एकता की अलख जगाने सुबह सवेरे स्कूली बच्चों ने लगाई एकता दौड़
लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती राष्ट्रीय एकता दिवस के रूप में मनाई गई
ब्यूरो चीफ : शब्बीर अहमद
बेगमगंज । राज्य शासन के 31 अक्टूबर को स्व. सरदार वल्लभ भाई पटेल की जन्मतिथि को राष्ट्रीय एकता दिवस के रूप में मनाने के निर्देश पर छात्र छात्राओं पुलिस के जवानों के जरिए एकता, अखंडता और सुरक्षा की भावना को मजबूती प्रदान करने के लिए उत्कृष्ट स्कूल परिसर से कृषि उपज मंडी तक एकता दौड़ लगाई।
एकता दौड़ शुरू होने से पहले स्कूली छात्र छात्राओं को लौह पुरुष और भारत के प्रथम उप प्रधानमंत्री स्वर्गीय सरदार वल्लभ भाई पटेल के बारे में बीईओ नारायणदास साहू ने जानकारी देते हुए बताया कि सरदार वल्लभ भाई पटेल का जन्म गुजरात के खेड़ा जिले में 31 अक्तूबर को हुआ था। वह एक किसान परिवार से ताल्लुक रखते थे। हालांकि एक साधारण किसान परिवार का लड़का अपनी मेहनत और काबिलियत के दम पर भविष्य में खास बन गया।
वल्लभ भाई पटेल ने शराब, छुआछूत और नारियों पर अत्याचार के खिलाफ लड़ाई लड़ी। हिन्दू-मुस्लिम एकता को बनाए रखने की पुरजोर कोशिश की। आजादी की लड़ाई के दौरान वह कई बार जेल भी गए लेकिन पटेल की दृढ़ता के सामने अंग्रेजी हुकूमत को झुकना पड़ा।
आजाद भारत की पहली सरकार में पटेल को देश का पहला उप प्रधानमंत्री बनाया गया। यह पद गृहमंत्री के समान था। उन्हें कई और जिम्मेदारियां सौंपी गईं। सबसे बड़ी चुनौती देसी रियासतों का भारत में विलय था। छोटे बड़े राजाओं, नवाबों को भारत सरकार के अधीन करते हुए रजवाड़े खत्म करना कोई आसान काम नहीं था लेकिन बिना किसी जंग के सरदार पटेल ने 562 रियासतों का भारत संघ में विलय कराया। अखंड भारत बनाने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका का सम्मान करने के लिए, सरकार ने 2014 में वल्लभभाई पटेल की जयंती पर राष्ट्रीय एकता दिवस मनाने का फैसला किया। राष्ट्रवाद की भावना से ओतप्रोत एक संयुक्त देश की स्थापना के लिए सरदार पटेल ने जो काम किया था उसे कभी नहीं भुलाया जा सकता है। आज उनकी याद में ही इस दौड़ का आयोजन किया जा रहा है।
दौड़ में सेंट थॉमस सीनियर सेकेंडरी स्कूल, एमएलबी गर्ल्स स्कूल, उत्कृष्ट स्कूल महर्षि कान्वेंट स्कूल सरस्वती शिशु मंदिर , एचपी हायर सेकेंडरी स्कूल खेल एवं कल्याण विभाग व अन्य स्कूलों के छात्र- छात्राएं, पुलिस, उप जेल के जवानों सहित अन्य विभागों के कर्मचारी बीईओ नारायण दास साहू के मार्गदर्शन में शामिल हुए और देश की एकता के लिए जोरदार ढंग से नारे भी लगाए।
इस मौके पर विभिन्न स्कूलों के शिक्षक स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी पुलिस अधिकारी राजनीतिक पार्टियों के कार्यकर्ता समाजसेवी भी शामिल हुए।




