ज्योतिष

आज का पंचाग गुरुवार 20 अक्टूबर 2022

आचार्य श्री गोपी राम (ज्योतिषाचार्य) जिला हिसार हरियाणा मो. 9812224501
✦••• जय श्री हरि •••✦
🧾 आज का पंचाग 🧾
गुरुवार 20 अक्टूबर 2022

मंगल श्री विष्णु मंत्र :-
मङ्गलम् भगवान विष्णुः, मङ्गलम् गरुणध्वजः।
मङ्गलम् पुण्डरी काक्षः, मङ्गलाय तनो हरिः॥
☄️ दिन (वार) – गुरुवार के दिन तेल का मर्दन करने से धनहानि होती है । (मुहूर्तगणपति)गुरुवार के दिन धोबी को वस्त्र धुलने या प्रेस करने नहीं देना चाहिए । गुरुवार को ना तो सर धोना चाहिए, ना शरीर में साबुन लगा कर नहाना चाहिए और ना ही कपडे धोने चाहिए ऐसा करने से घर से लक्ष्मी रुष्ट होकर चली जाती है ।
गुरुवार को पीतल के बर्तन में चने की दाल, हल्दी, गुड़ डालकर केले के पेड़ पर चढ़ाकर दीपक अथवा धूप जलाएं । इससे बृहस्पति देव प्रसन्न होते है, दाम्पत्य जीवन सुखमय होता है ।
गुरुवार को चने की दाल भिगोकर उसके एक हिस्से को आटे की लोई में हल्दी के साथ रखकर गाय को खिलाएं, दूसरे हिस्से में शहद डालकर उसका सेवन करें।
🔮 शुभ विक्रम संवत्-2079, शक संवत्-1944, हिजरी सन्-1443, ईस्वी सन्-2022
🌐 संवत्सर नाम-राक्षस
✡️ शक संवत 1944 (शुभकृत् संवत्सर)
☸️ काली सम्वत 5123
☣️ सायन – दक्षिणायन
🌦️ ऋतु – सौर शरद ऋतु
🌤️ मास – कार्तिक माह
🌘 पक्ष – कृष्ण पक्ष
📆 तिथिः- दशमी तिथि समाप्ति 16:06:00 तक तदोपरान्त एकादशी तिथि
✏️ तिथि स्वामीः- दशमी तिथि की स्वामी यमराज जी हैं तथा एकादशी तिथि के स्वामी विश्वदेव जी हैं।
💫 नक्षत्रः- अश्लेषा नक्षत्र समस्त।
🪐 नक्षत्र स्वामीः- अश्लेषा नक्षत्र के स्वामी बुध देव हैं ।
🔊 योगः- शुभ 17:51:00 तक तदोपरान्त ब्रह्मा
प्रथम करण : विष्टि – 04:04 पी एम तक
द्वितीय करण : बव – 04:48 ए एम, अक्टूबर 21 तक बालव
🔥 गुलिक कालः- शुभ गुलिक काल 09:15:00 से 10:40:00 बजे तक
⚜️ दिशाशूलः- गुरूवार को दक्षिण दिशा में यात्रा नहीं करनी चाहिए। यदि ज्यादा आवश्यक हो तो घर से सरसों के दाने या जीरा खाकर निकलें।
🤖 राहुकालः- आज का राहुकाल 01:31:00 से 02:56:00 बजे तक राहू काल में शुभ कार्य करना वर्जित माना गया हैं।
🌞 सूर्योदय – प्रातः 05:53:49
🌅 सूर्यास्त – सायं 17:19:27
👸🏻 ब्रह्म मुहूर्त : 04:44 ए एम से 05:34 ए एम
🌇 प्रातः सन्ध्या : 05:09 ए एम से 06:25 ए एम
🌟 अभिजित मुहूर्त : 11:43 ए एम से 12:28 पी एम
✡️ विजय मुहूर्त : 01:59 पी एम से 02:45 पी एम
🐃 गोधूलि मुहूर्त : 05:35 पी एम से 05:59 पी एम
🏙️ सायाह्न सन्ध्या : 05:47 पी एम से 07:02 पी एम
💧 अमृत काल : 08:45 ए एम से 10:30 ए एम
🗣️ निशिता मुहूर्त : 11:41 पी एम से 12:31 ए एम, अक्टूबर 21
🕉️ शुभ योग- शाम 5 बजकर 53 मिनट तक
☄️ आश्लेषा नक्षत्र- सुबह 10 बजकर 30 मिनट तक
🚓 यात्रा शकुन-बेसन से बनी मिठाई खाकर यात्रा पर निकलें।
👉🏼 आज का मंत्र-ॐ ग्रां ग्रीं ग्रौं स: गुरुवै नम:।
🤷🏻‍♀️ आज का उपाय-विष्णु मंदिर में केसर चढाएं।
🪵 वनस्पति तंत्र उपाय-पीपल के वृक्ष में जल चढ़ाएं।
⚛️ पर्व एवं त्यौहार – विश्व ऑस्टियोपोरोसिस दिवस, राष्ट्रीय एकजुटता दिवस, बुधास्त, मूल संज्ञक नक्षत्र
✍🏽 विशेष – दशमी तिथि को कलम्बी एवं परवल का सेवन वर्जित है। दशमी तिथि धर्मिणी और धनदायक तिथि मानी जाती है। यह दशमी तिथि पूर्णा नाम से विख्यात मानी जाती है। यह दशमी तिथि कृष्ण पक्ष में मध्यम फलदायिनी मानी जाती है। दशमी को धन देनेवाली अर्थात धनदायक तिथि माना जाता है। इस दिन आप धन प्राप्ति हेतु उद्योग करते हैं तो सफलता कि उम्मीदें बढ़ जाती हैं। यह दशमी तिथि धर्म प्रदान करने वाली तिथि भी माना जाता है। अर्थात इस दिन धर्म से संबन्धित कोई बड़े अनुष्ठान वगैरह करने-करवाने से सिद्धि अवश्य मिलती है। इस दशमी तिथि में वाहन खरीदना उत्तम माना जाता है। इस दशमी तिथि को सरकारी कार्यालयों से सम्बन्धित कार्यों को आरम्भ करने के लिये भी अत्यंत शुभ माना जाता है।
🗼 Vastu tips 🗽
लॉकडाउन के बाद जिन लोगों ने घर को ही ऑफिस बना दिया है, उन्हें भी बारीकी से कुछ बातों का ख्याल रखना चाहिए. सुनिश्चित करें कि आपका वर्कप्लेस ठीक बेडरूम के बगल में ना हों. काम के लिए सिर्फ रेक्टेंगल या स्क्वेयर डेस्क का ही इस्तेमाल करें. गोल मेज या सर्कुलर डेस्क पर काम करने से बचें।
पावरफुल क्रिस्टल का इस्तेमाल करने से एनर्जी लेवल बढ़ता है और कार्य कुशलता में वृद्धि होती है. ऑफिस डेस्क पर क्वार्ट्ज क्रिस्टल रखने से अच्छे अवसर मिलने की संभावनाएं बढ़ती हैं. इसके अलावा, डेस्क पर बांस का पौधा रखना भी करियर के लिए बहुत शुभ माना जाता है
वास्तु के अनुसार, सोते समय सिर पूर्व दिशा में रखना भी करियर ग्रोथ के लिए अच्छा है. इससे ना सिर्फ एकाग्रता बढ़ती है, बल्कि मानसिक ऊर्जा का भी विकास होता है. लोगों को हमेशा उत्तर दिशा में बैठकर काम करना चाहिए. काम करते वक्त आपके पीछे एक मजबूत दीवार होनी चाहिए. ध्यान रहे कि पीठ के पीछे वाली दीवार पर खिड़की ना हो.
⏹️ जीवनोपयोगी कुंजियां ⚜️
खूब पिएं पानी पानी के बिना हमारा जीवन असंभव है। शरीर के लिए पानी का इनटेक बहुत जरूरी है। पानी की कमी से शरीर में डिहाइड्रेशन की समस्या हो सकती है। इसके अलावा सिरदर्द, चक्कर आना किडनी की बीमारी जैसी कई अन्य परेशानियां भी हो सकती हैं। प्रत्येक व्यक्ति को दिनभर में 4 से 5 लीटर पानी जरूर पीना चाहिए। पानी पीने से शरीर हाइड्रेट होता है। या यूं कह सकता है कि, शरीर का सबसे अच्छा दोस्त जल ही होता है।
आराम-आराम से चबाकर खाएं वैसे तो सभी को भोजन धीरे-धीरे चबाकर खाने की सलाह दी जाती है। हाँ ये बात अलग है कि, कुछ ही लोग इस बात को फॉलो करते हैं। डेली रूटीन के खाने के अलावा स्नैक्स और किसी भी पकवान को चबा-चबाकर खाना चाहिए।
ये भी आजमाएं अगर आपको अपने खाने पर कंट्रोल नहीं रहता है तो कुछ टिप्स को फॉलो कर सकते हैं। जैसे- आप जिस प्लेट में खाना खाते हैं, उसका साइज कम कर लें। कोई भी हैवी पकवान खाने के पहले दूध, छाछ, लस्सी इत्यादि का सेवन करें। इसकी वजह से शरीर हाइड्रेट तो रहता ही है। साथ ही भूख भी कम लगती है।
इनका करें सेवन दिवाली के त्योहार पर आपने ज्यादा खा लिया है तो हींग, हरड़, सौंठ और अजवाइन जैसे फायदेमंद मसालों को सादे पानी के साथ पीएं। ऐसा करने से आपको पेट संबंधी परेशानियां न के बराबर होंगी।
🧋 आरोग्य संजीवनी 🍶
सौंफ और अजवाइन की चाय वजन घटाने के लिए अजवाइन की चाय एक बेहतरीन उपायों में शामिल हैं। यह हर्ट संबंधी रोगों को भी दूर करता है। सौंफ की चाय पीने से शरीर को बहुत फायदा होता है और अपच में भी राहत मिलती है।
अदरक खाएं पानी में सूखे अदरक के पाउडर को मिलाकर इस ड्रिंक को पीने से काफी लाभ मिलता है। यह मेटाबॉलिज्म को बढ़ाता है और अतिरिक्त फैट को जड़ से खत्म करने का काम करता है।
त्रिफला का सेवन मार्केट में त्रिफला आसानी से मिल जाता है, जो वजन कम करने में काफी असरदार माना जाता है। वेट लॉस करने के साथ-साथ इसके कई अन्य फायदे भी हैं। त्रिफला को पानी के साथ लिया जा सकता है। अच्छा नतीजा पाने के लिए सेंधा नमक और चीनी को इसमें मिक्स करके इसका सेवन पानी के साथ सुबह शाम कर सकते हैं। त्रिफला का सेवन खाली पेट करना फायदेमंद माना जाता है।
📖 गुरु भक्ति योग 🕯️
सुविधाओं के युग में व्यक्ति का स्वभाव बदलता जा रहा है। कोई गर्म मिजाज का है तो कोई नरम। हमारा स्वभाव एक दिन में नहीं बन जाता। पैदा होने के बाद हर एक दिन हम कुछ न कुछ सीखते हैं और सबसे ज्यादा प्रभावशाली लाइफ स्टेज बचपन ही है, जो हमारा भविष्य तय करता है। बात ना मानना, गुस्सा दिखाना और जिद करना तो बच्चों का आम स्वभाव है। लेकिन इनका एक सीमा से ज्यादा प्रभावी होना आपके बच्चों का भविष्य खतरे में डाल सकता है। कोई भी फरमाइश पूरी ना होने पर भी गुस्सा हो जाते हैं लेकिन यह आदत कुछ बच्चों में हद पार कर रही है। जिसकी वजह से कुछ बच्चे खुद को नुकसान पहुंचाने पढ़ाई बीच में छोड़ने या घर से भाग जाने जैसी हरकत भी कर जाते हैं। जिसके कारण पेरेंट्स भी मजबूर हो जाते हैं और उन्हें यह समझ नहीं आता कि ऐसे में क्या किया जाए।
👉🏼 ध्यान रखने योग्य बातें-
बच्चों के सामने पेरेंट्स आपस में लड़ाई करने से बचें बच्चा वही सीखता है जो वह देखता है और जैसे माहौल में वह बड़ा होगा उसका स्वभाव भी वैसा ही होगा। कई पेरेंट्स आपस में तो लड़ते रहते हैं और बच्चे को शांत स्वभाव होने की उम्मीद करते हैं। जो कि एक हद तक नामुमकिन है।
बच्चों की बातों को ध्यान से सुने बच्चों को छोटा समझ कर उनकी बातों को अनदेखा करना पेरेंट्स की बहुत बड़ी गलती है। इससे बच्चा अकेला महसूस करता है और चिड़चिड़ा भी हो जाता है। कई बार बच्चे पेरेंट्स का ध्यान अपनी ओर खींचने के लिए भी जिद और गुस्सा करते हैं।
बच्चों की गलतियों पर उन्हें मारे नहीं बल्कि समझाएं बच्चों की गलतियों पर उन्हें मारने के बजाय प्यार से समझाने में विश्वास रखना चाहिए। बच्चों के साथ-साथ खुद बच्चा होना पड़ता है, तभी वह आप से कनेक्टेड महसूस करेंगे।
बच्चों के साथ बहस करने से बचें बच्चों के साथ बहस करने से बचें। नहीं तो वह हर बात पर आपसे बहस करने के आदी हो जाएंगे और आपकी बातों से असहमति उनके लिए आम बात हो जाएगी।
अच्छे कामों पर करें बच्चों की तारीफ तारीफ हर किसी को पसंद होती है। जब भी बच्चा कुछ अच्छा काम करें तो उसकी तारीफ करें और हो सके तो कुछ इनाम दे, जिससे बच्चे का मनोबल मजबूत होगा और आपके प्रति जिम्मेदार और सम्मान का भाव रहेगा।
बढ़ती उम्र के साथ एक दोस्त जैसे करें व्यवहार टीनएजर्स में गुस्सा और जिद्दी पन आमतौर पर देखा जाता है। इस उम्र में बच्चा मानसिक तौर पर कई नई चुनौतियों का सामना करता है और इस स्टेज पर उससे एक दोस्त के जैसे ट्रीट करें। जिससे वह आपसे अपनी बातें शेयर कर सके और गलत संगत में ना पड़े।
. ☞✺═══✺🪔🌹🪔✺═══✺☜
⚜️ दशमी तिथि के देवता यमराज जी बताये जाते हैं। यमराज दक्षिण दिशा के स्वामी माने जाते हैं। इस दशमी तिथि में यमराज के पूजन करने से जीव अपने समस्त पापों से छुट जाता है। पूजन के उपरान्त क्षमा याचना (प्रार्थना) से जीव नरक कि यातना एवं जीवन के सभी संकटों से मुक्त हो जाता है। इस दशमी तिथि को यम के निमित्ति घर के बाहर दीपदान करना चाहिये, इससे अकाल मृत्यु के योग भी टल जाते हैं।
दशमी तिथि को जिस व्यक्ति का जन्म होता है, वो लोग देशभक्ति तथा परोपकार के मामले में बड़े तत्पर एवं श्रेष्ठ होते हैं। देश एवं दूसरों के हितों के लिए ये सर्वस्व न्यौछावर करने को भी तत्पर रहते हैं। इस तिथि में जन्म लेनेवाले जातक धर्म-अधर्म के बीच के अन्तर को अच्छी तरह समझते हैं और हमेशा धर्म पर चलने वाले होते हैं।

Related Articles

Back to top button