ज्योतिष

आज का पंचाग बुधवार 26 अक्टूबर 2022

आचार्य श्री गोपी राम (ज्योतिषाचार्य) जिला हिसार हरियाणा मो. 9812224501
जय श्री हरि
🧾 आज का पंचांग 🧾
बुधवार 26 अक्टूबर 2022

ॐ एकदन्ताय विद्महे वक्रतुंडाय धीमहि तन्नो बुदि्ध प्रचोदयात ।।
🐚 26 अक्टूबर 2022 दिन शुक्रवार को कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष कि प्रतिपदा अर्थात अन्नकूट एवं गोवर्द्धन पूजा का पावन त्यौहार है। आज स्त्रियों द्वारा प्रातः नीराजन (आरती) सायं मंगल मालिका करने का प्रचलन कहीं-कहीं है। सायंकाल में द्यूतक्रीड़ा का भी प्रचालन है। आज से नेपाली एवं गुजरती नववर्ष आरम्भ होता है। आज कालिदास जी की जन्म जयन्ती है। आप सभी सनातनियों को अन्नकूट, गोवर्द्धन पूजा एवं नेपाली तथा गुजरती नववर्ष की हार्दिक शुभकामनायें एवं अनन्त-अनन्त बधाइयाँ। मातारानी एवं भगवान नारायण से हमारी हार्दिक प्रार्थना यही है, कि आप सभी गुजरातियों एवं नेपाली सनातनियों के नववर्ष में उनके सभी समस्याओं का समाधान कर उन्हें सुखद एवं आनंददायी जीवन प्रदान करें।।
☄️ दिन (वार) – बुधवार के दिन तेल का मर्दन करने से अर्थात तेल लगाने से माता लक्ष्मी प्रसन्न होती है धन लाभ मिलता है।बुधवार का दिन विघ्नहर्ता गणेश का दिन हैं। बुधवार के दिन गणेश जी के परिवार के सदस्यों का नाम लेने से जीवन में शुभता आती है
बुधवार के दिन गणेश जी को रोली का तिलक लगाकर, दूर्वा अर्पित करके लड्डुओं का भोग लगाकर उनकी की पूजा अर्चना करने से सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं।
बुधवार को सभी ग्रहो के राजकुमार बुध देव की आराधना करने से ज्ञान मिलता है, वाकपटुता में प्रवीणता आती है, धन लाभ होता है
🔮 शुभ विक्रम संवत्-2079, शक संवत्-1944, हिजरी सन्-1443, ईस्वी सन्-2022
🌐 संवत्सर नाम-राक्षस
✡️ शक संवत 1944 (शुभकृत् संवत्सर)
☸️ काली सम्वत 5123
☣️ अयन- दक्षिणायन
🌦️ ऋतु – सौर हेमंत ऋतु
🌤️ मास – कार्तिक मास
🌒 पक्ष – शुक्ल पक्ष
📆 तिथि : प्रतिपदा – 02:42 पी एम तक द्वितीया
✏️ तिथि के स्वामी – प्रतिपदा तिथि के स्वामी अग्नि देव जी और द्वितीया तिथि के स्वामी भगवान ब्रह्मा जी है ।
💫 नक्षत्र – स्वाति 13.24 PM तक तत्पश्चात विशाखा
🪐 नक्षत्र के देवता, ग्रह स्वामी- स्वाति नक्षत्र के देवता वायु और सरस्वती जी और स्वामी राहु जी है।
🔊 योग – प्रीति 10.AM तक तत्पश्चात आयुष्मान
प्रथम करण : बव – 02:42 पी एम तक
द्वितीय करण : बालव – 01:45 ए एम, अक्टूबर 27 तक कौलव
🔥 गुलिक काल : – बुधवार को शुभ गुलिक 10:30 से 12 बजे तक ।
⚜️ दिशाशूल – बुधवार को उत्तर दिशा में दिशा शूल होता है इस दिन कार्यों में सफलता के लिए घर से सुखा / हरा धनिया या तिल खाकर जाएँ ।
🤖 राहुकाल: – बुधवार को राहुकाल दिन 12:00 से 1:30 तक राहू काल में शुभ कार्य करना वर्जित माना गया हैं।
🌞 सूर्योदय – प्रातः 05:57:02
🌅 सूर्यास्त – सायं 17:14:33
👸🏻 ब्रह्म मुहूर्त : 04:46 ए एम से 05:38 ए एम
🌇 प्रातः सन्ध्या : 05:12 ए एम से 06:29 ए एम
🌟 अभिजित मुहूर्त : कोई नहीं
✡️ विजय मुहूर्त : 01:57 पी एम से 02:42 पी एम
🐃 गोधूलि मुहूर्त : 05:30 पी एम से 05:54 पी एम
🏙️ सायाह्न सन्ध्या : 05:41 पी एम से 06:58 पी एम
💧 अमृत काल : 03:50 ए एम, अक्टूबर 27 से 05:21 ए एम, अक्टूबर 27
🗣️ निशिता मुहूर्त : 11:40 पी एम से 12:31 ए एम, अक्टूबर 27
💥 प्रीति योग – सुबह 10 बजकर 9 मिनट तक
☀️ आयुष्मान योग- सुबह 7 बजकर 27 मिनट तक
☄️ स्वाती नक्षत्र -दोपहर 1 बजकर 24 मिनट तक
🚓 यात्रा शकुन-हरे फल खाकर अथवा दूध पीकर यात्रा पर निकलें।
👉🏼 आज का मंत्र-ॐ ब्रां ब्रीं ब्रौं स: बुधाय नम:।
🤷🏻‍♀️ आज का उपाय-किसी बटुक को हरे वस्त्र भेंट करें।
🪵 वनस्पति तंत्र उपाय- अपामार्ग के वृक्ष में जल चढ़ाएं।
⚛️ पर्व एवं त्यौहार – अन्नकूट, गोवर्धन पूजा, गोक्रीडा, ईस्टी, बलि प्रतिपदा, गुजराती नया साल, भैया दूज, यम द्वितीया, दत्तात्रेय रामचन्द्र बेंद्रे साहित्यकार शहीद दिवस, भारतीय ग्रामीण उद्योग संघ की स्थापना, कालिदास जी जयन्ती
✍🏽 विशेष – प्रतिपदा तिथि को कद्दू एवं कूष्माण्ड का दान एवं भक्षण दोनों ही त्याज्य बताया गया है। प्रतिपदा तिथि वृद्धि देनेवाली तिथि मानी जाती है। साथ ही प्रतिपदा तिथि सिद्धिप्रद तिथि भी मानी जाती है। इस प्रतिपदा तिथि के स्वामी अग्नि देवता हैं। यह प्रतिपदा तिथि नन्दा नाम से विख्यात मानी जाती है।
🗼 Vastu tips 🗽
वास्तु शास्त्र के अनुसार कुछ चीज़ें ऐसी होती हैं जिन्हें रसोई से दूर रखना ही घर और घर में रहने वाले लोगों के लिए बेहतर होता है। यूं तो हमें पूरे घर को ही साफ रखना चाहिए। लेकिन कई बार पूरा घर साफ कर पाना मुमकिन नहीं हो पाता है। लेकिन एक बात का खास ध्यान रहे। भले ही पूरा घर साफ न हो लेकिन साफ-सफाई वाली चीज़ें रसोई घर के आस-पास नहीं रखनी चाहिए।
वास्तु शास्त्र के अनुसार इस बात का पूरा ख्याल रखना चाहिए कि किचन में झाड़ू और पोंछे नहीं रखे जाने चाहिए। यदि आप ऐसा करते हैं तो घर में अन्न की कमी हो सकती है। क्योंकि झाड़ू और पोंछे का संबंध गंदगी से होता है और रसोई में इन चीज़ों का रखना मतलब वहां गंदगी को रखना होता है। किचन में खाना बनता और खाया जाता है।
रसोई में झाड़ू और पोंछा रखने से घर में रहने वाले सदस्यों के स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ता है। इसलिए घर में अन्न की आपूर्ति को बनाए रखने के लिए इन दोनों वस्तुओं को किचन से दूर ही रखना चाहिए । ऐसा करने से आपका किचन तो स्वच्छ रहेगा ही साथ ही घर में खुशहाली भी बनी रहेगी ।
♻️ जीवनोपयोगी कुंजियां ⚜️
कच्ची प्याज खाने के नुकसान प्याज के दीवानों को इस बात को सुनकर धक्का लग सकता है कि इसे खाने से गंभीर बीमारी भी हो सकती है। जी हैं कच्ची प्याज के कई फायदे तो हैं लेकिन साथ ही कई नुकसान भी बताए जाते हैं।
पेट संबंधी समस्या कच्चे प्याज का अत्यधिक सेवन करने से उल्टी पेट में जलन, मतली, गैस, एसिडिटी जैसी परेशानियां आपको अपनी चपेट में ले सकती हैं। क्योंकि इसमें नेचुरल फ्रुक्टोज अत्यधिक मात्रा में पाया जाता है, जो इन परेशानियों का कारण बन सकता है।
🍯 आरोग्य संजीवनी 🍶
महाकाली तेल (वातरोग चिकित्सा)
5 से लहसून को पीसकर 30 किलो पानी में धीमी आंच पर गरम करे और लकड़ी के डंडे से चलाते रहे । 5 किलो के लगभग पानी रह जाए , तो ठंडा करके कपडे से निचोड़कर छान लें ।
त्रिकुटा, त्रिफला , दंती, हिंग, सेंधा नमक, कालानमक, चीता, देवदारु , बच, कूट, लाल सहजने की छाल , पुनर्नवा, वायविडंग , आजवाईन, गज पीपर- पीपर , अदरक, सोंठ – इन सब को अलग-अलग कूट कर कपडे से छान लें । प्रत्येक चूर्ण – 25 ग्राम निशोध – 12 ग्राम ।
🥛 इन सबको ऊपर के काढ़े के पानी से जरा सा पानी लेकर पीस लें ।
एरंड का डेढ़ किलो तेल + A + B – इन सब को मिला कर मंदी आंच पर गर्म करें । तेल बचने पर छान लें । बोतलों में बंद कर लें ।
👉🏼 मात्र – 6 ग्राम प्रातः काल बासी मुह पियें । तुरंत पानी न पियें ।
🤷🏻‍♀️ कोर्स – 30 से 45 दिन ।
👉🏼 लाभ – इससे सभी 80 प्रकार के वायु रोग नष्ट हो जाते हैं । पेट के रोग, मूत्र की रुकावट, ऊपर की तरफ्गास का चलना, हाइड्रोशील, गुदामार्ग के कीड़े, पसली – कोख का दर्द, पेट में आम शूल, भोजन में अरुचि, ,लीवर स्पिलिन आदि रोग नष्ट हो जाते हैं ।
📖 गुरु भक्ति योग 🕯️
आचार्य श्री गोपी राम ने व्यपार और नौकरी में सफलता पाने के कई गुर बताए हैं। व्यापर हो या नौकरी उतार-चढ़ाव का दौर लगा ही रहता है लेकिन कामयाब वही होते है जो गिरकर दोबारा खड़े हो जाएं। आगे बढ़ने के लिए सतत प्रयास करने वाले कभी पीछे नहीं रहते हैं। जो व्यक्ति मुश्किल समय में समझदारी से काम लें एक दिन दुनिया उसकी वाहवाही करते नहीं थकते।
असफलता से घबराएं नहीं जीवन में कई ऐसे पड़ाव आएंगे जहां आपको हार का मुंह देखना पड़ सकता है। इसलिए ऐसे समय में घबराएं नहीं। सफल वही होता है जो डटकर मुकाबला करता है। सफलता की पहली सीढ़ी है आत्मविश्वास! कई ज़ख्म सहने के बाद भी जो खुद पर विश्वास रखता है उसे सफल होने से कोई नहीं रोक सकता।
अवसर को छोड़े नहीं आज के दौर में कॉम्पटीशन बहुत बढ़ गया है, इसलिए जब भी अपनी प्रतिभा दिखाने का मौका मिले उसे गवाएं नहीं। आज के समय में व्‍यक्ति को सैदव मौका मिलने पर आगे बढ़ने की कोशिश करना चाहिए। पूरी मेहनत और ईमानदारी से अपने काम को करें। ऐसे समय में आलस कभी नहीं करना चाहिए। कल का काम अगर आज ही कर लिया तो सफलता जरूर मिलेगी।
कई बार हम व्यक्ति अपने कंपनी में अपने बॉस से सवाल पूछने में संकोत करता है। संकोच करने वाला व्यक्ति कभी आगे नहीं बढ़ता है। ऐसे में अपने संकोची स्वाभाव से बहार आएं।
◄┉┉┉┉┉┉༺✦ᱪ✦༻┉┉┉┉┉┉►
⚜️ आज गोवर्धन पूजा का पर्व है। कार्तिक माह में शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि अर्थात दीपावली के अगले दिन गोवर्धन पूजा, अन्नकूट का पर्व मनाया जाता है।
इस वर्ष 2022 में दीपावली का पर्व 24 अक्टूबर को है। इसके अनुसार 25 अक्टूबर को गोवर्धन पूजा को होनी चाहिए, लेकिन चूँकि इस बार दिवाली के अगले दिन सूर्य ग्रहण लग रहा है।
इसलिए इस साल दिवाली के अगले दिन अर्थात 25 अक्टूबर को गोवर्धन पूजा का पर्व नहीं मनाया जायेगा। गोवर्धन पूजा का पर्व सूर्य ग्रहण के कारण आज 26 अक्टूबर को मनाया जायेगा।
शास्त्रों के अनुसार एक बार भगवान श्री कृष्ण ने ब्रजवासियों को देवराज इंद्र के क्रोध के कारण हो रही मूसलधार वर्षा से बचाने के लिए गोवर्धन पर्वत को 7 दिन तक अपनी सबसे छोटी उंगली पर उठाया था।
बाद में इंद्र देव को अपनी गलती का भान हुआ और उन्होंने श्री कृष्ण जी से क्षमा मांगते हुए वर्षा को बंद कर दिया ।
भगवान श्रीकृष्ण ने 7 वें दिन गोवर्धन पर्वत को नीचे पृथ्वी पर रखा तभी से यह पर्व गोवर्धन पूजा या ‘अन्नकूट’ के नाम से मनाया जाने लगा।

Related Articles

Back to top button