आज का पंचाग सोमवार 12 सितम्बर 2022
आचार्य श्री गोपी राम (ज्योतिषाचार्य) जिला हिसार हरियाणा मो. 9812224501
✦••• जय श्री हरि •••✦
🧾 आज का पंचाग 🧾
सोमवार 12 सितम्बर 2022
महा मृत्युंजय मंत्र – ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्। उर्वारुकमिव बन्धनान्मृत्योर्मुक्षीय माऽमृतात्।।
👣 12 सितम्बर 2022 दिन सोमवार को अश्विन मास के द्वितीया तिथि होता है। आज द्वितीया एवं तृतीया का श्राद्ध किया जायेगा। आज द्वितीया एवं तृतीया का तर्पण तथा आज से अगले 13 दिन पर्यन्त प्रतिदिन पितरों का तर्पण एवं श्राद्ध करने से वर्षभर सुख बना रहता है। सायंकाल में ललिता देवी यात्रा है। आप सभी सनातनियों को श्राद्धपक्ष के द्वितीया एवं तृतीया के श्राद्ध की हार्दिक शुभकामनायें।।
☄️ दिन (वार) – सोमवार के दिन क्षौरकर्म अर्थात बाल, दाढ़ी काटने या कटाने से पुत्र का अनिष्ट होता है शिवभक्ति को भी हानि पहुँचती है अत: सोमवार को ना तो बाल और ना ही दाढ़ी कटवाएं ।
सोमवार के दिन भगवान शंकर की आराधना, अभिषेक करने से चन्द्रमा मजबूत होता है, काल सर्प दोष दूर होता है।
सोमवार का व्रत रखने से मनचाहा जीवन साथी मिलता है, वैवाहिक जीवन में लम्बा और सुखमय होता है।
जीवन में शुभ फलो की प्राप्ति के लिए हर सोमवार को शिवलिंग पर पंचामृत या मीठा कच्चा दूध एवं काले तिल चढ़ाएं, इससे भगवान महादेव की कृपा बनी रहती है परिवार से रोग दूर रहते है ।
🔮 शुभ विक्रम संवत्-2079, शक संवत्-1944, हिजरी सन्-1443, ईस्वी सन्-2022
🌐 संवत्सर नाम-राक्षस
✡️ शक संवत 1944 (शुभकृत् संवत्सर)
☸️ काली सम्वत 5123
☣️ सायन – दक्षिणायन
🌦️ ऋतु – सौर शरद ऋतु
🌤️ मास – आश्विन माह
🌔 पक्ष – कृष्ण पक्ष
📆 तिथिः- द्वितीया तिथि 11:36:00 तक तदोपरान्त तृतीया तिथि
✏️ तिथि स्वामीः- द्वितीया तिथि के स्वामी ब्रह्म देव हैं तथा तृतीया तिथि के स्वामी पार्वती शिव जी हैं।
💫 नक्षत्रः- उत्तरा भाद्रपद नक्षत्र 06:59:00 तक तदोपरान्त रेवती नक्षत्र
🪐 नक्षत्र स्वामीः- उत्तरा भाद्रपद नक्षत्र के स्वामी गुरु देव हैं। तदोपरान्त रेवती नक्ष्रत्र के स्वामी बुध देव है।
📣 योगः- गंड 20:23:12 तक तदोपरान्त वृद्धि
⚡ प्रथम करण : गर – 11:35 ए एम तक
✨ द्वितीय करण: वणिज – 11:00 पी एम तक विष्टि
🔥 गुलिक कालः- शुभ गुलिक काल 01:50:00P.M से 03:23:00P.M बजे तक
⚜️ दिशाशूलः- आज के दिन पूर्व दिशा की यात्रा नहीं करना चाहिए यदि यात्रा करना ज्यादा आवश्यक हो तो घर से दर्पण देखकर या दूध पीकर जायें।
🤖 राहुकालः- आज का राहुकाल 07:30:00A.M से 09:10:00A.M बजे तक राहुकाल में शुभ कार्य करना वर्जित माना गया हैं।
🌞 सूर्योदयः- प्रातः 05:51:00
🌅 सूर्यास्तः- सायं 06:09:59
👸🏻 ब्रह्म मुहूर्त : 04:32 ए एम से 05:18 ए एम
🌆 प्रातः सन्ध्या : 04:55 ए एम से 06:04 ए एम
🌟 अभिजित मुहूर्त : 11:52 ए एम से 12:42 पी एम
✡️ विजय मुहूर्त : 02:21 पी एम से 03:11 पी एम
🐃 गोधूलि मुहूर्त : 06:18 पी एम से 06:42 पी एम
🏙️ सायाह्न सन्ध्या : 06:30 पी एम से 07:39 पी एम
💧 अमृत काल : 04:14 ए एम, सितम्बर 13 से 05:49 ए एम, सितम्बर 13
🗣️ निशिता मुहूर्त : 11:54 पी एम से 12:41 ए एम, सितम्बर 13
🔔 वृद्धि योग – आज सुबह 9 बजकर 32 मिनट से अगले दिन सुबह 7 बजकर 37 मिनट तक
☄️ रेवती नक्षत्र – आज सुबह 6 बजकर 59 मिनट से अगले दिन सुबह 6 बजकर 36 मिनट तक
🌏 प्रथ्वी लोक की भद्रा – आज रात 11 बजकर 6 मिनट से
🚓 यात्रा शकुन- मीठा दूध पीकर यात्रा करें।
👉🏼 आज का मंत्र-ॐ सौं सोमाय नम:।
🤷🏻♀️ आज का उपाय-किसी विप्र को चांदी भेंट करें।
🪵 वनस्पति तंत्र उपाय- पलाश के वृक्ष में जल चढ़ाएं।
⚛️ पर्व एवं त्यौहार – द्वितीया का श्राद्ध, तृतीया का श्राद्ध, अशून्य शयन द्वितीया व्रत, श्री शांता कुमार जन्म दिवस, श्री हितेंद्र कन्हैयालाल देसाई पुण्य दिवस, विनायक लक्ष्मण भावे स्मृति दिवस, दक्षिण-दक्षिण सहयोग का अंतर्राष्ट्रीय दिवस
✍🏽 विशेष – द्वितीया तिथि को कटेरी फल का तथा तृतीया तिथि को नमक का दान और भक्षण दोनों त्याज्य बताया गया है। द्वितीया तिथि सुमंगला और कार्य सिद्धिकारी तिथि मानी जाती है। इस द्वितीया तिथि के स्वामी भगवान ब्रह्माजी हैं। यह द्वितीया तिथि भद्रा नाम से विख्यात मानी जाती है। यह द्वितीया तिथि शुक्ल पक्ष में अशुभ तथा कृष्ण पक्ष में शुभ फलदायिनी होती है।
🗼 Vastu tips 🗽
वास्तु शास्त्र के मुताबिक बेडरूम में पति-पत्नी को सुंदर फूलों वाले गमले रखने चाहिए. इसे प्यार का प्रतीक माना जाता है और इससे दांपत्य जीवन में प्यार ही प्यार बरसता है. इसके अलावा किसी सुंदर से बाउल में आप क्रिस्टल और थोड़ा सा चावल डालकर रखने पर भी पति-पत्नी के बीच प्यार बढ़ता है. अगर पति-पत्नी के बीच दूरियां पैदा हो रही हों तो बेडरूम में लाल रंग की दो मोमबत्तियां जलाएं. इससे दोनों के बीच का रिश्ता मजबूत होता है. इसके अलावा बेडरूम में एक कांच का पॉट रखें और उसमें छोटे-छोटे पत्थर डालें. माना जाता है कि इससे कमरे में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है और पति-पत्नी में प्रेम बढ़ता है.
वास्तु शास्त्र के मुताबिक बेडरूम में पानी वाली तस्वीरें नहीं लगानी चाहिए क्योंकि इससे पति-पत्नी के बीच स्थिरता नहीं आती है. इसकी जगह जोड़े में पक्षी की फोटो लगाएं, इससे पति-पत्नी के बीच कभी भी प्यार कम नहीं होता
🔰 जीवनोपयोगी कुंजियां ⚜️
सुंदरकांड का पाठ मंगलवार के दिन हनुमान चालीसा का पाठ करें या फिर सुंदरकांड का पाठ जरूर करना चाहिए! इससे काफी हद तक राहत मिलती है! हनुमान जी हर दोष का निवारण करते हैं ऐसे में घर से नेगेटिव एनर्जी बजरंगबली का नाम लेने से दूर हो जाती है!
अगर रोजाना संभव न हो सके तो कम से कम हफ्ते में एक बार घर में नमक के पानी से पोछा जरूर लगाना चाहिए! नमक का पोछा लगाने से काफी हद तक स्थिति को काबू में किया जा सकता है! इससे घर की खुशहाली पर कभी किसी की बुरी नजर नहीं लगती!
घर में न हो गंदगी चाहे कुछ भी हो लेकिन घर में कभी भी गंदगी का अंबार न लगने दें! घर को साफ और स्वच्छ रखना जरूरी है ताकि सकारात्मक उर्जा घर में प्रवेश कर सके!
🍶 आरोग्य संजीवनी 🍯
10 मिग्रा आंवले के जूस को 2 ग्राम हल्दी के पावडर में मिला लीजिए। इस घोल को दिन में दो बार लीजिए। इससे खून में शुगर नियंत्रण में रहती है।
लगभग एक महीने के लिए अपने रोज़ के आहार में एक ग्राम दालचीनी का इस्तेमाल करें, इससे ब्लड शुगर लेवल को कम करने के साथ वजन को भी नियंत्रण करने में मदद मिलेगी। यह मधुमेह, शुगर, डायबिटीज ) का अचूक उपचार है
मधुमेह, शुगर, डायबिटीज ) को अपने से दूर रखने के सदैव एक उपाय करें। शोधो से यह पता चला है कि जिस घर में गेंहू के आटे में जौ और चने का आटा मिलाकर उसकी रोटी बनती है उस घर के सभी लोग निरोगी होते है, वहां पर मधुमेह, शुगर डायबिटीज ) रोग का प्रवेश नहीं हो पाता है।
5 किलो आटे में एक एक किलो जौ और चने का आटा मिलाना चाहिए ।
मधुमेह, शुगर, डायबिटीज ) से दूर रहने का एक और अजमाया हुआ आसा उपाय है। जहाँ पर लोग सुबह खाली पेट हल्का गर्म पानी 3-4 गिलास पीते है, और हर बार खाने के थोड़ी देर बाद एक कप गर्म पानी चाय की तरह पीते है उस घर के लोगो को भी मधुमेह, शुगर, डायबिटीज ) का डर नहीं रहता है । यह मधुमेह का अचूक उपचार है।
👉🏼 मधुमेह, शुगर, डायबिटीज ) और दिल के मरीजो के रोगियों के लिए बहुत लाभकारी प्रयोग :-
अच्छी क्वालिटी के दो मुट्ठी साफ गेंहू को 10 मिनट तक पानी में उबालने के बाद उन्हें ठंडा होने पर किसी कपडे में रख कर उसको लगातार पानी में भिगो कर रखे ताकि वो अंकुरित हो सके। उबालने के बाद 10-15 प्रतिशत गेंहू में ही अंकुरित होने का सामर्थ्य बचा होगा ।
जब 4-5 दिन के बाद गेंहू में लगभग एक इंच तक लंबे अंकुर निकल आये तो उन्हें सिर्फ दो से तीन तक खाली पेट खाएं इससे मधुमेह, शुगर डायबिटीज ) से हमेशा के लिए छुटकारा मिल जायेगा । इस प्रयोग को ब्रिटेन के वैज्ञानिकों ने बहुत से लोगो पर जांचा और ये अद्भुत उपाय जांच में बिलकुल सही साबित हुआ।
📖 गुरु भक्ति योग 🕯️
ऐसे काम करने वाले को मिलता है नरक
धार्मिक पुराणों के मुताबिक जब मनुष्य की मृत्यु होती है तो उसके बाद वह एक नई यात्रा प्रारंभ करता है। मनुष्य मरता है या आत्मा शरीर त्याग कर यात्रा प्रारंभ करती है तो इस दौरान उसे तीन प्रकार के मार्ग मिलते हैं। मृत व्यक्ति किस मार्ग पर जाएगा इसका फैसला और कोई नहीं बल्कि उसके कर्म करते हैं। पहले मार्ग अर्चि मार्ग, धूम मार्ग और तीसरा उत्पत्ति विनाश मार्ग। देवलोक और ब्रह्मलोक की यात्रा के लिए अर्चि मार्ग होता है। धूम मार्ग पितृलोक की यात्रा के लिए और उत्पत्ति मार्ग विनाश मार्ग नरक की यात्रा पर ले जाता है। आज हम आपको बताने जा रहे हैं कौन लोग जाते हैं विनाश मार्ग यानी नरक में।
नरक जाता है ऐसा व्यक्ति
गरुड़ पुराण में बताया गया है कि जो व्यक्ति कुएं, तालाब, या किसी और पानी के स्रोत को नुकसान पहुंचाता है या उसे दूषित करता है तो उसे नरक में जाना पड़ता है। ऐसी जगहों का हमेशा आदर करना चाहिए जहां से हमें जल मिलता है। गरुड़ पुराण के अनुसार, जो व्यक्ति जीवन में भगवान का नाम नहीं लेता। न ही भगवान शिव और विष्णु का चिंतन करता है। ऐसे लोगों को नरक ही प्राप्त होता है।
लालच व्यक्ति को मिलता है नरक
जिस व्यक्ति के मन में लालच हो और वह दूसरे की संपत्ति या धन पर हड़पने के लालच से नजर रखें, इसके अलावा जो व्यक्ति दूसरों की गुणों में दोष निकाले और हमेशा दूसरे व्यक्ति से ईर्ष्या करने वाले व्यक्ति को नरक में जाना पड़ता है। इसके अलावा जो व्यक्ति ब्राह्मण, साधुओं, धार्मिक ग्रंथों की निंदा या आलोचना करता है ऐसा व्यक्ति को भी नरक में ही स्थान दिया जाता है।
वृद्धि की सेवा न करने पर मिलता है नरक
जो लोग किसी अनाथ व्यक्ति बच्चे का आदर नहीं करता और जो लोग किसी रोगी और वृद्धि की सेवा नहीं करता उन पर दया नहीं करता ऐसे मनुष्य नरक में जाने का पात्र होता है। गरुड़ पुराण में बताया गया है कि जो व्यक्ति अपने बच्चों, पत्नी, नौकरों और मेहमानों को बिना खिलाए ही खाता है और पितरों और देवताओं की पूजा को छोड़ देता है। ऐसे व्यक्ति को नरक में जाना पड़ता है।
आत्महत्या का प्रयास करने वाले को मिलता है नरक
अगर कोई व्यक्ति भूखा प्यासा दिनभर का थका हुआ आपके घर पहुंचा है और वहां से उसे अपमानित होकर लौटना पड़े तो अपमान करने वाले व्यक्ति को इसके आत्महत्या, स्त्री हत्या, गर्भ हत्या या फिर किसी के खिलाफ झूठी गवाही देता है उसे नरक में स्थान मिलता है। इसके अलावा जो लोग कन्या बेचने और झूठ बोलने वाले व्यक्ति को भी नरक में ही भेजा जाता है।
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⚜️ प्रजापति व्रत दूज को ही किया जाता है तथा किसी भी नये कार्य की शुरुआत से पहले एवं ज्ञान प्राप्ति हेतु ब्रह्माजी का पूजन अवश्य करना चाहिये। वैसे तो मुहूर्त चिंतामणि आदि ग्रन्थों के अनुसार द्वितीया तिथि अत्यन्त शुभफलदायिनी तिथि मानी जाती है। परन्तु श्रावण और भाद्रपद मास में इस तिथि का प्रभाव शून्य हो जाता है। इसलिये श्रावण और भाद्रपद मास कि द्वितीया तिथि को कोई भी शुभ कार्य नहीं करना चाहिये।
शास्त्र कहता है, द्वितीया तिथि में जिस व्यक्ति का जन्म होता है, उस व्यक्ति का हृदय साफ नहीं होता है। इस तिथि के जातक का मन किसी की खुशी को देखकर आमतौर पर खुश नहीं होता, बल्कि उनके प्रति ग़लत विचार रखता है। इनके मन में कपट और छल का घर होता है, ये अपने स्वार्थ को सिद्ध करने के लिए किसी को भी धोखा दे सकते हैं। इनकी बातें बनावटी और सत्य से बहुत दूर होती हैं। इनके हृदय में दया की भावना बहुत ही कम होती है तथा यह किसी की भलाई तभी करते हैं जबकि उससे अपना भी लाभ हो। ये परायी स्त्री से अत्यधिक लगाव रखने वाले होते हैं जिसके वजह से कई बार इन्हें अपमानित भी होना पड़ता है।


