आज का पंचांग सोमवार, 19 दिसम्बर 2022
आचार्य श्री गोपी राम (ज्योतिषाचार्य) जिला हिसार हरियाणा मो. 9812224501
✦••• जय श्री हरि ••• ✦
🧾 आज का पंचाग 🧾
सोमवार 19 दिसम्बर 2022
महा मृत्युंजय मंत्र – ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्। उर्वारुकमिव बन्धनान्मृत्योर्मुक्षीय माऽमृतात्।।
🚩 19 दिसम्बर 2022 दिन सोमवार को पौष मास के कृष्ण पक्ष कि सफला नाम का एकादशी व्रत है। आप सभी एकादशी व्रतियों को एकादशी व्रत की हार्दिक शुभकामनायें। शास्त्रानुसार एकादशी सर्वश्रेष्ठ एवं सर्वाधिक पुण्यदायी व्रत होता है। इसे हर एक व्यक्ति को अवश्य करना चाहिये। आप सभी सनातनियों को सफला एकादशी व्रत हार्दिक मंगलकामनाएँ।।
☄️ दिन (वार) – सोमवार के दिन क्षौरकर्म अर्थात बाल, दाढ़ी काटने या कटाने से पुत्र का अनिष्ट होता है शिवभक्ति को भी हानि पहुँचती है अत: सोमवार को ना तो बाल और ना ही दाढ़ी कटवाएं ।
सोमवार के दिन भगवान शंकर की आराधना, अभिषेक करने से चन्द्रमा मजबूत होता है, काल सर्प दोष दूर होता है।
सोमवार का व्रत रखने से मनचाहा जीवन साथी मिलता है, वैवाहिक जीवन में लम्बा और सुखमय होता है।
जीवन में शुभ फलो की प्राप्ति के लिए हर सोमवार को शिवलिंग पर पंचामृत या मीठा कच्चा दूध एवं काले तिल चढ़ाएं, इससे भगवान महादेव की कृपा बनी रहती है परिवार से रोग दूर रहते है ।
🔮 शुभ विक्रम संवत्-2079, शक संवत्-1944, हिजरी सन्-1443, ईस्वी सन्-2022
🌐 संवत्सर नाम-राक्षस
✡️ शक संवत 1944 (शुभकृत् संवत्सर)
☸️ काली सम्वत 5123
☣️ सायन – दक्षिणायन
🌦️ ऋतु – सौर हेमन्त ऋतु
🌤️ मास – पौष माह
🌒 पक्ष – कृष्ण पक्ष
📆 तिथि : एकादशी – 02:32 ए एम, दिसम्बर 20 उपरान्त द्वादशी तिथि है।
✏️ तिथी स्वामी : एकादशी (ग्यारस) के देवता हैं विश्वेदेवगणों और विष्णु। इस तिथि को विश्वेदेवों पूजा करने से संतान, धन-धान्य और भूमि आदि की प्राप्ति होती है। यह आनन्दप्रदा अर्थात सुख देने वाली तिथि हैं।
💫 नक्षत्र : चित्रा – 10:31 ए एम तक स्वाती
🪐 नक्षत्र स्वामी : चित्रा नक्षत्र के देवता त्वष्टा हैं जो एक आदित्य हैं नक्षत्र स्वामी मंगल राशि स्वामी बुध इन दो ग्रहों का जातक पर विशेष प्रभाव पड़ता है।
🔊 योग : अतिगण्ड – 03:21 ए एम, दिसम्बर 20 तक सुकर्मा
⚡ प्रथम करण : बव – 03:08 पी एम तक
✨ द्वितीय करण : बालव – 02:32 ए एम, दिसम्बर 20 तक कौलव
🔥 गुलीक काल – सोमवार का शुभ गुलिक कालः-शुभ – दोपहर 1.30 से 3 बजे तक
⚜️ दिशाशूल – सोमवार को पूर्व दिशा की यात्रा नहीं करनी चाहिये, यदि अत्यावश्यक हो तो कोई दर्पण देखकर घर से प्रस्थान कर सकते है।
🤖 राहुकाल (अशुभ) – दोपहर 07:30 बजे से 09:00 बजे तक राहु काल में कोई भी शुभ कार्य नहीं करना चाहिए |
🌞 सूर्योदय – प्रातः 06:47:38
🌅 सूर्यास्त – सायं 17:13:32
👸🏻 ब्रह्म मुहूर्त : 05:19 ए एम से 06:14 ए एम
🌇 प्रातः सन्ध्या : 05:46 ए एम से 07:09 ए एम
🌟 अभिजित मुहूर्त : 11:58 ए एम से 12:39 पी एम
🔯 विजय मुहूर्त : 02:01 पी एम से 02:43 पी एम
🐃 गोधूलि मुहूर्त : 05:18 पी एम से 05:42 पी एम
🌃 सायाह्न सन्ध्या : 05:28 पी एम से 06:50 पी एम
💧 अमृत काल : 01:20 ए एम, दिसम्बर 20 से 02:54 ए एम, दिसम्बर 20
🗣️ निशिता मुहूर्त : 11:51 पी एम से 12:46 ए एम, दिसम्बर 20
☄️ यायीजय योग – आज सुबह 10 बजकर 31 मिनट से देर रात 2 बजकर 32 मिनट तक
🚓 यात्रा शकुन- मीठा दूध पीकर यात्रा करें।
👉🏼 आज का मंत्र-ॐ सौं सोमाय नम:।
🤷🏻♀️ आज का उपाय-किसी विप्र को श्वेत वस्त्र भेंट करें।
🪵 वनस्पति तंत्र उपाय- पलाश के वृक्ष में जल चढ़ाएं।
⚛️ पर्व एवं त्यौहार – सफला एकादशी व्रत (स्मार्त/वैष्णव), भारत के गवर्नर – लार्ड डलहौजी पुण्य तिथि, उमाशंकर जोशी, ज्ञानपीठ पुरस्कार सम्मानित स्मृति दिवस, राम प्रसाद बिस्मिल, महान् स्वतन्त्रता सेनानी पुण्यतिथि, प्रतिभा पाटिल महिला राजनीतिज्ञ भारत जन्मोत्सव, गोवा मुक्ति दिवस
✍🏽 तिथि विशेष – एकादशी तिथि को चावल एवं दाल नहीं खाना चाहिये तथा द्वादशी को मसूर नहीं खाना चाहिये। यह इस तिथि में त्याज्य बताया गया है। एकादशी को चावल न खाने अथवा रोटी खाने से व्रत का आधा फल सहज ही प्राप्त हो जाता है। एकादशी तिथि एक आनन्द प्रदायिनी और शुभफलदायिनी तिथि मानी जाती है। एकादशी को सूर्योदय से पहले स्नान के जल में आँवला या आँवले का रस डालकर स्नान करना चाहिये। इससे पुण्यों कि वृद्धि, पापों का क्षय एवं भगवान नारायण के कृपा कि प्राप्ति होती है।
कबीर, गुरू बिन माला फेरते, गुरू बिन देते दान।
गुरू बिन दोनों निष्फल हैं, चाहे पूछो बेद पुराण।।
योग, यज्ञ तप दान करावै, गुरू विमुख फल कभी नहीं पावै।।
भावार्थ:- गुरू बिन नाम जाप की माला फिराते हैं या दान देते हैं, वह व्यर्थ है। यह वेदों तथा पुराणों में भी प्रमाण है। फिर अन्तिम चैपाई का भावार्थ है कि यदि दीक्षा लेकर फिर गुरू को छोड़कर उन्हीं मन्त्रों का जाप करता रहे तथा यज्ञ, हवन, दान भी करता रहे, वह भी व्यर्थ है। उसको कोई लाभ नहीं होगा।
🌷 Vastu Tips 🌸
वास्तु शास्त्र में आज आचार्य श्री गोपी राम से जानिए आग्नेय कोण में लाल रंग करवाना चाहिए या नहीं। वास्तु के मुताबिक, दक्षिण-पूर्व दिशा का तत्व रंग लकड़ी है और लाल रंग का तत्व अग्नि है। अग्नि और लकड़ी देखने में अन्योन्याषित लगते हैं लेकिन दोनों के बीच का सत्य सिर्फ यही है कि अग्नि लकड़ी को जलाती है। दूसरे शब्दों में कहें तो अग्नि का साथ मिलते ही लकड़ी नष्ट हो जाएगी, जल जाएगी या राख में बदल जाएगी। अगर हम आग्नेय कोण में लाल रंग का इस्तेमाल करेंगे तो लाल रंग आग्नेय कोण से जुड़े तत्वों की ऊर्जा अपने ऊपर खर्च करवा लेगा।
वास्तु के अनुसार, आग्नेय कोण से जुडे तत्व यानी व्यापार और विकास, बड़ी बेटी का जीवन सब प्रभावित होंगे और लाल रंग की दिशा से संबंधित तत्व के लिए खर्च हो जाएंगे। लाल रंग की दिशा दक्षिण है, जिसका संबंध यश और कीर्ति से है, मझली बेटी से है, आंख से है। तो आग्नेय कोण के तत्व व्यापार और विकास, यश की प्राप्ति के लिए किए गए कार्यों के प्रयास बाधित होंगे। बड़ी बेटी का इंटरेस्ट मझली बेटी की वजह से दबेगा, लिहाजा दक्षिण-पूर्व दिशा में लाल रंग का इस्तेमाल बहुत सीमित मात्रा में ही किया जा सकता है। कोशिश होनी चाहिए कि इस्तेमाल ना ही करना पड़े।
🔊 जीवनोपयोगी कुंजियां ⚜️
लिगामेंट टूटने का कारण
लिगामेंट टूटने का सबसे बड़ा कारण अचानक लगी चोट या फिजकल एक्टिविटी हो सकती है। इसके अलावा भी इसके कई कारण हैं। जैसे
अचानक सीधा चलते-चलते तेजी से मुड़ना
खेल और फिटनेस गतिविधियों के दौरान होने वाली चोटें
छलांग लगाने से
गलत मूवमेंट पैटर्न का उपयोग करना, जैसे स्क्वाट के दौरान घुटनों को अंदर की ओर ले जाना
घुटने पर सीधा झटका लगना या टक्कर होना
ऐसे फुटवियर पहनना जो ठीक से फिट न हों
लिगामेंट टूटने के लक्षण
घुटने में जोर से पॉप साउंड के साथ तेज दर्द
जांघ में अकड़न और तेज दर्द
जांघ या घुटने में सूजन
लिगामेंट टूटने से बचाव के लिए आपको इनके कारणों को जानकर इससे बचना चाहिए। ऐसे में सबसे पहले तो एक्सरसाइज करें। कोर को मजबूत करने की कोशिश करें और इसके लिए कूल्हों और पेट के निचले हिस्से की एक्सरसाइज करें। इसके अलावा अचानक किसी भी काम को करने से बचें।
🍵 आरोग्य संजीवनी 🍶
सिर दर्द में कॉफी पीना काफी कारगर तरीके से काम करती है। कैफीन न्यूरो सेल्स को शांत करने और ब्रेन एक्टिविटी को रिलैक्स करती है। इससे सिर दर्द में कमी आती है और आपकी ब्रेन एक्टिविटी बेहतर होती है।
लो बीपी में कॉफी का सेवन फायदेमंद है। कैफीन ब्लड प्रेशर को बैलेंस करने और दिल के काम काज में तेजी लाती है। ये तेजी से ब्लड प्रेशर बढ़ाता है और तुरंत ही लो बीपी की समस्या में काम करती है।
📖 गुरु भक्ति योग 🕯️
औरत जब करे ये काम, पुरुषों को हटा लेनी चाहिए नजर हमने अपनी शास्त्र नीति में इस बात का जिक्र है कि अगर महिलाएं कुछ इस तरह काम कर रही हों, तो पुरुषों को उन्हें नहीं देखना चाहिए. वरना विनाश हो जाता है.
छींक और जम्हाई लेती महिला आचार्य श्री गोपी राम की नीतियों में कुछ ऐसी बातें बताई हैं, जिसमें पुरुषों और महिलाओं को कुछ खास काम करने से मना किया गया है. इसी कड़ी में हमने पुरुषों को सलाह दी गई है कि महिलाएं जब ये 3 काम करें तो उन पर नजर हटा लेनी चाहिए, वरना पुरुष का विनाश हो जाता है.
खाना खाती हुई महिला हमारे कहने के अनुसार महिलाएं या लड़कियां जब कपड़े ठीक कर रही हों या बदल रही हों, तो पुरुषों को उन्हें नहीं देखना चाहिए. अगर गलती से ऐसी महिला पर नजर चली जाती है तो तुरंत हटा लें. इसे अपराध माना जाता है.
श्रृंगार करती महिला आचार्य श्री गोपी राम कहते है कि महिला जब श्रृंगार करें तो उसे नहीं देखना चाहिए. खासतौर से काजल लगा रही महिला को पुरुषों को नहीं देखना चाहिए. ऐसा करना पुरुषों के लिए ठीक नहीं होता और इसका अंजाब बहुत बुरा होता है. इसके साथ ही अगर को महिला खुद की या बच्चे की तेल मालिश कर रही हो तो भी उसे नहीं देखना चाहिए.
महिलाएं, कपड़े चेंज करें या ठीक करें तो नजर हटा लें महिला अगर खाना खा रही हो तो पुरुषों को उसे नहीं देखना चाहिए. चाणक्य नीति के अनुसार महिला को खाना खाते हुए पुरुषों को नहीं देखना चाहिए
महिला को ये काम करते नहीं देखना चाहिए इसी तरह महिलाओं को जम्हाई लेते या अंगडाई लेते या छींक मारते नहीं देखना चाहिए. इसके अलावा खुद की या बच्चों की तेल मालिश कर रही महिला को भी पुरुषों को नहीं देखना चाहिए
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⚜️ एकादशी तिथि के देवता विश्वदेव होते हैं। नन्दा नाम से विख्यात यह तिथि शुक्ल पक्ष में शुभ तथा कृष्ण पक्ष में अशुभ फलदायिनी मानी जाती है। एकादशी तिथि एक आनंद प्रदायिनी और शुभ फलदायी तिथि मानी जाती है। इसलिये आज दक्षिणावर्ती शंख के जल से भगवान नारायण का पुरुषसूक्त से अभिषेक करने से माँ लक्ष्मी प्रशन्न होती है एवं नारायण कि भी पूर्ण कृपा प्राप्त होती है।
एकादशी तिथि को जिस व्यक्ति का जन्म होता है वो धार्मिक तथा सौभाग्यशाली होता है। मन, बुद्धि और हृदय से ऐसे लोग पवित्र होते हैं। इनकी बुद्धि तीक्ष्ण होती और लोगों में बुद्धिमानी के लिए जाने जाते है। इनकी संतान गुणवान और अच्छे संस्कारों वाली होती है, इन्हें अपने बच्चों से सुख एवं सहयोग भी प्राप्त होता है। समाज के प्रतिष्ठित लोगों से इन्हें मान सम्मान मिलता है।

