इस तिथि के जातक का शरीर पतला व कमज़ोर होता है। स्वास्थ्य की दृष्टि से इनकी स्थिति अच्छी नहीं होती है। ये यात्रा के शौकीन होते हैं और सैर सपाटे का आनन्द लेते रहते हैं।

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