मध्य प्रदेश

इस साल पूरा हो जाएगा एलवीटेड कॉरिडोर का निर्माण, पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा

बेगमगंज के सुमेर गांव से लगकर करीब188 करोड़ रू लागत से बन रहा है एलीवेटेड कॉरीडोर,
कॉरीडोर की स्टेंडर्ड पेनीट्रेशन टेस्टिंग हेतु लिया जा चुका है सैम्पल

ब्यूरो चीफ : शब्बीर अहमद
बेगमगंज । तहसील अंतर्गत बीना बहुउद्देशीय सिंचाई परियोजना के तहत मडिया बांध के डूब क्षेत्र में बेगमगंज से सागर की ओर जाने वाला मार्ग का बहुत बड़ा हिस्सा भी डूब में आ रहा है जिसको लेकर कॉरीडोर का निर्माण तेज गति से चल रहा है लेकिन निर्माण में अभी तक किसानों की भूमि अधिग्रहण के बावजूद उन्हें मुआवजा नहीं दिया गया है जो निर्माण कार्य में परेशानी का सवब बना हुआ है। किसानों ने कई सारे इलाके में फसल उगा रखी है जो निर्माण कार्य में बाधा बन रही है। कॉरीडोर निर्माण कार्य उच्च गुणवत्ता के साथ कराया जाए तथा मजबूत हो , आने वाले समय में यह रोड और अधिक महत्वपूर्ण होगा। इस बात को ध्यान में रखते हुए कार्य कराए जाने के निर्देश पूर्व में कलेक्टर अरविंद दुबे द्वारा दिए जा चुके हैं।
आगामी 35-40 सालों के लिए इस प्रोजेक्ट के माध्यम से यह कॉरीडोर बनाया जा रहा है।
आपको बता दें कि बेगमगंज राहतगढ़ मुख्य मार्ग के चैनेज 83+250 से चैनेज 92+355 में मढ़िया डेम (बीना डेम इरिगेशन प्रोजेक्ट) के डूब क्षेत्र में 9.105 किमी लम्बाई में एलीवेटेड कॉरीडोर का निर्माण कराया जा रहा है।
इसका निर्माण माधव इंफ्रा प्रोजेक्ट लिमिटेड- एमएस खुराना इंजीनियरिंग लिमिटेड द्वारा किया जा रहा है ।
जिसकी लागत 1अरब 88 करोड़ 14 लाख रू है। अभी जहां मडिया डैम के डूब क्षेत्र में आने वाले तीस फीसद किसानों को उनकी भूमी का मुआवजा अभी तक नहीं मिल पाया है। वहीं कॉरिडोर जिसे ओवर ब्रिज भी कहा जाता है उसके निर्माण क्षेत्र में आने वाली किसानो की भूमि का मुआवजा अभी तक नहीं दिया गया है। जिसकी वजह से काम पिछड़ रहा है।
कॉरिडोर में बनाए जा रहे। नो पुलों को एक दूसरे से जोड़ने के लिए मार्ग का निर्माण और उसकी ऊंचाई समतल करने का काम भी प्रगति पर है । वर्ष 2024 में इसे पूरा किया जाना है। इस बार बारिश में डेम को पानी से पूरा भरा जाएगा।
तब कॉरिडोर का नजारा देखने लायक होगा। कारीडोर के दिलकश नजारे देखने के लिए पर्यटक दूर-दूर से आएंगे कॉरिडोर के दोनों और पानी ही पानी होगा और आसपास के पहाड़ों की मनमोहक छटाएं लोगों को अपनी आकर्षित करेंगी पर्यटकों के आने से क्षेत्र में रोजगार के साधनों में भी बढ़ोतरी होगी।
कॉरिडोर निर्माण से प्रभावित किसानों ने जमीन का मुआवजा शीघ्र प्रदान किए जाने की मांग प्रदेश के नवांगत मुख्यमंत्री से की है।
इस संबंध में एसडीएम सौरभ मिश्रा का कहना है कि तहसील के डूब क्षेत्र के प्रभावित किसानों को अधिकतर मुआवजा दिया जा चुका है जो शेष रह गए हैं उनका डाला जा रहा है।

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