आज का पंचाग मंगलवार 04 अक्टूबर 2022
आचार्य श्री गोपी राम (ज्योतिषाचार्य) जिला हिसार हरियाणा मो. 9812224501
….. ✦••• जय श्री हरि •••✦ …
🧾 आज का पंचाग 🧾
मंगलवार 04 अक्टूबर 2022
हनुमान जी का मंत्र : हं हनुमते रुद्रात्मकाय हुं फट् ।
👣 04 अक्टूबर 2022 दिन मंगलवार को शारदीय नवरात्रि का नवम दिवस है। आप सभी सनातनी बंधुओं को बता दूँ, कि शारदीय नवरात्रा के नवम दिन माता सिद्धिदात्री को प्रशन्न करने के लिए आज नवचंडी का हवन एवं पुजन करना चाहिये। आज नवमी तिथि के अंत से पहले हवन एवं बलि (महाबलिदान) करना चाहिये। आज माता चंडी की नवम स्वरूपा माँ सिद्धिदात्री के उपासना की बहुत-बहुत हार्दिक शुभकामनायें एवं अनन्त-अनन्त बधाइयाँ। साथ ही आज सायंकाल में व्याप्त दशमी में विजयादशमी व्रत। दुर्गाविसर्जन। अगले दिन अपरान्ह्काल में दशमी के आभाव होने वजह से दुर्गाविसर्जन आज ही किया जाना चाहिये। प्रस्थान से पूर्व देवी अपराजिता का पूजन अवश्य करना चाहिये। आज ही नीलकंठ दर्शन, अपराजिता पूजन, सिद्धिदात्री माता पूजन एवं दर्शन, उत्तराषाढ़ा में माँ सरस्वती का बलिदान करना चाहिये। मातारानी से हमारी हार्दिक प्रार्थना यही है, कि आप सभी सनातनियों के सभी समस्याओं का समाधान कर उन्हें सुखद एवं आनंददायी जीवन प्रदान करें।।
🌌 दिन (वार) – मंगलवार के दिन क्षौरकर्म अर्थात दाढ़ी काटने या कटाने से उम्र कम होती है। अत: इस दिन बाल और दाढ़ी नहीं कटवाना चाहिए । मंगलवार को बजरंगबली की पूजा का विशेष महत्व है।
मंगलवार को यथासंभव मंदिर में हनुमान जी के दर्शन करके उन्हें लाल गुलाब, इत्र अर्पित करके बूंदी / लाल पेड़े या गुड़ चने का प्रशाद चढ़ाएं । हनुमान जी की पूजा से भूत-प्रेत, नज़र की बाधा से बचाव होता है, शत्रु परास्त होते है।
मंगलवार के व्रत से सुयोग्य संतान की प्राप्ति होती है, बल, साहस और सम्मान में भी वृद्धि होती है।
🔮 शुभ विक्रम संवत्-2079, शक संवत्-1944, हिजरी सन्-1443, ईस्वी सन्-2022
🌐 संवत्सर नाम-राक्षस
✡️ शक संवत 1944 (शुभकृत् संवत्सर)
☸️ काली सम्वत 5123
☣️ सायन दक्षिणायन
🌦️ ऋतु – सौर शरद ऋतु
🌤️ मास – आश्र्विन माह
🌗 पक्ष – शुक्ल पक्ष
📆 तिथिः- नवमी तिथि 14:31:00 तक समाप्ति तदोपरान्त दशमी तिथि
🖍️ तिथि स्वामीः- नवमी तिथि की स्वामिनी माँ दुर्गा जी हैं। तथा दशमी तिथि के स्वामी यमराज जी है।
💫 नक्षत्रः- उत्तरा आषाढ़ा नक्षत्र 22:51:00 तक समाप्ति तदोपरान्त श्रवण नक्षत्र
🪐 नक्षत्र स्वामीः- उत्तरा आषाढ़ा नक्षत्र के स्वामी सूर्य देव हैं तथा श्रवण नक्षत्र के स्वामी चन्द्र देव है।
🔊 योगः- अतिगंड 11:22:00 तक तथा धृति
⚡ प्रथम करण : कौलव – 02:20 पी एम तक
✨ द्वितीय करण : तैतिल – 01:10 ए एम, अक्टूबर 05 तक गर
🔥 गुलिक कालः- शुभ गुलिक काल 12:09:00 से 01:38:00 तक
⚜️ दिशाशूलः- आज के दिन उत्तर दिशा की यात्रा नहीं करना चाहिए यदि यात्रा करना ज्यादा आवश्यक हो तो घर से गुड़ खाकर जायें।
🤖 राहुकालः- आज का राहु काल 03:06:00 से 04:35:00 तक राहू काल में शुभ कार्य करना वर्जित माना गया हैं।
🌞 सूर्योदयः- प्रातः 06:08:00
🌅 सूर्यास्तः- सायं 05:52:00
👸🏻 ब्रह्म मुहूर्त : 04:38 ए एम से 05:27 ए एम
🌆 प्रातः सन्ध्या : 05:02 ए एम से 06:15 ए एम
🌟 अभिजित मुहूर्त : 11:46 ए एम से 12:33 पी एम
✡️ विजय मुहूर्त : 02:08 पी एम से 02:55 पी एम
🐃 गोधूलि मुहूर्त : 05:52 पी एम से 06:16 पी एम
🏙️ सायाह्न सन्ध्या : 06:04 पी एम से 07:17 पी एम
💧 अमृत काल : 04:52 पी एम से 06:22 पी एम
🗣️ निशिता मुहूर्त : 11:45 पी एम से 12:34 ए एम, अक्टूबर 05
❄️ रवि योग : पूरे दिन
💥 सुकर्मा योग- दोपहर 11 बजकर 24 मिनट से पूरे दिन
☄️ उत्तराषाढ़ा नक्षत्र- रात 10 बजकर 51 मिनट तक
🏎️ यात्रा शकुन- दलिया का सेवन कर यात्रा पर निकलें।
👉🏼 आज का मंत्र-ॐ अं अंगारकाय नम:।
🤷🏻♀️ आज का उपाय-देवी मंदिर में रक्त चंदन भेंट करें।
🌴 वनस्पति तंत्र उपाय- खैर के वृक्ष में जल चढ़ाएं।
⚛️ पर्व एवं त्यौहार – नवम नवरात्र माँ सिद्धिदात्री व्रत पूजा, रंग बैंगनी, श्री दुर्गानवमी का व्रत नवमी के लिए हवनादि आज ही करें, महानवमी पूजा, व्रत एवं बलिदान हेतु, नवरात्र समाप्त, रथ नवमी, शस्त्रादि पूजा, शमी पूजा, नवाश्च पूजा, अपराजिता पूजा, नीलकंठ दर्शन, श्री श्यामजी कृष्ण वर्मा जयन्ती, श्री नीलमणि राउत्रे स्मृति दिवस, श्री भागवत झा आजाद स्मृति दिवस, विश्व पशु कल्याण दिवस, भारतीय हैलिकॉप्टर निगम स्थापना दिवस, राष्ट्रीय अखण्डता दिवस
✍🏽 विशेष – नवमी तिथि को काशीफल (कोहड़ा एवं कद्दू) एवं दशमी को परवल खाना अथवा दान देना भी वर्जित अथवा त्याज्य होता है। नवमी तिथि एक उग्र एवं कष्टकारी तिथि मानी जाती है। इस नवमी तिथि की अधिष्ठात्री देवी माता दुर्गा जी हैं। यह नवमी तिथि रिक्ता नाम से विख्यात मानी जाती है। यह नवमी तिथि कृष्ण पक्ष में मध्यम फलदायिनी मानी जाती है। नवमी तिथि के दिन लौकी खाना निषेध बताया गया है। क्योंकि नवमी तिथि को लौकी का सेवन गौ-मांस के समान बताया गया है।
🗽 Vastu tips 🗺️
इस दिशा में पैर करके सोने से होगी धन हानि
महिलाएं घर की लक्ष्मी मानी जाती है और ऐसे में महिलाओं को सोने की अन्य दिशाओं का ज्ञान भी होना आवश्यक है। वास्तु शास्त्र के अनुसार उत्तर दिशा धन के स्वामी कुबेर की मानी जाती है। यदि महिलाएं इस दिशा में पैर करके सोएंगी तो आर्थिक जीवन भी प्रभावित होने की संभावना है। इतना ही आपके आय-व्यय का संतुलन भी बिगड़ सकता है।
इस दिशा में पैर करके सोने से होगी धन हानि
महिलाएं इस दिशा में गलती से भी ना करें पैर विवाहित महिलाओं को सोते समय यह भी ध्यान देना चाहिए कि वह उत्तर और पश्चिम दिशा के बीच में पैर करके न सोएं। उत्तर और पश्चिम दिशा के बीच के स्थान को वायव्य कोण कहते हैं। मान्यता है कि इस दिशा में सोने से महिलाएं अपने रिश्ते से अलग होने का विचार कर सकती हैं।
🔰 जीवनोपयोगी कुंजियां ⚜️
गर्भ में बच्चे के मूवमेंट का कारण प्रेगनेंसी में क्विकनिंग या बच्चे की मूवमेंट का कारण अलग-अलग हो सकता है। कहा जाता है कि गर्भ में बच्चे जोड़ों को स्ट्रेच करने, हिचकी लेने, पलक झपकाने, डकार लेने और किक मारने के लिए मूवमेंट करते हैं।
क्या प्रेगनेंसी में रात के समय ज्यादा होती है क्विकनिंग
कई प्रेगनेंट महिलाओं का कहना है कि बच्चे गर्भ में रात के समय ज्यादा मूवमेंट करते हैं। हालांकि यह चिंता की बात नहीं है। कुछ बच्चे रात के समय ज्यादा किक मारते हैं तो कुछ दिन में। शिशु की हलचल या मूवमेंट कभी भी हानिकारक या चिंता का विषय नहीं होती। रात या दिन दोनों की मूवमेंट बिल्कुल नॉर्मल है।
मूवमेंट पर रखें ध्यान सातवें माह की प्रेगनेंसी में डॉक्टर्स भी गर्भ में पल रहे शिशु की मूवमेंट पर ध्यान रखने की सलाह देते हैं। वैसे तो गर्भ में बच्चे ज्यादा समय तक सोए रहते हैं लेकिन फिर भी हर आधे घंटे में उनकी मूवमेंट होनी जरूरी होती है जोकि मां को महसूस होती है। जैसे-जैसे डिलीवरी की समय नजदीक आती है बच्चे की मूवमेंट भी बदलाव होता है।
🧉 आरोग्य संजीवनी 🍶
पेट साफ ना होने के लक्षण सबसे पहले जानते हैं पेट साफ नहीं होने के लक्षण के बारे में। यदि आप भी इन लक्षणों का अनुभव करते हैं तो आर्टिकल में बताए गए घरेलू उपायों को जरूर अपनाएं। पेट साफ न होने का सबसे बड़ा लक्षण है पेट में गैस और पेट में दर्द होना। इसके अलावा भूख न लगना, सांसों में बदबू, जी मिचलाना, पेट फूलना, अपच, पेट में मरोड़, मल का सख्त होना या मल में खून आना, मल त्याग में जोर लगाना आदि जैसे लक्षणों के अनुभव भी पेट साफ न होने की समस्या को दर्शाते हैं।
खूब पानी पिएं शरीर के लिए पानी अमृत के समान है। यदि आप पर्याप्त मात्रा में पानी पीते हैं तो आपको कई शारीरिक समस्याओं से छुटकारा मिलता है। इसलिए डॉक्टर भी रोजाना 8-10 गिलास पानी पीने की सलाह देते हैं। क्योंकि पानी बॉडी को डिटॉक्स करने में मदद करते हैं। वहीं जिन्हें पेट साफ न होने की समस्या होती है उन्हें रोजाना सुबह एक गिलास गुनगुना पानी पीना चाहिए। गुनगुना पानी पीने के बाद ही टॉयलेट जाना चाहिए। इससे आसानी से मल त्याग होता है।
🪔 गुरु भक्ति योग 🕯️
आचार्य श्री गोपी राम नीति में जीवन से जुड़ी कई महत्वपूर्ण बातों के बारे में बताया गया है। हर इंसान के जीवन में कुछ दोस्त और कई दुश्मन होते हैं। इसलिए उन्होंने अपने दुश्मनों को पराजित करने के लिए आपको अपने अंदर सिर्फ एक गुण लाना होगा। हम कहते हैं यदि आप इसे अपनी आदतों में डाल लेते हैं तो शत्रु आपका कभी कुछ नहीं बिगाड़ पाएगा।
सदा खुश रहें आचार्य श्री गोपी राम कहते हैं सभी के जीवन में दुश्मन होते हैं। आपके दुश्मन हमेशा आपको नुकसान पहुंचाने के लिए मौके की तलाश में रहता है। इसलिए आप अपने दुश्मन के सामने यदि हमेशा खुश रहेंगे तो उसकी हर एक चाल फेल हो जाएगी।
जो व्यक्ति अपने दुश्मन के सामने खुश रहता है, उसके दुश्मन हमेशा सोच में पड़े रहते हैं कि ये इतना खुश कैसे है। खुशमिजाज व्यक्ति का दुश्मन भी कभी कुछ नहीं बिगाड़ सकता है।
जब आपके जीवन में कुछ भी सही नहीं चल रहा हो तो आपको सोच विचार करके फैसले लेने होते हैं और उन्हें खुश के साथ निपटना चाहिए। ऐसा करने से आपका दुश्मन हमेशा चिंतित रहेगा कि आप इतनी परेशानियों के बाद भी खुश कैसे हैं।
हमे जीवन में कई लड़ाइयां बल से जीती जाती हैं तो कई लड़ाइयां दिमाग से। शत्रु चाहे कितना ही बलवान क्यो न हो, यदि आप खुश होकर हर परिस्थिती का सामना करते हैं, तो आपके दुश्मन का हौसला कमजोर पड़ जाता है।
शत्रु पर विजय पाने के लिए व्यक्ति को हमेशा शांत रहना चाहिए। विपरीत परिस्थितियों में संयम से काम लेना चाहिए। जिससे आपका शत्रु भ्रमित होगा और उसकी आपके खिलाफ बनाई रणनीति विफल हो जाएगी।
●●●●●★᭄ॐ नमः श्री हरि नम: ★᭄●●●●●
⚜️ नवमी तिथि में माँ दुर्गा कि पूजा गुडहल अथवा लाल गुलाब के फुल करें। साथ ही माता को पूजन के क्रम में लाल चुनरी चढ़ायें। पूजन के उपरान्त दुर्गा सप्तशती के किसी भी एक सिद्ध मन्त्र का जप करें। इस जप से आपके परिवार के ऊपर आई हुई हर प्रकार कि उपरी बाधा कि निवृत्ति हो जाती है। साथ ही आज के इस उपाय से आपको यश एवं प्रतिष्ठा कि भी प्राप्ति सहजता से हो जाती है।
आज नवमी तिथि को इस उपाय को पूरी श्रद्धा एवं निष्ठा से करने पर सभी मनोरथों कि पूर्ति हो जाती है। नवमी तिथि में वाद-विवाद करना, जुआ खेलना, शस्त्र निर्माण एवं मद्यपान आदि क्रूर कर्म किये जाते हैं। जिन्हें लक्ष्मी प्राप्त करने की लालसा हो उन्हें रात में दही और सत्तू नहीं खाना चाहिए, यह नरक की प्राप्ति कराता है।
नवमी तिथि को जन्म लेने वाला व्यक्ति भाग्यशाली एवं धर्मात्मा होता है। इस तिथि का जातक धर्मशास्त्रों का अध्ययन कर शास्त्रों में विद्वता हासिल करता है। ये ईश्वर में पूर्ण भक्ति एवं श्रद्धा रखते हैं। धनी स्त्रियों से इनकी संगत रहती है तथा इसके पुत्र गुणवान होते हैं।


