आज का पंचाग सोमवार 05 सितम्बर 2022
आचार्य श्री गोपी राम (ज्योतिषाचार्य) जिला हिसार हरियाणा मो. 9812224501
✦••• जय श्री हरि •••✦
🧾 आज का पंचाग 🧾
सोमवार 05 सितम्बर 2022
महा मृत्युंजय मंत्र – ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्। उर्वारुकमिव बन्धनान्मृत्योर्मुक्षीय माऽमृतात्।।
☄️ दिन (वार) – सोमवार के दिन क्षौरकर्म अर्थात बाल, दाढ़ी काटने या कटाने से पुत्र का अनिष्ट होता है शिवभक्ति को भी हानि पहुँचती है अत: सोमवार को ना तो बाल और ना ही दाढ़ी कटवाएं ।
सोमवार के दिन भगवान शंकर की आराधना, अभिषेक करने से चन्द्रमा मजबूत होता है, काल सर्प दोष दूर होता है।
सोमवार का व्रत रखने से मनचाहा जीवन साथी मिलता है, वैवाहिक जीवन में लम्बा और सुखमय होता है।
जीवन में शुभ फलो की प्राप्ति के लिए हर सोमवार को शिवलिंग पर पंचामृत या मीठा कच्चा दूध एवं काले तिल चढ़ाएं, इससे भगवान महादेव की कृपा बनी रहती है परिवार से रोग दूर रहते है ।
🔮 शुभ विक्रम संवत्-2079, शक संवत्-1944, हिजरी सन्-1443, ईस्वी सन्-2022
🌐 संवत्सर नाम-राक्षस
✡️ शक संवत 1944 (शुभकृत् संवत्सर)
☸️ काली सम्वत 5123
☣️ सायन – दक्षिणायन
🌦️ ऋतु – सौर शरद ऋतु
🌤️ मास – भाद्रपद मास
🌗 पक्ष – शुक्ल पक्ष
📆 तिथिः- नवमी तिथि 08:20:00 तक तदोपरान्त दशमी तिथि
✏️ तिथि स्वामीः- नवमी तिथि की स्वामिनी दुर्गा जी हैं तथा दशमी तिथि के स्वामी यमराज जी हैं।
💫 नक्षत्रः- मूल 08:05:00 तक तदोपरान्त
🪐 नक्षत्र स्वामीः- मूल नक्षत्र के स्वामी केतु देव हैं तथा पूर्वा अषाढ़ नक्षत्र के स्वामी शुक्र देव हैं।
🔊 योगः- प्रीति 11:27:00 तक तदोपरान्त आयुष्मान
⚡ प्रथम करण : कौलव – 08:27 ए एम तक
✨ द्वितीय करण : तैतिल – 07:13 पी एम तक गर – 05:54 ए एम, सितम्बर 06 तक वणिज
🔥 गुलिक कालः-शुभ गुलिक काल 01:54:00P.M से03:29:00 P.M बजे तक
⚜️ दिशाशूलः- आज के दिन पूर्व दिशा की यात्रा नहीं करना चाहिए यदि यात्रा करना ज्यादा आवश्यक हो तो घर से अदरक खाकर जाएं।
🤖 राहुकालः- राहु काल 07:35:00 A.M से 09:10:00 A.M तक राहू काल में शुभ कार्य करना वर्जित माना जाता है।
🌞 सूर्योदय – प्रातः 05:35:41
🌅 सूर्यास्त – सायं 18:05:26
👸🏻 ब्रह्म मुहूर्त : 04:30 ए एम से 05:16 ए एम
🌆 प्रातः सन्ध्या : 04:53 ए एम से 06:01 ए एम
🌟अभिजित मुहूर्त : 11:54 ए एम से 12:45 पी एम
✡️ विजय मुहूर्त : 02:26 पी एम से 03:16 पी एम
🐃 गोधूलि मुहूर्त : 06:26 पी एम से 06:50 पी एम
🌃 सायाह्न सन्ध्या : 06:38 पी एम से 07:47 पी एम
💧 अमृत काल : 02:07 पी एम से 03:37 पी एम
🗣️ निशिता मुहूर्त : 11:57 पी एम से 12:43 ए एम, सितम्बर 06
❄️वि योग : पूरे दिन
☄️ प्रीति योग – आज दोपहर पहले 11 बजकर 28 मिनट तक
💥 मूल नक्षत्र – आज रात 8 बजकर 6 मिनट तक
🚓 यात्रा शकुन- मीठा दूध पीकर यात्रा करें।
👉🏼 आज का मंत्र-ॐ सौं सोमाय नम:।
🤷🏻♀️ आज का उपाय-किसी विप्र को भागवत भेंट करें।
🪵 वनस्पति तंत्र उपाय- पलाश के वृक्ष में जल चढ़ाएं।
⚛️ पर्व एवं त्यौहार – अदुःख नवमी, तल नवमी उड़ीसा, गौरी लक्ष्मी गणपति पूजन, काशी के लक्ष्मी कुण्ड में स्नान , दशावतार व्रत, अच्युत दशमी , तेजाजी दशमी, सुगन्ध दशमी व्रत जैन, मूल नक्षत्र में ज्येष्ठा गौरी का विसर्जन,भागवत सप्ताह प्रारम्भ, बाबा श्रीचन्द्र नवमी जयन्ती पं., उदासीन सम्प्रदाय महोत्सव, श्री रामदे रामदेवरा जी का मेला आरती दर्शन, नवलदुर्ग, मेला श्री वीर तेजाजी, दशावतार धूप – सुगन्ध दशमी जयन्ती, राष्ट्रीय शिक्षक दिवस, श्री लक्ष्मीनारायण रामदास जन्म दिवस, मेजर श्री धनसिंह थापा स्मृति दिवस, अंतर्राष्ट्रीय चैरिटी दिवस, मूल समाप्त, श्रीमद्भागवत जयंती
✍🏽 विशेष – नवमी तिथि को काशीफल (कोहड़ा एवं कद्दू) एवं दशमी को परवल खाना अथवा दान
देना भी वर्जित अथवा त्याज्य होता है। नवमी तिथि एक उग्र एवं कष्टकारी तिथि मानी जाती है। इस नवमी तिथि की अधिष्ठात्री देवी माता दुर्गा जी हैं। यह नवमी तिथि रिक्ता नाम से विख्यात मानी जाती है। यह नवमी तिथि कृष्ण पक्ष में मध्यम फलदायिनी मानी जाती है। नवमी तिथि के दिन लौकी खाना निषेध बताया गया है। क्योंकि नवमी तिथि को लौकी का सेवन गौ-मांस के समान बताया गया है।
🗼 Vastu tips 🗽
नयी समस्याओं का जन्म कहा जाता है कि पीपल के पेड़ का घर में होना वास्तु शास्त्र के अनुसार उचित नहीं माना जाता है। इसलिए पीपल के पेड़ को घर में नहीं उगने देना चाहिए और उग आये तो उसे उखाड़ देना चाहिए। पीपल का पेड़ घर के में होने से परिवार के लोग तरक्की नहीं कर पाते और इसके होने से रोज नयी समस्याओं का जन्म होता है।
इस दिन काटे पीपल का पेड़
पीपल के पेड़ को काटना नहीं चाहिए ऐसा करना अशुभ माना जाता है, अगर किसी विशेष परिस्थिति में कटना पड़े तो उसकी पूजा करके रविवार को ही काटना चाहिए और किसी दिन नहीं काटना चाहिए।
पौराणिक मान्यताओं के मुताबिक, पीपल में सभी देवताओं का वास होता है। ऐसे में उसे ब्रह्म कहकर संबोधित किया जाता है। पीपल के मूल में श्री विष्णु, तने में शिव और अग्रभाग में ब्रह्मा जी का निवास माना गया है। सनातन धर्म में पीपल को देवों का देव कहा गया है।
✳️ जीवनोपयोगी कुंजियां ⚜️
बोरिक एसिड का करें इस्तेमाल घर की सफाई के लिए बोरिक एसिड को बेस्ट घरेलू उपाय माना जाता है। इसके इस्तेमाल से मौसमी कीड़े भी बहुत जल्दी भाग जाते हैं। बोरिक एसिड का घर के कोनों और जहां दीमक लगा है वहां छिड़काव करने से उनसे निजात मिलेगी। अगर आप घर में बोरिक एसिड का स्प्रे करना चाहते हैं तो एक कप पानी में केवल एक टी स्पून बोरिक एसिड मिलाएं और जहां दीमक हों वहां छिड़क दें। बोरिक एसिड छिड़कते वक्त सावधानी बरतें। इसलिए जब भी बोरिक एसिड का स्प्रे करें, काला चश्मा, मास्क और ग्लव्स जरूर पहनें।
विनेगर है असरदार सिरका ऐसी चीज है जो हर किसी के किचन में मिलटा है। यह सिरका आपके घर से दीमक को हटाने में बेहद असरदार है। आधा कप सिरका में दो नींबू का रस निचोड़ लें और उन्हें अच्छी तरह मिलाएं। इस घोल को घर में उन जगहों पर स्प्रे करें जहां दीमक है। कुछ समय बाद आप पाएंगे कि दीमक ने अपनी जगह को छोड़ दिया है।
🍵 आरोग्य संजीवनी 🍶
जिंदगी है खेल..कोई पास कोई फेल
गाने के ये दो बोल..कितना कुछ बयां कर देते हैं। कोरोना के बाद युवाओं में के मामले तेजी से बढ़े हैं। ऐसा ही मामला हाल ही में देखने को भी मिला है। इस तरह की सिर्फ हार्ट अटैक..हार्ट फेल्योर होने से ही नहीं हो रही हैं। लिवर फेल होने से भी मौत के मामलों में तेजी आयी है। आपको बताएं–इस वक्त देश में करीब 32 परसेंट लिवर के मरीज हैं। और जिस रफ्तार से ये बीमारी बढ़ रही है। उसे देखकर..हेल्थ एक्सपर्ट मान रहे हैं कि अगले 10 साल में ये मौत की सबसे बड़ी वजह होगी।
अब सवाल ये है कि इस मुसीबत से बचना कैसे है…सबसे पहले तो..परेशानी कहां से शुरु हो रही है। ये जानने की जरूरत है… तो लिवर की परेशानी..लिवर पर फैट जमने से शुरु होती है। जो बेहद मामूली बात है..जिसे खानपान में बदलाव कर..वजन घटाकर..एक्सरसाइज और शुगर बैलेंस कर पूरी तरह से ठीक किया जा सकता है।
📖 गुरु भक्ति योग 🕯️
देवता, दानव और मनुष्य ने ब्रह्मा जी से मांगा उपदेश:जब किसी को सलाह देनी हो तो उस व्यक्ति की अच्छी-बुरी बातें देखकर ही दें
सही सलाह किसी का भी जीवन बदल सकती है। इसलिए किसी को सलाह देनी हो तो बहुत सोच-समझकर देनी चाहिए। सलाह देते समय सामने वाले व्यक्ति की अच्छी-बुरी हर एक बात पर गौर करना चाहिए, तभी उसके लिए जो सही हो, वह सलाह दें।
ये बात ब्रह्मा जी से जुड़ी एक चर्चित कथा से समझ सकते हैं। एक दिन देवता, दानव और मनुष्य ब्रह्मा जी के पास पहुंचे और तीनों ने एक साथ कहा कि उन्हें कोई एक ऐसा उपदेश दें, जिससे हमारा कल्याण हो जाए।
ब्रह्मा जी देवता, दानव और मनुष्य तीनों को बहुत अच्छी तरह जानते थे। इन तीनों की अच्छी-बुरी बातें समझकर उन्होंने तीनों को एक शब्द द दिया था। शब्द एक था, लेकिन तीनों के लिए इस शब्द का मतलब अलग-अलग था।
सबसे पहले ब्रह्मा जी ने देवताओं से कहा, ‘सभी देवता भोग-विलास में डूबे रहते हैं। इसलिए आप लोगों के लिए मेरी सलाह है दमन करें। आपको अपनी इंद्रियों पर और अपनी इच्छाओं का दमन करना चाहिए यानी इन पर नियंत्रण रखना चाहिए।’
दूसरे नंबर पर ब्रह्मा जी मनुष्यों के पास पहुंचे। भगवान ने इंसानों से कहा, ‘आप लोग दान करने में कभी भी पीछे न हटें। आपके लिए सबसे बड़े सौभाग्य की बात ये है कि आप सेवा कर सकते हैं। दान और सेवा ही इंसानों का धर्म है।
अंत में ब्रह्मा जी दानवों के पास गए। ब्रह्मा जी बोले, ‘दानव सबसे ज्यादा हिंसा करते हैं। लड़ाई-झगड़ा करते रहना ही इनका स्वभाव है। इसलिए आप लोगों के लिए दया करना सबसे ज्यादा जरूरी है। आप लोग दूसरों पर दया करें। कभी भी किसी प्राणी को मारे नहीं।
ब्रह्मा जी के इस किस्से से हमें सीख मिल रही है कि हमें जब भी किसी व्यक्ति को सलाह देनी हो तो हमें उसके बारे अच्छी-बुरी सारी बातें मालूम कर लेनी चाहिए। जब हम किसी व्यक्ति को अच्छी तरह समझकर सलाह देते हैं तो वह सलाह उसका जीवन बदलने की क्षमता रखती है।
⚜️ नवमी तिथि में माँ दुर्गा कि पूजा गुडहल अथवा लाल गुलाब के फुल करें। साथ ही माता को पूजन के क्रम में लाल चुनरी चढ़ायें। पूजन के उपरान्त दुर्गा सप्तशती के किसी भी एक सिद्ध मन्त्र का जप करें। इस जप से आपके परिवार के ऊपर आई हुई हर प्रकार कि उपरी बाधा कि निवृत्ति हो जाती है। साथ ही आज के इस उपाय से आपको यश एवं प्रतिष्ठा कि भी प्राप्ति सहजता से हो जाती है।
आज नवमी तिथि को इस उपाय को पूरी श्रद्धा एवं निष्ठा से करने पर सभी मनोरथों कि पूर्ति हो जाती है। नवमी तिथि में वाद-विवाद करना, जुआ खेलना, शस्त्र निर्माण एवं मद्यपान आदि क्रूर कर्म किये जाते हैं। जिन्हें लक्ष्मी प्राप्त करने की लालसा हो उन्हें रात में दही और सत्तू नहीं खाना चाहिए, यह नरक की प्राप्ति कराता है।
नवमी तिथि को जन्म लेने वाला व्यक्ति भाग्यशाली एवं धर्मात्मा होता है। इस तिथि का जातक धर्मशास्त्रों का अध्ययन कर शास्त्रों में विद्वता हासिल करता है। ये ईश्वर में पूर्ण भक्ति एवं श्रद्धा रखते हैं। धनी स्त्रियों से इनकी संगत रहती है तथा इसके पुत्र गुणवान होते हैं।


