श्मशान घाट में अव्यवस्था, परिजन खुले आसमान मे अंतिम संस्कार करने को मजबूर

नगर परिषद साईखेड़ा की कार्यप्रणाली की फिर खुली पोल
रिपोर्टर : कमलेश अवधिया
साईंखेड़ा। नगर परिषद साईंखेड़ा के वार्ड क्रमांक 1 से 6 के वार्ड वासियों को वार्ड नंबर 6 में स्थित मुक्तिधाम पर ही अंत्येष्टि क्रिया के लिए लेकर जाया जाता है परंतु वार्ड नंबर 6 में स्थित शमशान घाट में बुनियादी सुविधाओं के अभाव ने नगर की व्यवस्था पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। बारिश का मौसम हो या वर्ष का कोई भी महीना यहां खुले आसमान तले अंतिम संस्कार करना पड़ता है।मुक्तिधाम में न तो टीन शेड है और न ही बाउंड्री वॉल मात्र पिलर खड़े हुए हैं, जिसके चलते अंतिम यात्रा में शामिल लोगों को मौसम की मार झेलते हुए ही अंत्येष्टि करने को मजबूर होना पड़ता है ।
विगत दिनों हुए नगर के एक व्यक्ति की अंत्येष्टि में पहुंचे लोगों ने स्थानीय प्रशासन के प्रति नाराज़गी जाहिर की और कहा कि नगर का यह बड़ा ही दुर्भाग्य है कि जहां लोगों की अंतिम यात्रा पूरी होती है, वहां आज भी मूलभूत सुविधाओं का अभाव है।
नगर के समाजसेवी जयवर्धन भदोरिया के अनुसार इस मुक्तिधाम के जीर्णोद्धार के लिए शासन द्वारा 22 लाख रुपए की राशि स्वीकृत की जा चुकी है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्य नहीं हुआ है इसके साथ ही रोड पर कोई भी वाहन नहीं निकल सकता जिससे अंतिम संस्कार की लकडियां ले जा सके लोग हाथ में लेकर पहुंचते हैं यदि स्वीकृत राशि का समय पर उपयोग कर कार्य कराया गया होता, तो ऐसी स्थिति का सामना नहीं करना पड़ता नगर में दो श्मशान घाट है दोनों की दयनीय हालत है कब्रिस्तान के बाजू वाले श्मशान घाट में वार्ड क्रमांक 1 से 6 तक के लोगों का दाह संस्कार होता है इसकी स्थिति बहुत ही दयनीय है। भाजपा मंडल अध्यक्ष दिग्विजय सिंह ने नगर परिषद प्रशासन से मांग की है कि शीघ्र ही मुक्तिधाम का निर्माण एवं सुधार कार्य कराया जाए एवं शासन के पैसों का दुरुपयोग ना न किया जाए, ताकि आगे ऐसी पीड़ादायक स्थिति उत्पन्न न हो।
वार्ड क्रमांक 1 महाराणा प्रताप के पार्षद प्रतिनिधि ने शमशान घाट की अवस्थाओं पर जताया असंतोष नगर परिषद प्रशासन से मांग की जल्द ही शमशान घाट की समस्याओं से निजात दिलाए जिससे आमजन बिना समस्याओं के चलते दाह संस्कार कर सके।
नगर के समाजसेवी जयवर्धन सिंह भदोरिया ने नगर परिषद की कार्य प्रणाली पर जताया असंतोष, प्रशासन से मांग की दोनों शमशान घाट की समस्याओं का सुधार हो।



