कृषिपर्यावरणमध्य प्रदेश

ओलावृष्टि से फसल बर्बाद, किसानों का रो-रोकर बुरा हाल, कई ग्रामों में गिरे ओले, खेत में बिछ गई ओलों की सफेद चादर

ब्यूरो चीफ: शब्बीर अहमद
बेगमगंज । क्षेत्र में 2 दिन से शुरू हुई बारिश ने ओलावृष्टि का रूप ले लिया है जिससे किसानों की खुशियां गम में बदल गई हैं कई किसानों की आंखों के सामने बर्बाद होती फसल को देखकर आंसू नहीं थम रहे हैं।
दो दिनों से बिगड़ा मौसम अब रुलाने लगा है। तहसील के सुल्तानगंज, ढिलवार, पड़रिया, पापडा, पड़रिया सीताराम, मवई, सुनेटी, टेकापार खुर्द, गोपई, गुलवाड़ा, चेनपुरा, नई गाड़ियां, पंदरभटा, पिपलिया, देवलापुर, खजुरिया, टेकापार खुर्द, उमरहारी, सिहोरा जागीर, खमरिया कला ग्राम पंचायत शाहपुर सुल्तानपुर, बोरिया, बीलखेड़ा और आसपास के अनेक ग्रामों में तेज बारिश के साथ ओलावृष्टि हुई है जिस से गेंहू और चने की फैसले नष्ट हो गईं और किसानों को भारी नुकसान हुआ है। शुक्रवार की दोपहर करीब 3 बजे गरज चमक के साथ बारिश हुई और ओलावृष्टि शुरु हुई जिससे रबी की फसलें खराब हो गईं, खेतों में जमीन पर ओलों की मोटी चादर बिछ गई। फसल बर्बाद देख किसानों का रो रोकर बुरा हाल हो गया है। बारिश के साथ कहीं चने के आकार के तू कहीं बेर के आकार के और उससे बड़े 50 ग्राम तक के ओले गिरने की जानकारी मिली है। ओलावृष्टि करीब आधा घंटे तक हुई।
किसान अपनी बेहतरीन फसलें देखकर बहुत खुश था और अपने सपने सजे हुए था कि फसल आने के बाद रुके हुए विवाह और अन्य कार्य अच्छी तरीके से कर सकेगा इस बार किसी तरीके से पाला तुषा का भी फसलों पर असर नहीं हुआ था। लेकिन प्रकृति को कुछ और ही मंजूर था अचानक हुई ओलावृष्टि से किसान हतप्रद रह गए हैं उनकी उम्मीदों पर पानी फिर गया है। कई किसान अपनी फसल की कटाई कर रहे थे तो कुछ खेतो मैं कटी हुई फसल थ्रेसिंग के लिए रखी हुई थी। वहीं अधिकतर फसलें कटने के लिए तैयार खड़ी थी ऐसे में ओलावृष्टि ने फसलों को आड़ा कर दिया है। अचानक हुई ओलावृष्टि किसानों पर भारी पड़ गई है।
ओलावृष्टि से प्रभावित किसान सरकार की ओर उम्मीद भरी नजरों से देख रहे हैं की उनकी बर्बाद फसलों का आकलन करके शीघ्र मुआवजा उपलब्ध कराया जाए।
एसडीएम अभिषेक चौरसिया का कहना है कि अभी 8 गांव में ओलावृष्टि की सूचना प्राप्त होते ही पटवारियों की टीम को नुकसान का सर्वे करने के लिए भेजा गया है रिपोर्ट के आधार पर आगामी कार्यवाही की जाएगी।

बेगमगंज तहसील के ग्राम सीहोरा जागीर के खेत

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