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कब है पापमोचिनी एकादशी, जानिए तारीख और शुभ मुहूर्त

Astologar Gopi Ram : आचार्य श्री गोपी राम (ज्योतिषाचार्य) जिला हिसार हरियाणा मो. 9812224501
🚩 कब है पापमोचिनी एकादशी, जानिए तारीख और शुभ मुहूर्त
हिंदू धर्म में वैसे तो कई सारे पर्व त्योहार मनाए जाते है लेकिन इन सभी में एकादशी का व्रत श्रेष्ठ माना जाता है। एकादशी की तिथि श्री हरि विष्णु की प्रिय तिथियों में से एक है। एकादशी का व्रत भगवान विष्णु की पूजा आराधना को समर्पित होता है।
चैत्र मास में पड़ने वाली एकादशी को पापमोचिनी एकादशी के नाम से जाना जाता है इस दिन व्रत पूजन करने से भक्तों के सभी पाप कट जाते है और सुख समृद्धि व संपन्नता का आशीर्वाद मिलता है। तो आज हम आपको पापमोचिनी एकादशी व्रत पूजन की तारीख और मुहूर्त बता रहे है, तो आइए जानते है। आचार्य श्री गोपी राम से।
🙏🏻 एकादशी व्रत पूजन की तारीख और मुहूर्त
पंचांग के अनुसार इस साल पापमोचिनी एकादशी का व्रत 18 मार्च को किया जाएगा। इस बार एकादशी तिथि का आरंभ 17 मार्च को दोपहर 2 बजकर 6 मिनट पर से आरंभ होकर 18 मार्च की सुबह 11 बजकर 13 मिनट पर समाप्त हो जाएगा। ऐसे में इस व्रत 18 मार्च को करना उत्तम होगा।
💧 पापमोचिनी एकादशी के मुहूर्त एवं पारण टाइम
♦️ पापमोचिनी एकादशी : 18 मार्च 2023, शनिवार
♦️ चैत्र कृष्ण एकादशी का प्रारंभ- 17 मार्च 2023, शुक्रवार को 02.06 पी एम से
♦️ पापमोचिनी एकादशी का समापन- 18 मार्च 2023, शनिवार को 11:13 ए एम पर।
♦️ 19 मार्च को द्वादशी का समापन- 08:07 ए एम पर।
♦️ पारण/ व्रत तोड़ने का समय- 19 मार्च 2023, रविवार को 06:27 ए एम से 08:07 ए एम पर।
🍱 पापमोचिनी एकादशी की विधी
आपको बता दें कि इस दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान आदि करके पीले वस्त्र धारण करें इसके साथ ही उस दिन का व्रत आरंभ कर देना चाहिए फिर घर के मंदिर में वेदी बनाकर जौ, चावल, गेहूं, बाजरा, उड़द, मूंग और चने आदि रखें। फिर इसके बाद उस वेदी पर श्री हरि विष्णु की प्रतिमा को स्थापित करें साथ ही भगवान विष्णु को पीले पुष्प, फल, तुलस चढ़ाएं। भगवान की विधिवत पूजा आरधना करे इसके बाद अपनी इच्छा प्रभु से मन ही मन कहें और अंत में भगवान विष्णु की आरती पढ़ें। मान्यता है कि इस विधि से पूजा आराधना करने से भगवान की कृपा साध को जरूर मिलती है।
🙏🏻 पूजा विधि
👉🏻 एकादशी के दिन सुबह जल्दी उठकर स्‍नान के बाद पीले वस्त्र धारण करके व्रत का संकल्‍प लें।
👉🏻 घर के मंदिर में पूजा करने से पहले वेदी बनाकर 7 अनाज (उड़द, मूंग, गेहूं, चना, जौ, चावल और बाजरा) रखें।
👉🏻 वेदी के ऊपर कलश की स्‍थापना करें और उसमें आम या अशोक के 5 पत्ते लगाएं।
👉🏻 अब भगवान श्री विष्‍णु की मूर्ति या तस्‍वीर स्थापित करें और पीले फूल, ऋतु फल और तुलसी दल समर्पित करें।
👉🏻 फिर धूप-दीप से विष्‍णु की आरती उतारें।
👉🏻 शाम के समय भगवान विष्‍णु की आरती उतारने के बाद फलाहार ग्रहण करें।
👉🏻 पापमोचिनी एकादशी व्रत के दिन रात्रि में शयन नहीं करना चाहिए, बल्‍कि भजन-कीर्तन करते हुए जागरण करें।
👉🏻 अगले दिन ब्राह्मण और गरीब को भोजन कराएं और दान-दक्षिणा देकर विदा करें।
👉🏻 इसके बाद खुद भी भोजन कर व्रत का पारण करें।
✍🏼 उपाय
🪶 आपके पास गंगाजल हो तो एकादशी के दिन पानी में गंगा जल डालकर नहाएं।
🪶 एकादशी के दिन पितृ तर्पण करें, इससे पितृ देव खुश होते है तथा श्री विष्‍णु प्रसन्न होकर सभी पापों को नाश करके सुख-संपन्नता का आशीष देते हैं।
🪶 एकादशी के दिन भगवान विष्णु को सात्विक चीजों का भोग लगाएं तथा प्रसाद में तुलसी जरूर शामिल करें।

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